December 3, 2022

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देश का पहला एक्सप्रेस वे जिसमें जानवरों के लिए बनाए गए अलग से 17 अंडरपास

बालासाहेब ठाकरे समृद्धि एक्सप्रेस वे

बालासाहेब ठाकरे समृद्धि एक्सप्रेस वे

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जब कोई जानवर किसी की गाड़ी के सामने आ जाता है तो ज़्यादातर लोगों की आदत होती है कि वो रेस्टलेस हो जाते हैं ,जानवरों को हटाने के लिए हॉर्न बजाते हैं या गाड़ी से हाथ बाहर निकाल कर उन्हें अजीब अजीब आवाज़ों से भगाते हैं। यही नहीं हर दिन ना जाने कितने ही जानवरों की मौत तेज़ रफ़्तार से चलने वाली गाड़ियों से हो जाती है। मगर देश में एक ऐसा हाइवे बनने जा रहा है जहां सिर्फ़ इंसानों को ही नहीं बल्कि जानवरों को भी रास्ता दिया जाएगा। इस हाइवे पर जंगली जानवरों के गुजरने के लिए एक दो नहीं बल्कि पूरे 17 अंडरपास दिए गए हैं। मतलब जानवरों के एक तरफ़ से दूसरी तरफ़ जाने की लिए एक अलग ही रास्ता। ये है नागपुर-मुंबई के बीच बालासाहेब ठाकरे समृद्धि एक्सप्रेस वे जो भारत का पहला ऐसा हाइवे है, जहां हरियाली को भरपूर जगह और जानवरों को भी रास्ता मिलेगा। यही नहीं बारिश के पानी के संरक्षण के लिए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था भी होगी। सीसीटीवी कैमरा के साथ यहां फ्री टेलिफोन बूथ होंगे। हाइवे के इंटरचेंज के करीब 35 से 40 हेक्टर जमीन पर सोलर पावर प्रॉजेक्ट लगाया गया है। इससे रोजाना करीब 161 मेगावॉट बिजकी का उत्पादन होगा। 161 मेगावॉट बिजली से राज्य के करीब डेढ़ लाख घरों की रोजाना बिजली की आवश्यकता की पूर्ति की जा सकती है। महामार्ग में आने वाले गांवों और शहरों तक के लिए पूरे मार्ग पर 24 स्थानों पर इंटरचेंज की सुविधा होगी।  ये भारत का पहला ऐसा हाइवे होगा जहां इस तरह की व्यवस्था की गई है। इसका उदघाटन मई में करने की योजना बनाई जा रही है।

दरअसल हिंदू हृदय सम्राट बालासाहब ठाकरे को समर्पित महाराष्ट्र का अबतक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। इस एक्सप्रेस-वे को कुल 16 पैकेज में बनाया जा रहा है। जिसके लिए कुल 13 कंपनियां चुनी गई हैं। ये एक्सप्रेस-वे 49.40% गवर्मेंट इक्विटी, 50.40% बैंक लोन के जरिये बनाया जा रहा है। इस हिसाब से इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण 55 हजार करोड़ की लागत से हो रहा है। ये देश का अबतक का सबसे बड़ा 701 किलोमीटर वाला एक्सप्रेस वे होगा जो महाराष्ट्र के 10 जिले, 26 तहसील और 392 गांव को जोड़ेगा। ये एक्सप्रेस वे 10 जिलों से होकर गुजरेगा। जिनमें नागपुर, वर्धा, अमरावती, वाशिम, अहमदनगर, नाशिक, बुलढाना, औरंगाबाद, जालना और ठाणे शामिल होंगे। इसके साथ ही इस एक्सप्रेसवे के जरिये नागपुर से सीधा मुंबई जाने का रास्ता भी आसान हो जाएगा। यही नहीं एक्सप्रेस वे से जुड़ती हुई कई और सड़के भी बनेंगी जिससे 14 और जिले भी इस एक्सप्रेस वे से जुड़ पाएंगे। इस तरह से 10 जिलों, 26 तालुका और करीब 392 गांवों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस वे में 8 लेन होंगी, यानी दोनों तरफ 4 लेन। इसके अलावा इस एक्सप्रेस वे से कई औद्योगिक क्षेत्र भी जुड़ेंगे, जिसमें-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रैट कोरीडोर, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर, जेएपीटी, जालना और वर्धा के ड्राई पोर्ट शामिल हैं। बात अब अगर टोल की करें तो कार को प्रति किलोमीटर 1 रुपया 65 पैसे टोल देना होगा यानि नागपुर से मुंबई के सफर के लिए 1150 रुपये टोल देना होगा। 701 किलोमीटर के इस एक्सप्रेस वे में 14 रिस्पॉन्स विएकल हर 50 किलोमीटर पर मौजूद रहेंगे। ये हाई-वे दिसंबर 2022 तक पूरी तरह शुरू हो जाएगा।

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