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18 वर्षों बाद 17 सिंतबर को भाकियू ने दोहराई किसान महापंचायत की परंपरा

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17 सिंतबर से उत्तर प्रदेश के सिसौली में भारतीय किसान यूनियन द्वारा मासिक पंचायत की परंपरा शुरू हो चुकी है। आपको बता दें कि भारतीय किसान यूनियन की स्थापना चौधरी चरण सिंह द्वारा की गई थी। जबकि इसकी उत्तर प्रदेश ब्रांच के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत थे जो 17 अक्टूबर 1986 में इससे जुड़े थे। उसके बाद 17 सितम्बर से सिसौली में हर साल एक किसान पंचायत का आयोजन किया जाता था। इस परंपरा को 18 सालों बाद अब फिर से शुरू किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, बीते दिन हुई पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं से कहा कि अब हर माह की 17 तारीख को सिसौली में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं की पंचायत हुआ करेगी, ताकि पंचायत के बहाने सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी आपस मे मिल बैठ सकें एवं संगठन हित मे अहम फैसले लि ए जा सकें तथा किसानो के हितो की रक्षा के लिए रणनीति तैयार की जा सके। इसके अलाव उन्होंने कहा कि, चौ.नरेश टिकैत ने पंचायत को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाकियू हमेशा से किसान हितो की लडाई लडती रही है। और आगे भी किसान मजदूरो के हक की लडाई मे बढ़चढ़ कर हिस्सा लेगी।

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चौधरी नरेश टिकैत ने बुधवार को बताया कि आपस में मिल बैठने से एक दूसरे की समस्याओं का पता चलता है और हम उनका समाधान कराने के लिए उचित कदम उठा सकते हैं। पंचायत में उन्होंने ये भी संदेश दिया कि, अगर अधिकारियों ने गुण्डागर्दी दिखाई तो बक्कल उधेड़ देगे। किसान की फसलो को अगर हाथ लगाया तो अन्जाम के लिए तैयार रहे।

सिसौली में चल रही भाकियू की पंचायत में ये भी निर्णय लिया गया कि भूमि अधिग्रहण और गन्ना भुगतान के लिए 21 सितंबर को जिले पर ज्ञापन दिया जायेगा। 25 सितंबर को कमिश्नर का घेराव किया जायेगा। इसके अलावा फसल पर बुलडोजर चलाने पर भी किसानों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया

17 सितम्बर को हुई इस महापंचयत में चौधरी नरेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक और युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने हिस्सा लिया। पंचायत में तीन किसान विरोधी कृषि अध्यादेशो एवं किसानों की प्रमुख समस्याओं पर किसान आंदोलन को तेज किए जाने की योजना बनाई गई।

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