September 18, 2021

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1 सितंबर से छत्तीसगढ़ में शुरू होगी राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए पंजीयन की प्रक्रिया

राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना

1 सितंबर से छत्तीसगढ़ में शुरू होगी राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए पंजीयन की प्रक्रिया

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छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गरीब किसान मजदूरों के लिए शुरू की गई राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत अब 1 सितंबर से ग्रामीण मजदूरों के पंजीयन का काम ग्राम पंचायतों में शुरू हो जाएगा। पंजीयन कराने की आखिरी तारीख सरकार द्वारा 30 नवंबर तय की गई है। इस बीच योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीण अपनी अपनी ग्राम पंचायतों में जाकर अपना पंजीयन करा सकते हैं।  

आपको बता दें कि योजना के अंतर्गत चुने गए भूमिहीन कृषि मजदूरों को सरकार की तरफ से सालाना 6 हजार रूपये आर्थिक सहायता के तौर पर दिए जाएंगे। ये काफी हद तक केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना की ही तरह है। हालांकि इसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अलग से केवल भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए शुरू किया गया है।

इस बारे में और अधिक जानकारी देने के लिए बीते बुधवार को कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर की अध्यक्षता में एक गरियाबंद जिले में एक जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें समिति सदस्यों को योजना क्रियान्वयन व पात्र मजदूरों के सर्वे के संबंध में जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए।

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इस दौरान कलेक्टर क्षीरसागर ने कहा कि सभी अधिकारियों को इस बात का बखूबी ध्यान रखना होगा कि योजना में अपात्र लोगों को शामिल ना किया जाए। ग्राम पंचायतों में पर्याप्त मात्रा में आवेदन फार्म की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही पूरे राज्य में योजना का अच्छे से प्रचार प्रसार करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गांवों मे मुनादी, पैम्प्लेट, छत्तीसगढ़ी वीडियो क्लीपिंग आदि का इस्तेमाल किया जाए।

जानकारी के लिए बता दें कि, भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए राज्य शासन द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से शुरू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के ऐसे ग्रामीणों और निवासियों को लाभ मिलेगा जिनके पास अपनी खुद की जमीन नहीं है और वो पट्टे पर जमीन लेकर खेती करते हैं। इतना ही नहीं, पट्टे पर प्राप्त शासकीय भूमि यथा वन अधिकार प्रमाण पत्र को कृषि भूमि माना जाएगा।

इसके अलावा राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना का लाभ लेने वालों में सरकार द्वारा ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाइ, घोबी, पुरोहित जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक आदि को भी शामिल किया है लेकिन यहां भी योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है।

खेती-बाड़ी और किसानी से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

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