February 21, 2024

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इंस्टाग्राम पर ‘द गटलेस फ़ूडी’ नाम के पेज को चला रही ऐसी महिला जिनका खुदका नही हैं पेट   

‘द गटलेस फ़ूडी’
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क्या आप भी खाने के शौकिन हैं, अक्सर हर इंसार खाने का शौकिन होता हैं, और हम आपको एक ऐसी ही लड़की के बारे में बताने जा रहें हैं। जो खाने की बहुत शौकिन पर उनका पेट नही हैं। क्या आपने इंस्टाग्राम पर ‘द गटलेस फ़ूडी’ का नाम सुना हैं। आप सोच रहें होगें की एक लड़की की बात करते करते हम इंस्टाग्राम का नाम बीच में क्यों ले आए। तो हम आपको बता दे की ‘द गटलेस फ़ूडी’ नताशा दिद्दी का इंस्टाग्राम पेज हैं। ये नताशा वो हैं जिनकी हम बात कर रहें हैं। जी हां, ये वो ही नताशा हैं जिनके पास पेट नही हैं।

वे खाने की इतनी शौकिन हैं कि अपने इंस्टाग्राम पेज ‘द गटलेस फ़ूडी’ पर अपने बनाए खाने की तस्वीरें डालती रहती हैं। लगभग 46 हज़ार उनके पेज के फ़ॉलोअर्स हैं। नताशा ने मुंबई के दादर कैटरिंग कॉलेज से पढ़ाई की थी। उन्हें बचपन से खाना बनाने का शौक था। बाद में उन्होंने मुंबई के कई बड़े रेस्टोरेंट और होटलों में काम भी किया, और कुछ समय बाद  नताशा ने शादी कर ली। शादी के बाद नताशा दिल्ली शिफ़्ट हो गईं। यहां वो ऐसी नौकरी करने लगीं, जिससे उन्हें अलग-अलग देश के शेफ़ से मिलने का मौका मिलता रहा, साथ ही उनको फ़ूड कल्चर समझने का मौका मिला।

जिंदगी हमेशा हमारे हिसाब से नहीं चलती और ऐसा ही नताशा के साथ भी था। वे दिल्ली में काम तो कर रही थी पर एडजस्ट नही हो पा रही थी। धीरे धीरे पति के साथ भी परेशानी होने लगी, और वे अपने पति से अलग हो गई। जिसके बाद नताशा के एक्स-पति और उसके घरवाले उन्हें परेशान किया करते थे। नताशा काफी परेशान होने लगी, और स्ट्रैस लेने लगी। स्ट्रैस लेने का असर उसके शरीर पर पड़ रहा था। 2010 में उनको कंधो में दर्द होने लगा। वे जब कुछ भी खाती तो उनके कंधो में दर्द शुरु हो जाता। उस समय वो 33साल की थी, वो डॉक्टर के पास गई डॉक्टर ने उन्हें बताया की उनके पेट में ब्लीडिंग अलसर्स और ट्यूमर हैं, जिसकी वजह से उन्हें कंधो में दर्द होता हैं। नताशा का वज़न पहले 83 किलो था पेट में ब्लीडिंग अलसर्स और ट्यूमर के बाद उनका वजन 38 किलो हो गया, और हीमोग्लोबिन 4 हो गया। डॉक्टरो ने उन्हें सर्जरी करने के लिए बोला। नौ घंटे तक चली सर्जरी में उनका पेट निकाल दिया गया। ये सर्जरी उनके जीवन के लिए बहुत मुश्किल थी। समय रहते उनकी सर्जरी हो गई, अगर समय ज्यादा होता तो उनकी जान को खतरा हो जाता।

सर्जरी के बाद नताशा की ज़िंदगी बिल्कुल बदल चुकी थी। उन्होंने हार नहीं मानी और अपने पैशन को फिर से फॉलो करना शुरू कर दिया। नताशा के पेट में ट्यूमर होने का सबसे बड़ा कारण था- स्ट्रेस. हम सोचते हैं स्ट्रेस से हमें ज़्यादा से ज़्यादा सिर दर्द होगा, पीठ में दर्द होगा या नींद नहीं आएगी। लेकिन स्ट्रेस कई बार इससे भी ज़्यादा भयानक रूप ले लेता है। पेट और दिमाग हमारे शरीर के वो हिस्से हैं, जो सीधे स्ट्रेस को अब्ज़ॉर्ब करते हैं। नताशा के पेट में भी ट्यूमर स्ट्रेस की वजह से डेवलप हुआ था। नताशा दिन में 6-7 बार खाना खाती हैं। उनका खाया हुआ खाना एक घंटे में पचकर बाहर निकल जाता है। उनके खाने-पीने का डॉक्टर खास ख्याल रखते हैं। नताशा को सच में खाने से बहुत प्यार है, और आज उनका इंस्टा पेज लोग काफी फ़ॉलो कर रहें हैं। जिंदगी के इस सफर ने नताशा ने कभी हार नहीं मनी

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