February 21, 2024

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प्रयागराज की धरती में इस बार कर सकेंगे अक्षयवट, सस्सवती कूप के दर्शन

अक्षयवट सस्सवती कूप के दर्शन

प्रयागराज की धरती में इस बार कर सकेंगे अक्षयवट सस्सवती कूप के दर्शन

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प्रयागराज की धरती पर इस साल लगने वाला कुंभ मेले का आयोजन काफी भव्य होने वाला है. जनवरी 2019 में प्रयागराज में अर्धकुंभ का आयोजन होने जा रहा है. वही इस बार कुंभ मेले का आयोजन 20 किमी से बढ़कर 45 किलोमीटर में हो रहा है. इसके साथ ही इस बार कुंभ के दर्शन या फिर लोग अक्षयवट का दर्शन भी इलाहबाद किले में कर पाएंगे. इतना ही नहीं, इस बार से सरस्वती कूप दर्शन भी सभी के लिए संभव हो पाएगा.

वहीं प्रयागराज की महापौर अभिलाषा नंदी का कहना है कि इस बार कुंभ मेले का क्षेत्र दोगुने से भी अधिक हुआ है. जहां पिछले साल का कुंभ मेला 15-20 किलोमीटर क्षेत्र के दायरे में हुआ था. इस बार उसका क्षेत्र 45 किलोमीटर रहने वाला है. इसके साथ ही अक्षयवट तक जाने के लिए अच्छी सड़क का भी इंतजाम किया जा रहा है. ताकि भक्तों को कोई दिक्कत न हो.

चलिए अब हम आपको बताते हैं कि आखिर अक्षयवट होता क्या है,  महापौर अभिलाषा ने कहा कि अक्षयवट के दर्शन करने का सुख पूरी दुनिया में सिर्फ चार जगह ही मिलता है जहां कुंभ का आयोजन होता है. इसके अलावा हर बार अक्षयवट किले में बंद रहता था लेकिन इस बार यहां आने वाला हर भक्त त्रिवेणी में स्नान करने के बाद अक्षयवट के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त कर सकेगा. ऐसा कहा जाता है कि, अक्षयवट में हर इच्छा पूरा करने की शक्ति होती है. जिसकी वजह से उसकी पौरणिक महत्वा काफी ज्यादा है.

वहीं अगर इसकी पौराणिक कथाओं की बात करें तो, जब संत मार्कंडेय ने भगवान नारायण से अपनी शक्ति के प्रदर्शन के लिए कहा था तो एक पल के लिए उन्होंने सारे विश्व को जल में समा दिया था. हालांकि इसके बाद भी एक अक्षयवट ही थी. जिसका ऊपरी हिस्सा जलमग्न धरती पर दिखाई दे रहा था.

इन सबके अलावा इस बार के कुंभ मेले में अक्षयवट के दर्शन के साथ साथ सरस्वती कूप के भी दर्शन संभव होंगे. मान्यताओं के मुताबिक सरस्वती कूप पृथ्वी का सबसे पवित्र कुआं है. ऐसा कहा जाता है कि, संगम जो अदृश्य सरस्वती है वो इस ही कूप में वास करती हैं. वहीं उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि, ऐसा पहली बार हो रहा है कि, इस बार श्रद्धालु इस कुंभ में जल, थल और वायु तीनों मार्ग से कुंभ आ पाएंगे.

वहीं जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज दौरे पर आए थे, उस दौरान उन्होंने अक्षयवट को लेकर ऐलान कर कहा था कि, इस बार के कुंभ में श्रद्धालु अक्षयवट के दर्शन कर पायेंगे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि, इस बार का कुंभ दर्शनीय, अद्भुत, दिव्या और भव्य होगा. योगी ने कहा था कि इस बार अर्धकुंभ में सभी को आधुनिकता और तकनीक के साथ संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा.

वहीं बीते दिनों लखनऊ में आयोजित युवा कुंभ में योगी ने कहा कहा कि, हिंदुस्तान की एकता और अखंडता का रूप है, कुंभ. इसमें युवा के जुड़ने की बेहद जरूरत है. राज्य सरकार श्रद्धालुओं को हर संभव मदद देने की कोशिश करेगी. इसके साथ ही हमारी सरकार मुनि भारद्वाज और मां सरस्वती की बड़ी मूर्ति भी बनवाएगी.

 

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