October 1, 2023

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अंशुल सक्सेना जिन्हे साइबर सोल्जर कहना बिल्कुल भी ग़लत नहीं होगा !

अंशुल सक्सेना
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देश में इन दिनों पुलवामा हमले को लेकर गुस्सा भड़का हुआ है। हर कोई अपने देश के जवानों की शहादत का ग़म बना रहा है। इस बीच तरह तरह की बातें सामने आ रहीं हैं लोग पकिस्तान से बदला लेने के लिए उतावले हुए जा रहे हैं तो कुछ लोग फेक पोस्ट पढ़कर अपना गुस्सा दिखा रहे हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लोग शांतिप्रिय ढंग से विरोध कर रहे हैं तो कुछ लोग पुलवामा हमले के बाद उग्र भी हो गए हैं। कुल मिलाकर कहु तो देश में जब हमें शहादत पर एकजुट होकर खड़े होने चाहिए तब भी हमने एक साथ ना खड़े होकर एक दूसरे को गरियाने का कोई मौका नहीं छोड़ा।

अंशुल सक्सेना

जैसे की हमे कोई मौका मिल गया है एक दूसरे को लपेटने का। देशद्रोहियों से निपटने के लिए कुछ लोग मारपीट कर रहे हैं तो कुछ लोग देशद्रोहिया को सोशल मीडिया पर मजा चखाने की बातें कर रहे हैं। वहीं हमारे देश में ही कुछ ऐसे भी नागरिक हैं जो देश के शहीदों की शहादत का ही मजाक बना रहे हैं। जो सोशल मीडिया के ज़रिए शहीदों के ऊपर जोक्स बना रहे हैं तो कुछ लोग उनकी शहादत पर ही सवाल उठा रहे हैं। इस बीच एक ऐसा लड़का भी है जिसने इस दौरान ऐसे देशद्रोहियों को जमकर सबक सिखाया है। इस लड़के ने शहीदों का मजाक उड़ाने वालों को उन्ही की भाषा में गन्दा ज़वाब नहीं दिया। बल्कि कानून से इन सभी को सज़ा दिलवाई। जी हाँ, इस लड़के का नाम है अंशुल सक्सेना। जिसने सोशल मीडिया पर शहीदों का मजाक बनाने वालों के स्क्रीन शॉट लेकर साइबर सेल और पुलिस को ट्वीट किए और साथ ही मेल कर फेसबुक के ज़रिए उस शख्स की साडी जानकारी मुहैय्या करवाई।

अंशुल सक्सेना

यही नहीं ऐसे ही कई देशद्रोहियों को मजा चखाने के लिए अंशुल ने लोगों से भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए अपील की कि सभी लोग ऐसे देशद्रोहियों को सामने लाएं। अंशुल सक्ससेना ने ऐसे कई लोगों का डाटा निकाला और सभी की कम्प्लेन की जिसके बाद शुरू हुई देशद्रोहियों पर कार्रवाई। ऐसे कई लड़के जो हमारे देश के जवानों या भारत का मजाक उड़ाते पकड़े गए उनके खिलाफ एफआईआर हुई किसी को कॉलेज से ससपेंड कर दिया गया तो किसी को नौकरी से निकाल दिया गया। किसी ने खुद सोशल मीडिया पर माफ़ी मांगी तो किसी ने आगे से ऐसा ना करने की कसम भी खाई।

अंशुल सक्सेना

अंशुल सक्सेना

मतलब ये कि अंशुल सक्ससेना ने बिना लोगों की भावनाएं भड़काए बिना सोशल मीडिया पर गाली गलोच किए ही ऐसे देशद्रोहियो को मजा चखा दिया। अंशुल सक्ससेना ने ये कर के ये साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा दिखाने दूसरों की भावनांए भड़काने से अच्छा है कि हम अपने देश के कानून में भरोसा रखें और एक अच्छे नागरिक होने के नाते हर समस्या से सही तरीके से निपटे। आप लोगों से भी ये अपील है कि देश के शहीदों की शहादत पर श्रद्धांजलि दें ना कि सोशल मीडिया पर जवानों के बहाने या देश भक्ति दिखाने के बहाने कोई बवाल काटें।

अंशुल सक्सेना

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