December 2, 2020

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घर में बनाएं वैदिक राखी, करें चीनी का बहिष्कार 

वैदिक राखी

घर में ऐसे बनाएं वैदिक राखी, करें चीनी राखियों का बहिष्कार 

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देश के मुख्य मुख्य त्यौहार जैसे होली दिवाली रक्षाबंधन आदि पर बाजारों में चीनी सामान का खूब बोलबाला रहता है, हालांकि सामान्य दिनों में भी बाजारों में चीनी माल खूब बिकते हैं लेकिन त्यौहारों के विशेष सामान ऊंचे दामों पर बेचे जाते हैं, अधिकतर सामानों में प्लास्टिक क खूब इस्तेमाल भी होता है, तो क्यूं ना अब से कुछ बेहतर किया जाए प्लास्टिक से सजी राखियों को खरीद कर भाईयों की कलाई पर सजाने की बजाए क्यूं ना वैदिक राखी बांधी जाए।
वैसे भी रक्षाबंधन का त्यौहार वैदिक विधि से मनाना काफी शुभ माना गया है कहा जाता है कि इससे जीवन में सुख और शुभता का आगमन होता है। शास्त्रों के मुताबिक राखी यानि रक्षासूत्र के लिए 5 चीजें खास मानी गई है- केसर, चंदन, सरसों, चावल औऱ दूर्वा घास।

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वैदिक राखी बनाने के लिए आप इन पांचों वस्तुओं को रेशम के कपड़े में बांधकर उसमें कलावा पिरोकर एक वैदिक राखी तैयार कर सकती हैं। जिसका महत् औऱ शुभता बाजार में बिकने वाली मॉर्डन राखी से कहीं अधिक है। ये वैदिक राखी न तो किसी प्रकारण के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार होगी न ही ये पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
आपदा को असर में बदलते हुए देश में कुछ जगहों पर कई महिला समूह गोबर, बीज, बांस, हल्दी, चंदन, कुमकुम, शमीपत्र और रेशम जैसी सामग्रियों से भी विक राखियां तैयार कर रही हैं, इससे तमाम मलिलाओं को जीवन आपन के लिए थोड़ी आर्थिक सबलता तो मिल ही रही है इन राखियों की खूब सराहना भी हो रही है।

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कोरोना संक्रमण से बचाव, चीनी सामान का बहिष्कार, स्वदेशी का सत्कार और लोकल को वोकल बनाने के लिए आप भी वैदिक राखी से ही रक्षाबंधन मनाएं। आप शहरी हैं या ग्रामीण अगर आपके आसपास या ऑनलाइन आप ये वैदिक राखी तो जरूर खरीदें और लोकल को वोकल बनाएं और अलग वैदिन राखी आपकी पहुंच में नहीं हैं तो चीनी राखियों को कलाई पर सजाने की बजाएं आप खुद भी घर में वैदिख राखी तैयार कर सकती हैं।
ऐसा दौर जब पूरे विश्व में एक महामारी के कारण कोहराम मचा है ऐसे वक्त में लोगों में शास्त्रों में वर्णित जीवन पद्धति के प्रति विश्वास बढ़ गया है औऱ लोग आयुर्वेदिक व वैदिक को अपना रहे हैं इसलिए वैदिक राखियां भी सराही जा रही हैं।

Writer : Producer & Anchor – स्मिथा सिंह 

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