February 21, 2024

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देश का सबसे लंबा पुल बन कर हुआ तैयार, भूपेन हजारिका रखा नाम

देश का सबसे लंबा पुल बन कर हुआ तैयार, भूपेन हजारिका रखा नाम

देश का सबसे लंबा पुल बन कर हुआ तैयार, भूपेन हजारिका रखा नाम

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दो राज्यों को जोड़ने वाला हजारिका पुल बन कर तैयार हो गया है. अरुणाचल प्रदेश के ढोला गांव और असम के सदिया गांव को जोड़ने वाला ये पुल भारत में बने सभी पुलों में सबसे बड़ा पुल है. इसके पुल के बनने से जहां लोगों को काफी आसानी हो रही है. वहीं इस पुल के बनने से अरुणाचल प्रदेश और असम की दूरी को काफी कम समय में तय किया जा सकता है.

भूपेन हजारिका के नाम से बने इस पुल का नाम भूपेन हजारिका सदिया के रहने वाले संगीतविद् भूपेन के नाम पर रखा गया है. पुल के उद्घाटन करते समय प्रधानमंत्री मोदी ने इस पुल के नाम के बारे में जानकारी दी. वहीं भूपेन पुल का निर्माण कार्य 2011 में शुरु हो गया था. जो अब पूरी तरफ बनकर तैयार हो गया है.

9.15 किलोमीटर लंबा पुल भारत का सबसे बड़ा पुल है, सदिया में बने इस पुल की कुल लागत 2,056 करोड़ की है. जो मुंबई में स्थित बांद्र-वर्ली सी-लिंक से भी बड़ा है.

इस पुल के बनने से जहां सामरिक रूप से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच में लगने वाले चार घंटे की समय सीमा में कमी आयेगी. वहीं गांव के आस पास के लोगों को भी इस पुल से काफी लाभ मिलेगा.

भूपेन पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किलोमीटर और अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से 300 किलोमीटर दूर है. लेकिन सदिया नामक नदी पर बना ये पुल दोनों राज्यों की 165 किलोमीटर की दूरी को कम करता है.

वहीं इस पुल से सीमावर्ती राज्य अरुणाचल प्रदेश तक सैनिकों की मदद के लिए आर्टिलरी के टैंको के आवागमन के हिसाब से डिजाइन किया गया है. ताकि चीन से बनते खतरे से निपटा जा सके.

पुल उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, यह पुल आर्थिक क्रांति के लिए नींव के तौर पर देश को सेवा देगा, हमारी महाशक्ति बनने के प्रयासों की दिशा में भी यह पुल काफी सहयोगी साबित होगा. वहीं ये पुल अरुणाचल प्रदेश और असम के लोगों को और नजदीक लेके आयेगा.

इसके अलावा उन्होनें कहा कि इस पुल से विकास के नये मार्ग खुलेंगे. यह पुल दोनों राज्यों के विकास में भागीदार होगा. वहीं उन्होनें पूर्वोत्तर के किसानों द्वारा उगाये उच्च  गुणवत्ता वाले अदरक के लिए नया मार्ग बनेगा. जिससे किसानों के लिए हितकारी साबित होगा. वहीं इससे किसानों की वित्तीय हालात में भी सुधार आयेगा. इसके अलावा पीएम मोदी ने किसानों को जैविक अदरक की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा की अगर किसान जैविक तरीके से अदरक का उत्पादन करते हैं तो वैश्विक बाजार के द्वारा हमारे लिए खुलेंगे.

वहीं पुल के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी इस पुल पर काफी दूर तक चले. इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, असम के राज्पाल बनवारी लाल पुरोहित, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का काफिल इस पुल से होकर गुजरा.  

 

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