December 2, 2020

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किसानों को स्वरोजगार खेती से जोड़ेगी लैंड परचेज स्कीम

लैंड परचेज स्कीम

किसानों को स्वरोजगार खेती से जोड़ेगी एसबीआई की लैंड परचेज स्कीम

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देश के गरीब और ग्रामीण वर्ग की आर्थिक स्थिति सबल हो, स्वरोजगार कर स्वाबलंबी बन सके और छोटे व भूमिहीन किसान भी खुद की जमीन पर खेती करके अपनी आमदनी बढ़ा सकें, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकार, केन्द्र व राज्य स्तर पर विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों की शुरुआत कर इस दिशा में काम कर रही है। कृषि क्षेत्र को और सक्षम बनाने पर जोर देते हुए सरकार द्वारा खेती-किसानी के क्षेत्र में भी दिन-प्रतिदिन नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं।
कृषि की आधुनिक तकनीकों से किसान को जोड़कर कृषि को मुनाफे का रोजगार बनाने पर फोकस किया जा रहा है। यही वजह है कि आज इस क्षेत्र में तमाम युवा व अच्छे नौकरी पेशा लोग भी हाथ आजमा रहे हैं औऱ किसानी कर रहे अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्त्रोत बन रहे हैं, ऐसे में जो किसान या गरीब-ग्रामीण बेरोजगार हैं या भूमिहीन हैं वो भी स्वरोजगार खेती को अपनाकर इस क्षेत्र में सफल बन सकें इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा एक स्कीम की शुरुआत की गई है।
लैंड परचेज स्कीम
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा किसानों को आर्थिक मदद देने वाली इस स्कीम का नाम है लैंड परचेज स्कीम। जिसके तहत छोटे व भूमिहीन किसानों व गरीब ग्रामीणों को खेती योग्य जमीन खरीदने के लिए बैंक द्वारा भूमि की कुल कीमत का 85 फीसदी लोन दिया जाएगा। इस 85 फीसदी रकम के लिए भूमि की कीमत बैंक ही तय करेगा। यदि भूमि का 85 फीसद 5 लाख रुपये अधिक हुआ तो स्कीम में आवेदक को पांच लाख तक का लोन देने का प्रावधान है।

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पिछले दिनों कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन में शहरों से बड़ी संख्या में गांवों की ओर पलायन हुआ है इनमें बहुत से लोग ऐसे हैं जो गांव लौटकर खेती को अपनी आय का जरिया बनाना चाहते हैं लेकिन जमीन की कमी या खेती योग्य जमीन के अभाव में खुद की खेती उनके लिए संभव नहीं हो पा रही। ऐसे लोग एसबीआई की लैंड परचेज स्कीम का लाभ उठा सकते हैं
85 फीसदी बैंक लोन पर कृषि योग्य भूमि खरीदकर किसान या जमीन के खरीदार को तत्काल सिर्फ 15 फिसदी रकम का ही भुगतान करना होगा। बैंक से लोन के रूप में ली गई इस रकम का भुगतान 7 से 10 साल में किया जा सकता है, खरीदी गई जमीन पर लोन चलने तक बैंक का अधिकार रहेगा, लोन की रकम चुकाने पर किसान को भूमि का मालिकाना हक मिल जाएगा।
लैंड परचेज स्कीम के तहत भूमिहीन किसानों के अलावा 2.5 एकड़ से कम सिंचित भूमि और 5 एकड़ से कम असिंचित भूमि वाले किसान भी इस लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। यदि खरीदी गई जमीनी खेती योग्य नहीं है तो लैंड परचेज स्कीम के तहत जमीन को खेती योग्य बनाने के लिए किसान को एक से दो साल का अतिरिक्त समय भी मिलता है, यानि अविकसित जमीन के लिए 2 साल और विकसित जमीन के लिए एक साल। यानि खरीदी गई भूमि पर उत्पादन शुरु होने से पहले के इस समय में किसान को लोन की किश्त का भुगतान नहीं करना पड़ता। ये समय पूरा होने के बाद यानि भूमि पर फसल उत्पादन शुरु होने से लेकर अधिकतम 9 से 10 साल में छमाही किश्त के जरिए लोन का भुगतान करना होगा।

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लैंड परचेज स्कीम के तहत आवेदन करने के लिए रखी गई शर्तों में मुख्य शर्त ये है कि, इस लोन के लिए आवेदन कर रहे व्यक्ति के नाम पर पहले से कोई बकाया ऋण न हो और पिछले लिए गए कर्ज की अदायगी समय से की गई हो। अच्छे रिकॉर्ड के आधार पर ही बैंक आवेदक के नए कर्ज के आवेदन पर विचार करेगा, इसके लिए आवेदक का कम से कम दो साल का लोन चुकाने का अच्छा रिकॉर्ड होना चाहिए। दूसरे बैंको के ऐसे उधार कर्ता भी इस लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो अपना कर्ज चुका चुके हों, शर्त वही है अच्छे रिकॉर्ड के आधार पर ही लोन दिया जाएगा।
कोरोना काल के चलते तमाम लोगों ने अपनी नौकरी-रोजगार गंवाए हैं, बहुत से लोग शहरों से बेरोजगार होकर गांवों में लौटे हैं, ऐसे में उन लोगों को खुद के रोजगार खेती से जुड़ने के लिए इस स्कीम के माध्यम से एक सुनहरा मौका मिला है। पैसे या भूमि के अभाव में खेती न कर पाने की समस्या हो तो उसके लिए 5 लाख तक यानि 85 फीसदी रकम को कर्ज के रूप में देकर बैंक आर्थिक मदद भी दे रहा है ताकि भूमिहीन, गरीब औऱ बेरोजगार व खेती की इच्छा रखने वाले, सभी लोग खेती योग्य जमीन खरीदकर स्वरोजगार हो सकें।

Writer : Producer & Anchor – स्मिथा सिंह 

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