पंचायत का तुगलकी फरमान माथे का सिंदूर धुलवाकर करवाया तलाक

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तलाक

पंचायत का तुगलकी फरमान माथे का सिंदूर धुलवाकर करवाया तलाक

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सोनभद्र जिले में तलाक को लेकर पंचायत का एक अजीबोगरीब और तुगलकी फैसला सामने आया है। इस फैसले के अनुसार, महज़ पति ने पत्नि की मांग का सिंदूर धोकर ही उसे तलाक दे दिया. पूरा मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के गोटीबांध गांव का है. जानकारी के मुताबिक महिला अपने पति के चल रहे अवैध संबंधों से परेशान थी. जिसके चलते उसने अपने पति से अलग होने का फैसला लिया.

जिसके बाद जब उसका पति अपने मायके अपनी पत्नि को ससुराल ले जाने आया तो ग्राम पंचायत ने उसे ये फरमान सुना दिया. वहीं पीड़ित भोलागिरी की मानें तो मायके में दबाव के चलते उन्हें ऐसा करना पड़ा. रायपुर थाना क्षेत्र के गोटीबांध गांव निवासी मीना (40) पुत्री श्रृंगार गिरी का विवाह करीब 25 वर्ष पहले ग्राम धर्मदासपुर थाना रामपुर बरकोनिया निवासी संतोष पुत्र संतोष से हुआ था.

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दोनो की तीन संतान हैं, जिसमें दो बेटियां और एक बेटा है. बीते करीब एक वर्ष से दोनों में किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी कि, इसी बीच अचानक मीना ने संतोष से तलाक लेने का फैसला कर लिया. फैसले के बाद संतोष और उसके परिजनों को धर्मदासपुर से गोटीबांध बुलवाया गया.

जहां गांव वालों के मुताबिक गुरुवार को गांव में ही बने शंकर जी के मंदिर के चबूतरे पर ग्राम प्रधान के साथ ही करीब दर्जनों ग्रामीणों के समक्ष महिला का सिंदूर संतोष द्वारा लोटे के जल में तुलसीजल डालकर धोया गया. जिसके बाद दोनों का तलाक गांव वालों की नज़र में कबूल हो गया.

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वहीं तलाक लेने वाली महिला का कहना है कि, “उसके पति के अवैध संबंध चल रहा है. जिससे परेशान होकर उसने पंचायत की मदद से तालाक लिया है.” जबकि संतोष की मानें तो,” उनके बीच मामूली विवाद हुआ था. जिसके बाद मीना अपने घर चली गई थी. वहां उसने और उसकी पंचायत ने मिलकर जबरन तलाक ले लिया और मुझसे उसके माथे का सिंदूर धुलवा दिया.

मीना और संतोष के तीन बच्चे हैं. जिसमें से संतोष तलाक वाले दिन अपनी बड़ी बेटी और बेटे को लेकर अपने घर वापस लौट आया. जबकि उनकी तीसरी बेटी ने अपने मां के साथ रहने का फैसला किया. वास्तव में शादी के बाद ना जानें कितने तलाक आए दिन होते रहते हैं.

हालांकि पंचायत का ये तुगलकी फरमान ही है कि, महज़ माथे का सिंदूर धुल देने से तलाक कुबूल हो गया. शादी के 25 साल बाद पंचायत का ये तुगलकी फरमान इस समय पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है.

वहीं पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव की मानें तो,” जो भी घटनाक्रम हुआ है दोनों पक्षों की सहमति से हुआ है. हालांकि अगर कोई पक्ष शिकायत लेकर आता है तो उचित कार्यवाई की जाएगी.

 

Writer : Producer & Anchor – शुभ शुक्ला

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