September 18, 2021

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कहर बनकर टूटी आकाशीय बिजली, एक ही दिन में 72 लोगों की मौत

सैंकड़ों लोगों पर कहर बनकर टूटी मौत की बिजली

सैंकड़ों लोगों पर कहर बनकर टूटी मौत की बिजली

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बीते रविवार को देशभर में अलग अलग जगह बिजली गिरने से करीब 72 लोगों की एक ही दिन में मौत हो गई। ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब बिजली गिरने से इतने लोगों की मौत हुई हो बल्कि हर साल ही हज़ारों लोगों की जान बिजली गिरने से चली जाती है। अधिकतर मानसून आने के बाद या बरसात के मौसम में बिजली गिरने की घटना सामने आती है।

आकाशीय बिजली पर भारत सरकार की रिपोर्ट के अनुसार एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 के बीच देश में आकाशीय बिजली से 1,619 लोगों की जान गई। एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली करीब 35.3 प्रतिशत मौतें आकाशीय बिजली गिरने से होती हैं। हर साल बिजली गिरने की घटनाओं के बावजूद लोग इससे कोई सबक नहीं लेते और बिलकुल भी सावधानी नहीं बरतते हैं। बिजली गिरने को रोका तो नहीं जा सकता लेकिन थोड़ी सावधानी बरत कर इससे जान जरूर बचाई जा सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आकाशीय बिजली गिरने से 70 प्रतिशत मौतें उन लोगों की हुईं जो पेड़ के नीचे खड़े थे जबकि करीब 25 फीसदी लोग खुले मैदान में थे। सरकार की वार्षिक आकाशीय बिजली रिपोर्ट 2020-2021 के मुताबिक देश में आकाशीय बिजली की घटनाओं में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

बीते समय में बिजली गिरने की सबसे ज्यादा घटनाएं ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और झारखंड में हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019-2020 में देश में आकाशीय बिजली गिरने की 138, 00,000 घटनाएं हुईं जबकि 2020-2021 में यह संख्या बढ़कर 185,44,367 हो गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों, मवेशी चराने वाले लोगों, बच्चों, खुले में काम करने वाले लोगों को आकाशीय बिजली के बारे में यदि जागरूक किया जाए तो इससे जान एवं माल का नुकसान कम हो सकता है। दरअसल, मानसून के आने के समय या इससे पहले किसान कृषि कार्यों के लिए खेतों और बगीचों में होते हैं। इस दौरान बिजली गिरने से लोगों की ज्यादा मौत होती है। बारिश से बचने की कोशिश में लोग पेड़ की आट लेते हैं, इस दौरान वो चपेट में आते हैं।

आसमानी बिजली का असर ह्यूमन बॉडी पर कई गुना होता है। डीप बर्न होने से टिशूज डैमेज हो जाते हैं। उनको आसानी से ठीक नहीं किया जा सकता है। बिजली का असर नर्वस सिस्टम पर पड़ता है। हार्ट अटैक होने से मौत हो जाती है। इसके असर से शारीरिक अपंगता का खतरा होता है। आकाशीय बिजली की प्रक्रिया कुछ सेंकेड के लिए होती है, लेकिन इसमें इतने ज्यादा बोल्ट का करंट होता है कि आदमी की जान लेने के लिए काफी होता है। क्योंकि इसमें बिजली वाले गुण होते हैं तो ये वहां ज्यादा असर करती है, जहां करेंट का प्रवाह होना संभव होता है। आकाश से गिरी बिजली किसी न किसी माध्यम से जमीन में जाती है, और उस माध्यम में जो जीवित चीजें आती हैं, उनको नुकसान पहुंचता है। इसलिए ध्यान रखें जब भी बिजली कड़के तो आपको सबसे पहले अपने आप को उससे सुरक्षित रखना है।

  1. अगर आप बिजली गरजते वक़्त बाहर हैं तो किसी भी बिल्डिंग में जाकर तूफ़ान ख़त्म होने का इंतज़ार करें।
  2. अगर आप कहीं बाहर खुले मैदान में हैं तो बिजली कड़कने की स्तिथि में अपनी दोनों एड़ियों को जोड़कर जमीन पर पर उकड़ू बैठ जाएं। अगर इस दौरान आप एक से ज्यादा लोग हैं तो एक दूसरे का हाथ पकड़कर बिल्कुल न रहें, बल्कि एक दूसरे से दूरी बनाकर रखें।
  3. छतरी या सरिया जैसी हर चीज से खुद को दूर रखें, ऐसी चीजों पर बिजली गिरने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। पुआल आदि के ढेर से दूर रहें, क्योंकि उसमें आग लग सकती है।
  4. अगर किसी पानी वाली जगह हैं तो तुरंत बाहर निकलने की कोशिश करें।
  5. बच्चों को बिजली के किसी भी उपकरण से दूर रखें। मोबाइल चार्ज या किसी अन्य उपकरण को प्लग करने के साथ उसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
  6. जानकारों के मुताबिक मोबाइल फोन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड होता है अगर आप किसी ऐसी जगह मौजूद हों जहां बिजली चमक रही हो, तो मोबाइल फोन का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बिजली को अपनी ओर खींच लेगा। ऐसी स्थिति में अपने फोन को या तो ऑफ कर दें या उसको दूर रख दें। क्योंकि बिजली की तरंगें मोबाइल में प्रवेश कर सकती हैं जिससे इंसान के सिर, कंधे और गले पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालता है। -इससे किसी के दिल की धड़कन रूक सकती है या फिर उनके अंदरूनी अंग जल सकते हैं।
  7. बिजली गिरने के बाद तुरंत बाहर न निकलें क्योंकि अधिकाशं मौतें तुफ़ान गुज़र जाने के 30 मिनट बाद तक बिजली गिरने से होती हैं।अगर बादल गरज रहे हों, और आपके रोंगटे खड़े हो रहे हैं तो ये इस बात का संकेत है कि बिजली गिर सकती है। ऐसे में नीचे दुबक कर पैरों के बल बैठ जाएँ।
  8. बिजली गिरने से अकसर दो जगहों पर जलने की आशंका रहती है- वो जगह जहाँ से बिजली का झटका शरीर में प्रवेश किया और जिस जगह से उसका निकास हुआ जैसे पैर के तलवे।
  9. अगर किसी पर बिजली गिरी है तो फ़ौरन उनकी नब्ज़ जाँचे और अगर आप प्रथम उपचार देना जानते हैं तो ज़रूर दें।
  10. जिन लोगों पर बिजली गिरती है उनके शरीर पर ‘लाइटनिंग ट्री’ या ‘लाइटनिंग फ्लावर’ नाम की एक आकृति बन जाती है जो ख़ून ले जाने वाली छोटी-छोटी वाहिनियों के फूटने से बनती है।
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