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महाराष्ट्र में सरकार बनाना भाजपा के लिए चुनौती, शिवसेना ने बढ़ाई मुश्किलें

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Shivsena

प्रतिकात्मक चित्र

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देश के दो बड़े राज्यों महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव हुए लगभग एक सप्ताह बीत चुका है। हरियाणा में भाजपा को बहुमत हासिल नहीं हुआ था बावजूद इसके भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने में समर्थ रही। यदि महाराष्ट्र की बात करें तो शिवसेना और भाजपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था जिसमें दोनों के गठबंधन को बहुमत हासिल हुआ था।

भाजपा और शिवसेना के में 50-50 के फोर्मूले पर फंसा पेंच

महाराष्ट्र में बहुमत हासिल होने के बाद भी भाजपा इस राज्य में सरकार बनाने में असमर्थ नजर आ रही है। इसका मुख्य कारण है शिवसेना का अपनी मांगो पर अड़ें रहना। दरअसल शिवसेना ने चुनाव से पहले ही गठबंधन के दौरान भाजपा के सामने 50-50 फोर्मूले कि मांग रखी थी। इसके मांग के तहत शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद कि मांग की थी। 50-50 फोर्मूले पर शिवसेना का कहना था कि ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री बने और ढाई साल भाजपा का मुख्यमंत्री बने इसी के साथ मंत्रालय भी बराबर कि हिस्सेदारी हो। चुनाव जीतने के बाद से ही दोनों पार्टियों के बीच रस्साकशी चल रही है।

भाजपा शिवसेना कि बात मानने को तैयार नहीं है वही शिवसेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसी मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से शिवसेना कि मुलाक़ात होनी थी जो इसी रस्साकशी कि वजह से रद्द हो गई। दोनों पार्टियों के मुख्य नेताओं कि ओर से कई बार बयान भी सामने आ चुके हैं। इस बीच शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुनकर भाजपा को चौंका दिया।

शिवसेना कि ओर से एकनाथ शिंदे और अदित्य ठाकरे ने राज्यपाल से मुलाक़ात की जिसके बाद सरकार बनाने को लेकर उन्होने कोई और ब्यान नहीं दिया। इसी बीच शिवसेना के नेता संजय राऊत ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलकर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। संजय राऊत ने शरद पवार से मिलकर उनको दीपावली कि शुभकामनाए दी। इसी बीच इन दोनों नेताओं कि इस मीटिंग के कई सियासी मतलब निकाले जा रहे हैं।

शिवसेना पहले ही कह चुका है कि महाराष्ट्र को शिवसेना से मुख्यमंत्री चाहिए। भाजपा और शिवसेना की इसी खींचतान के बीच महाराष्ट्र काँग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्वन, पृथ्वीराज चव्हाण, बालासाहेब थोराट सरकार काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात करेंगे। इन सब चीजों को लेकर कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि यदि शिवसेना कि बात भाजपा के साथ नहीं बनती है, तो हो सकता है कि शिवसेना काँग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। फिलहाल महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर रस्साकशी जारी है।

 

 

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