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पशुपालन आबादी 4.6 प्रतिशत बढ़कर 535.78 मिलियन पर पहुंची, पशुगणना के आंकड़े जारी

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Livestock Census

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भारत पशुपालन के मामले में एक अग्रणी देश है। इसी की बदौलत भारत वैश्विक बाजार में एक बड़ा दूध उत्पादक देश है। देश मे हुई 20वीं पशु गणना के आंकड़ें पशुपालन विभाग विभाग जारी कर चुका है। मत्‍स्‍य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने 20वीं पशुधन गणना रिपोर्ट जारी करते हुए जानकारी देते हुए कहा कि यह गणना न केवल नीति निर्माताओं, बल्कि कृषि विशेषज्ञों, व्‍यापारियों, उद्यमियों, डेयरी उद्योग और आम जनता के लिए भी लाभप्रद साबित होगी। इस रिपोर्ट से कुछ ऐसे अहम निष्‍कर्ष उभर कर सामने आए हैं जो पशुओं की विभिन्‍न नस्‍लों की कुल संख्‍या के साथ-साथ पिछली गणना से इसकी तुलना को भी दर्शाते हैं। इस पशुगणना एक बाद देश में किस नस्ल के कितने पशु है, उसकी पूरी जानकारी सामने आ गई है। इससे पशुपालन विभाग से जुड़े हुए लोगो को फ़ायदा मिलेगा।

इस बार भी मवेशियों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर

देश में पशुधन गणना वर्ष 1919-20 से ही समय-समय पर की जाती रही है। पशुधन गणना में सभी पालतू जानवरों और उनकी संख्‍या को कवर किया जाता है। अब तक राज्‍य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की भागीदारी से इस तरह की 19 गणनाएं आयोजित की गई हैं। 20वीं पशुधन गणना सभी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी से आयोजित की गई। यह गणना ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में की गई। पशुओं (मवेशी, भैंस, मिथुन, याक, भेड़, बकरी, सुअर, घोड़ा, टट्टू, खच्चर, गधा ऊंट, कुत्ता, खरगोश और हाथी) के विभिन्‍न नस्‍लों और घरों, घरेलू उद्यमों/गैर-घरेलू उद्यमों और संस्थानों में मौजूद पोल्ट्री पक्षियों (मुर्गी, बतख, एमु, टर्की, बटेर और अन्य पोल्ट्री पक्षियों) की गणना संबंधित स्‍थलों पर ही की गई है।

इस पशुगणना को केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से किया गया है। इस बार पशु गणना को करने के लिए पूरी तरह से डिजिटलीकरण का सहारा लिया गया। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने इसके इसके लिए एक मोबाइल अप्लीकेशन को तैयार किया जिसके जरिए टैबलेट के जरिए यह गणना की गई और पूरे डाटा को ऑनलाइन संग्रहीत किया गया है। इस बार 20वीं पशुधन गणना में 27 करोड़ से भी अधिक घरेलू एवं गैर-घरेलू मवेशी के आंकड़ों का संग्रह किया गया है, ताकि देश में पशुधन और पोल्‍ट्री की कुल संख्‍या का सटीक आकलन किया जा सके। ऐसा पहली बार हुआ है जब पशु गणना के लिए पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया को अपनाया गया है। इस पशु गणना को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में किया गया है। 20 वीं पशुगणना के कुछ जरूरी निष्कर्ष निम्नलिखित है।

  • देश में कुल पशुधन आबादी 78 मिलियन है जो पशुधन गणना- 2012 की तुलना में 4.6 प्रतिशत अधिक है।
  • कुल गोजातीय आबादी (मवेशी, भैंस, मिथुन एवं याक) वर्ष 2019 में 79 मिलियन आंकी गई जो पिछली गणना की तुलना में लगभग 1 प्रतिशत अधिक है।
  • देश में मवेशी की कुल संख्‍या वर्ष 2019 में 49 मिलियन है जो पिछली गणना की तुलना में 0.8 प्रतिशत ज्‍यादा है।
  • मादा मवेशी (गायों की कुल संख्‍या) 12 मिलियन आंकी गई है जो पिछली गणना (2012) की तुलना में 18.0 प्रतिशत अधिक है।
  • विदेशी/संकर नस्‍ल और स्‍वदेशी//अवर्गीय मवेशी की कुल संख्‍या देश में क्रमश: 42 मिलियन और 142.11 मिलियन है।
  • स्‍वदेशी/अवर्गीय मादा मवेशी की कुल संख्‍या वर्ष 2019 में पिछली गणना की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़ गई है।
  • विदेशी/संकर नस्‍ल वाली मवेशी की कुल संख्‍या वर्ष 2019 में पिछली गणना की तुलना में 9 प्रतिशत बढ़ गई है।
  • स्‍वदेशी/अवर्गीय मवेशी की कुल संख्‍या पिछली गणना की तुलना में 6 प्रतिशत कम हो गई है। हालांकि, 2012-2019 के दौरानस्‍वदेशी/अवर्गीय मवेशी की कुल संख्‍या में कमी की गति 2007-12 के लगभग 9 प्रतिशत की तुलना में अपेक्षाकृत काफी कम है।
  • देश में भैंसों की कुल संख्‍या 85 मिलियन है जो पिछली गणना की तुलना में लगभग 1.0 प्रतिशत अधिक है।
  • गायों और भैंसों में कुल दुधारू पशुओं की संख्‍या 34 मिलियन है जो पिछली गणना की तुलना में 6.0 प्रतिशतअधिक है।
  • देश में भेड़ की कुल संख्‍या वर्ष 2019 में 26 मिलियन है जो पिछली गणना की तुलना में 14.1 प्रतिशत ज्‍यादा है।
  • देश में बकरी की कुल संख्‍या वर्ष 2019 में 88 मिलियन है जो पिछली गणना की तुलना में 10.1 प्रतिशत अधिक है।
  • वर्तमान गणना में देश में सुअर की कुल संख्‍या 06 मिलियन आंकी गई है जो पिछली गणना की तुलना में 12.03 प्रतिशत कम है।
  • मिथुन, याक, घोड़े, टट्टू, खच्चर, गधे, ऊंट सहित अन्य पशुधन आपस में मिलकर कुल पशुधन में लगभग23 प्रतिशत का योगदान करते हैं और उनकी कुल संख्‍या 1.24 मिलियन है।
  • देश में कुल पोल्‍ट्री संख्‍या वर्ष 2019 में 81 मिलियन आंकी गई है जो 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
  • देश में घरों के आंगन में पोल्‍ट्री की कुल संख्‍या 07 मिलियन आंकी गई है जो पिछली गणना की तुलना में लगभग 46 प्रतिशत ज्‍यादा है।
  • देश में वाणिज्यिक पोल्‍ट्री की कुल संख्‍या 74 मिलियन है जो पिछली गणना की तुलना में 4.5 प्रतिशत अधिक है।
  • पशु गणना में इस बार भी उत्तर प्रदेश पहले 8 मिलियन पशु संख्या के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है, परंतु इस बार उत्तर प्रदेश में पिछली गणना के मुक़ाबले इस बार 1.35 फीसदी की कमी आई है।

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