December 3, 2022

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स्ट्रॉबेरी की खेती करके पहली बार महिला किसान ने की आय दोगुनी, पेश कर रही मिसाल

स्ट्रॉबेरी की खेती
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पुस्तैनी कारोबार हो या खेती-बाड़ी, अक्सर पुरूषों के हिस्से आती है इसकी जिम्मेदारी.. हालांकि बदलते वक्त के साथ जमाना भी काफी बदला है जिसका एक सीधा सा उदाहरण देखने को मिला है उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में.. जहां रॉबर्ट्सगंज विकास खण्ड के रौप बन्तरा की रहने वाली एक प्रगतिशील महिला किसान माधुरी मिश्रा ने ये साबित कर दिखाया है कि पुस्तैनी खेती-बाड़ी हो या कारोबार, अब महिलाएं और लड़कियां भी कर सकती हैं विकास..

इस बात में तो कोई दोराय नहीं हैं कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और खेती में नए नए प्रयास करने का आग्रह कर रहे हैं. इसी कड़ी में माधुरी मिश्रा ने भी पारंपरिक फसलों को छोड़कर जब खेती करने का मन बनाया तो स्ट्रॉबेरी को अपनी पहली पसंद के तौर पर चुना. और खास बात तो ये रही कि उन्होंने इसकी खेती करके अपनी आमदनी को भी दोगुना किया है.

जी हां, पहली बार जिले में किसी महिला किसान ने खेती से अपनी आमदनी को दोगुना करने की ओर सराहनीय कदम बढ़ाया है. बता दें कि माधुरी ने एमसीए तक की पढ़ाई की है. मगर नौकरी में हाथ आज़माने के बाद जब इस ओर उनका मन नहीं लगा तो उन्होंने कुछ नया करने का मन बनाया. और अपना पुस्तैनी काम यानी कि खेती-बाड़ी करना शुरू किया.

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मगर इसमें भी जहां माधुरी के पूर्वज पारंपरिक खेती करते आ रहे थे. वहीं माधुरी ने इसमें बदलाव करते हुए प्लास्टिक मल्चिंग विधि से स्ट्रॉबेरी की खेती करने की शुरूआत की. अब वो खेतों में ही फल की पैकिंग करती हैं और दूसरे शहरों में उन्हें पहुंचाती हैं. इतना ही नहीं, 3 सौ रूपये प्रति किलो की दर से दुकानदार ही इन स्ट्रॉबेरीज को हाथों-हाथ खरीद लेते हैं.

शुरूआत करने से पहले माधुरी मिश्रा ने कई यूट्यूब वीडियोज देखें और उनसे प्रेरणा लेने के बाद स्ट्रॉबेरी की खेती करने का फैसला लिया. उन्होंने खेत में मेड़ बनाकर पहले जमीन को चारों तरफ से प्लास्टिक की पारदर्शी फिल्म के द्वारा सही तरीके से ढ़क लिया और फिर महाबलेश्वर महाराष्ट्र से स्ट्राबेरी के 4000 पौधे लाकर अपनी पाँच विश्वा जमीन में लगाए. माधुरी की मानें तो एक पौधे को खेत तक पहुंचाने में करीब 14 रूपये की लागत आई जिसके एक पौधे में 600 से 800 ग्राम स्ट्रॉबेरी की पैदावार होती है।

माधुरी मिश्रा सितंबर से लेकर अब तक इन पौधों पर करीब 80 हजार रूपये का खर्च कर चुकी हैं. और उन्हें उम्मीद है कि वो अप्रैल 2022 तक स्ट्रॉबेरी बेचकर लगभग दो लाख रूपये तक की कमाई कर लेंगी. मुनाफे की इस खेती से उन्होंने कई श्रमिकों को रोजगार भी दिया है. और तो और आस-पास के बाकी किसानों को वो खेती के लिए प्रोत्साहित भी कर रही हैं. जाहिर है कि माधुरी मिश्रा एक सफल महिला किसान हैं जिन्होंने पारंपरिक खेती को छोड़कर नई तकनीकों और आधुनिक तरीकों से स्ट्रॉबेरी की खेती करके आज ना सिर्फ अपना नाम रौशन किया है बल्कि मुनाफा कमाने की दिशा में बाकी किसानों को भी प्रेरित कर रही हैं.

साभार – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी

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