October 24, 2021

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दुनिया का अनूठा एक्सप्रेस-वे होगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, देखिए पूरा रूट मैप

दुनिया का अनूठा एक्सप्रेस-वे होगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे

दुनिया का अनूठा एक्सप्रेस-वे होगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे

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किसी देश में विकास किस रफ़्तार से दौड़ रहा है ये पता उस देश की सड़कें देखकर लगाया जा सकता है। और इस मामले में भारत अब दुनिया के बड़े-बड़े देशों को टक्कर दे रहा है. अब आप जल्द ही दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों के बीच की दूरी सड़क के रास्ते सिर्फ 12 घंटे में तय कर पाएंगे. जी हाँ, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का स्पीड टेस्ट भी ले लिया.केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एमपी को सड़कों की सौगात देने आए थे. लगे हाथ उन्होंने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर स्पीड टेस्ट भी ले लिया.  गाड़ी 170 किमी की रफ्तार से फर्राटे भरते हुए दौड़ी. तेज रफ्तार कार में उन्होंने थर्मस खोलकर चाय भी पी.  मतलब हाईवे इतना स्मूथ है कि गाड़ी में बिना झटके खाए ही आराम से दिल्ली से मुंबई पंहुचा जा सकता है। तो दिल्ली से मुंबई का सफर आने वाले समय में महज 12 से 13 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस समय दिल्ली से मुंबई की दूरी सड़क से करीब 1,510 किलोमीटर है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद इसकी दूरी 1,350 किलोमीटर रह जाएगी। ये एक्सप्रेस-वे फिलहाल आठ लेन का होगा। इस रूट पर हरियाणा का गुरुग्राम, मेवात, राजस्थान का रंथभौर, कोटा, मुकुंदरा सेंक्चुरी, मध्यप्रदेश में रतलाम, गुजरात में दाहोद, गोधरा, वडोदरा, सूरत जैसे बड़े शहर पड़ेंगे।  यही नहीं दिल्ली से चंडीगढ़, दिल्ली से हरिद्वार और दिल्ली से देहरादून सिर्फ दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा।  दिल्ली से कटरा का सफर 6 घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा। और चार घंटों में दिल्ली से अमृतसर पहुंचा जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस एक्सप्रेस वे पर हैलीपैड भी बनाया जाएगा। इससे दुर्घटना की सूरत में पीड़ितों को जल्द से जल्द निकाला जा सकेगा। इसके अलावा ड्रोन ऑपरेशन की भी योजना है। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस वे के दोनों और इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर बनाने का भी योजना है। इसके लिए राज्य सरकार कोई विशेष योजना बनाएं तो सड़क मंत्रालय पूरा सहयोग करेगा।ये हाइवे एक्सेस कंट्रोल है। इसका मतलब है कि हाइवे की बीच में एक तरफ से दूसरी तरफ कोई भी आ जा नहीं सकेगा। एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा होने के बाद फ्यूल की खपत में 32 करोड़ लीटर की कमी भी आएगी। CO2 उत्सर्जन में 85 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी जो कि चार करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। यह पर्यावरण के लिए काफी फायदेमंद होगा। हाइवे पर हर 500 मीटर पर रेन वॉटर हार्वेसटिंग सिस्टम होगा। एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ 40 लाख पेड़ लगाए जाने की योजना है। यह एशिया का पहला ऐसा हाइवे हैं जिसके निर्माण में वन्यजीवों के लिए ग्रीन ओवरपास की सुविधा दी जाएगी। इसके अंतर्गत आठ लेन की दो सुरंग बनाई जाएगी। इनमें से एक सुरंग पहले राजस्थान के मुकुंदरा सेंक्चुरी के नीचे से बनाई जा रही है। दूसरी सुरंग महाराष्ट्र के माथेरान ईको सेंसिटिव जोन में बनाई जाएगी। इसकी लंबाई भी चार किलोमीटर है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे मुकंदरा और रणथंभौर से होकर भी गुजर रहा है। ऐसे में वन्यजीवों को प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए साइलेंट कॉरिडोर लाया जा रहा है।  तो ये कहना गलत नहीं होगा कि भारत में वर्ल्ड क्लास, यूके और यूएसए से भी बेहतरीन हाइवे निर्माण किए जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई ग्रीनफील्ड राजमार्ग दुनिया का सबसे लंबा हाइवे बन रहा हैं।

मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि फिलहाल यह एक्सप्रेसवे आठ लेन का है। आने वाले दिनों में इसे 12 लाइन का किया जाएगा। हाइवे के बीच में 21 मीटर चौड़ी जगह छोड़ी जा रही है। जैसे ही इस हाइवे पर ट्रैफिक बढ़ेगा। दोनों ओर 2-2 लेन और बना दी जाएंगी। इस हाइवे को इलेक्ट्रिक हाइवे बनाया जाएगा ताकि ट्रेनों की तर्ज पर बसे और ट्रक भी इलेक्ट्रिक तरीके से चल सके। अभी तक पूरे वर्ल्ड में इतना लंबा 12 लेन का हाइवे कहीं नहीं है।

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