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History of 15th Dec – ‘सिक्किमीज़ स्पिनर’ बाईचुंग भूटिया का आज है जन्मदिन

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बाईचुंग भूटिया

बाईचुंग भूटिया

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15 दिसंबर का दिन आज है और हम बात आज के दिन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की करने जा रहे हैं। इतिहास के पन्नों में आज के दिन पर कई ऐतिहासिक लोगों का जन्म हुआ तो कइयों का निधन। वहीं दुनिया की किसी जगह पर कोई बड़ी दुर्घटना भी हुई है। ऐसी सभी घटनाएं हमारे आज को बनाने में रोल अदा करती हैं। ऐसे में इनके बारे में जानना तो बनता है। तो शुरूआत आज के दिन जन्में व्यक्ति से करते हैं। आज के दिन ही भारतीय फुटबॉल के लिए भगवान का वरदान मानेजाने वाले फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया का जन्म साल 1976 में हुआ था। भारत के पूर्व प्रोफेशनल फुटबॉलर भूटिया मुख्य रूप से स्ट्राइकर के तौर पर खेलते थे। उन्हें भारतीय फुटबॉल का मार्गदर्शक भी कहा जाता है। भूटिया अपने शूटिंग स्किल के कारण सिक्किमीज़ स्पिनर के नाम से भी मशहूर हैं।

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बाईचुंग भूटिया को माना जाता है भगवान का वरदान

बाईचुंग  भूटिया ने अपने फुटबॉल करियर की शुरूआत ईस्ट फुटबॉल क्लब के लिए खेलते हुए की थी। उन्होंने आई—लीग के लिए 4 स्पेल खेलें। इसके बाद में 1999 में भूटिया पहले भारतीय फुटबॉलर बन गए जिसने किसी यूरोपियन क्लब से कॉन्ट्रेक्ट साइन किया था। इस क्लब का नाम बरी था। वहीं वे महान फुटबॉलर मोहम्मद सलीम के बाद विदेश में खेलने वाले दूसरे भारतीय थे। इसके बाद उन्होंने मलेशियाई फुटबॉल क्लब जेसीटी मिल्स के लिए भी खेला, इस क्लब ने उनके रहते एक बार लीग मैच जीता था। वहीं मोहन बगान के लिए उन्होंने दो स्पेल खेले हैं।

उनके अंतराष्ट्रीय करियर में उन्होंने नेहरू कप, एलजी कप, तीन बार SAFF Championship और AFC Challenge Cup जीता है। वहीं वे भारत के दूसरे सबसे ज्यादा capped player हैं जिनके नाम 82 international caps हैं। भूटिया भारत के दूसरे सबसे कम उमर में गोल करने वाले प्लेयर हैं। 18 साल की उम्र में नेहरू कप के दौरान उज्बेगिस्तान के खिलाफ उन्होंने पहला गोल किया था। इससे पहले Jerry Zirsanga भी ऐसा कर चुके हैं।

फुटबॉल के अलावा उन्हें रियलीटी शो झलक दिखलाजा में देखा गया था।वहीं उनके साथ मोहन बागान को लेकर एक कंट्रोवसी भी जुड़ी। तिब्बत इंडिपेंडेंन्ट मूवमेंट के सपोर्ट के लिए उन्होंने ओलंपिक टॉर्च को बॉयकॉट किया था। बता दें कि आज उनके नाम पर एक फुटबॉल स्टेडियम भी है। वहीं भारत सरकार की ओर से उन्हें अर्जुन अवार्ड और पद्म श्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। 10 जनवरी 2012 को उन्होंने इंटरनेशनल खेलों से सन्यास ले लिया। वहीं आज कल वे पॉलिटिक्स में भी हाथ आजमा रहे हैं। बता दें कि उनकी लाइफ स्टोरी के उपर एक बायोपिक फिल्म भी बन रही है।

बाईचुंग भूटिया के जन्मदिन के अलावा आज के दिन कइ्र ओर घटनाएं घटीं हैं। जैसे कि

— साल 1852 में मशहूर एफिल टावर बनाने वाले फ्रांसीसी इंजीनियर और आर्किटेक्‍ट गुस्‍ताव एफिल का जन्‍म आज के दिन ही हुआ था। उन्होंने ने एफिल आवर के अलावा फ्रांस रेलवे के लिए कई सारी हैरतअंगेज ब्रिजों का निर्माण किया था। इन्हीं में से एक ब्रिज Garabit viaduct है। उन्होंने Statue of Liberty को बनाने में भी अपना सहयोग दिया था।

— साल 1950 में आज ही के दिन भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, कांग्रेस नेता और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का निधन हुआ था। उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के अलावा अजादी के बाद देश के एकीकरन में सबसे अहम रोल अदा किया।

— साल 1961 में नाजी तानाशाह अडोल्फ हिटलर के यहूदी नरसंहार में व्यवस्थित कत्लेआम के आयोजक आडोल्फ आइषमन को आज के दिन ही मौत की सजा सुनाई गई थी। उसे पकड़वाने में होलोकॉस्ट सरवाइवर Simon Wiesenthal ने इजरायली एजेंसी मोसाद की मदद की थी।

— साल 1973 में अरब इजरायल युद्ध के चलते अरब तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक ने अमरीका को तेल बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं कई देशों में ऐसे क़दम उठाए थे जिनकी वजह से तेल की क़ीमतें तीन डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर अचानक 11 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंचीं थी।

— साल 1953 में भारत की एस विजयलक्ष्मी पंडित संयुक्त राष्ट्र महासभा के आठवें सत्र की प्रथम महिला अध्यक्ष चुनी गई थी। वो भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बहन थीं। लंदन भेजे जाने से पहले वे सोवियत संघ में नेहरू के दूत के रूप में काम कर चुकीं थी। वे भारत की पहली महिला थीं जिन्हें आजादी के पहले के भारत में कैबिनेट स्तर के नता के रूप में नियुक्त किया गया था।

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