September 18, 2021

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कोरोना काल में मन रही जन्माष्टमी, न सजी झांकी न फूटी दही हांडी

कोरोना काल में मन रही जन्माष्टमी, न सजी झांकी न फूटी दही हांडी

कोरोना काल में मन रही जन्माष्टमी, न सजी झांकी न फूटी दही हांडी

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आज ब्रज सहित देश और विदेश में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। साल 2013 के बाद मध्य रात्रि में अष्टमी व रोहिणी नक्षत्र दोनों एक साथ आ रहे हैं। ऐसा योग द्वापर में भगवान के जन्म के समय बना था। भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को मनाने के लिए मथुरा में जन्माष्टमी की तैयारियां जोर-शोर से की गई है। सिर्फ मथुरा में ही करीब 750 हाेटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस समेत करीब 10 हजार से ज्यादा फ्लैटों में सभी रूम फुल हैं। श्रीकृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट के सचिव कपिल शर्मा का कहना है कि इस बार 25 लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। क्योंकि कोरोना की वजह से पिछले साल जन्माष्टमी पर सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हुआ था। इसलिए अब राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आ रहे हैं। मथुरा के रामलीला मैदान में रविवार से तीन दिवसीय कृष्णोत्सव कार्यक्रम का आयोजन होगा और आज जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसमें शामिल हो रहे हैं।

श्रद्धालु घरों और मंदिरों में भगवान की झांकी सजाने में, प्रसाद और रात को श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। मथुरा ही नहीं कई मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए भजन-कीर्तन, गीत-संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच कृष्ण की आराधना होगी। रात के 12 बजे आज पूरा वातावरण शंखनाद, जयघोष, मंत्रोचारण, सोहर और भजनों से गूंज उठेगा। मंदिरों में जन्माष्टमी पर झांकियां सजाकर भजन-कीर्तन के कार्यक्रम होंगे। हर साल की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाकर लड्डू गोपाल को झूला झूलाकर आरती की जाएगी। पंचामृत में तुलसी डालकर और माखन मिश्री का भोग लगाकर प्रसाद बांटा जाएगा।

हालंकि लगभग हर जगह कोरोना को लेकर कई प्रोटोकॉल हैं। जन्माष्टमी को लेकर नमंदिरों में सजावट तो की जा रही है लेकिन पहले की तरह आयोजन नहीं किए जा रहे हैं। कोविड की वजह से इस बार आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद नहीं देने का फैसला किया गया है. इस बार मंदिर में पिछली बार की तरह झांकियां भी नहीं सजाई जाएंगी। कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए इस बार भी दही-हांडी का आयोजन नहीं होगा. इसके अलावा मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ पर भी अंकुश रहेगा. जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक, धार्मिक स्थल के प्रवेश द्वार पर सैनेटाइजर डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करना जरुरी होगा। मंदिर परिसर में कोविड लक्षण वाले लोगों को प्रवेश की अनुमति नही दी जाएगी. फेस कवर या मास्क का उपयोग ना करने वाले व्यक्तियों को भी मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। एकसाथ भीड़ के मंदिर में जाने पर पाबंदी लगाई गई है।

उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी को देखते हुए रात 10 बजे से नाइट कर्फ्यू लागू है. लेकिन कृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर इसमें एक दिन के लिए छूट दी गई है. मंगलवार से नाइट कर्फ्यू फिर से लागू हो जाएगा.हालांक‍ि इस दौरान कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी होगा। हीं, Afghanistan संकट के चलते आतंकी घटनाओं के खतरे को देखते हुए बड़े मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया है। बता दें कि अफगानिस्तान के काबुल में ISIS-K आतंकी संगठन द्वारा आत्मघाती हमले के बाद भारत में भी अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने भी जन्माष्टमी के त्यौहार को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इसके अलावा लोगों से कोविड से बचाव के नियमों का पालन करने को कहा गया है।

कोरोना महामारी को देखते हुए गुजरात सरकार ने 8 बड़े शहरों में रात्रि कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है। दरअसल जन्माष्टमी के मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा ना हो इसलिए 30 अगस्त की मध्य रात्रि से रात 1 बजे तक प्रदेश के 8 शहरों में रात्रि कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया है। यह पाबंदी अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर, गांधीनगर और जूनागढ़ में लागू होगी।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की जुटने वाली भीड़ कहीं कोरोना के लिहाज से खतरा न बन जाए। क्योंकि इसमें कोविड गाइड लाइन का रत्तीभर भी पालन नहीं हो सकता। न तो सोशल डिस्टेंसिंग नजर आएगी और न ही लोगों के चेहरे पर अभी से मास्क नजर आ रहे हैं। कोरोना की पिछली लहर कुंभ और होली के आयोजन के ठीक बाद आ गयी थी। जिसमें न केवल बड़ी संख्या में लोग कोरोना पॉजिटिव हुए, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में जन्माष्टमी पर आने वाली भीड़ खतरनाक हो सकती है। तो कोरोना गाइडलाइन्स और प्रोटोकॉल का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।

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