True Voice Of Rural India

Kisan Bulletin 25th August-एप बताएगी बीज के दाम और मौसम का अपडेट

1 min read
Kisan Bulletin 25th August

Kisan Bulletin 25th August-एप बताएगी बीज के दाम और मौसम का अपडेट

Sharing is caring!

Kisan Bulletin 25th August-

जहां एक तरफ मानसून की बारिश में किसान हमेशा अच्छी बारिश की उम्मीद करते हैं तो वहीं कभी कभी हालात काफी बुरे हो जाते हैं जिसके चलते बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कभी कभी मानसून में भी सूखे जैसे हालात बन जाते हैं. कुछ यही हाल इस समय दरभंगा के मधुबनी किसानों का भी है. जहां राज्य के कई हिस्सों में इस समय बाढ़ का खतरा किसानों को अभी भी घेरे हुए है. वहीं जिले के किसानों को सूखे की परेशानी ने मुश्किलों में डाल दिया है. इक्का दुक्का हुई बारिश ने जहां किसानों की आस को जिंदा रखा है. वहीं दूसरी तरफ बहुत से किसनों के खेत में दरारें दिखाई देने लगी हैं. वहीं धान के खेत में पानी न होने के चलते जहां धान की फसल सूख रही है, साथ ही खेत में घास उगने लगी है, जोकि किसानों के सामने चुनौती बन गई है. मनीगाछी प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र जहां अब तक बाढ़ से प्रभावित था तो, वहीं पश्चिमी क्षेत्र इस समय सूखे का दंश झेल रहा है. कुछ यही हाल बेनीपुर के प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र का भी है. जहां तक सरकारी सिंचाई योजना की बात की जाय, तो राजकीय नलकूपों को सरकार ने पंचायत के हवाले कर दिया और उसे चालू करने के लिए राशि भी आवंटित कर दी. हालांकि अभी भी ये काम अधर में लटका हुआ है. वहीं कोशी सकरी शाखा नहर अभी अर्धनिर्मित है, लेकिन इस नहर से मनीगाछी और सदर प्रखंड के कुछ हिस्सों में पिछले वर्ष तक पानी आ रहा था, जिससे लोगों के खेतों में सिंचाई हो रही थी. हालांकि इस बार मधुबनी जिले तक इसका पानी नहीं पहुंच रहा. जिसके चलते किसानों के सामने अपनी फसल बचाने की चुनौत खड़ी हो गई है.

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के बन रहे किसान बाजार को लेकर सरकार ने डिमांड स्वीकृत दे दी है. जिसके चलते इस बहुचर्चिच किसान बाजार को आने वाली दीपावली के पहले ही तैयार कर लिया जाएगा. जिसके चलते यहां के किसान और व्यापारियों में काफी खुशी दिखाई दे रही है, आपको बता दें की शासन को भेजी गई एक करोड़ रुपये की डिमांड स्वीकृत कर ली गई है. गौरतलब है कि, बारिश के कारण रुका काम अगले महीने से चालू कर दिया जाएगा. वहीं संस्था का प्रयास है कि काम को जल्द से जल्द पूरा कर दीपावली से पहले ही किसान बाजार को चालू कर दिया जाए. आपको बता दें की कन्नौज के तिर्वा में करीब 17.50 करोड़ की लागत से किसान बाजार का निर्माण कार्य जनवरी 2015 में शुरू हुआ था. जिसकी समय सीमा मार्च 2017 तक रखी गई थी. साथ ही इस प्रोजेक्ट का काम उत्तर प्रदेश मंडी निर्माण निगम की देखरेख में कार्तिकेय प्रोजेक्ट्स को दी गई थी. लेकिन निर्माण कार्य में ढिलाई के कारण जनवरी 2017 तक महज मुख्य भवन, 22 दुकानें और सेमिनार भवन ही बन पाया था. जिसके बाद काम को बजट के अभाव में यूं ही अधर में छोड़ दिया गया था. जिसके बाद बीते दो साल से रूके किसान बाजार के निर्माण कार्य के लिए बजट के लिए शासन से आग्रह किया गया था. जिसे सरकार ने इसी हफ्ते मंजूरी दी है. जिसके चलते आने वाले हफ्ते में बजट जारी कर दिया जाएगा. वहीं निर्माणकर्ताओं की मानें तो यहां का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है. जल्द से जल्द बाकी काम भी पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद दीपावली तक किसान बाजार की शुरूवात कर दिया जाएगा.

वजीरपुर के तहसील क्षेत्र के मीना बड़ौदा व आसपास के गांवों के किसानों के लिए इस समय बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. आपको बता दें की किसानों की खेतों में खड़ी तिल की फसल खराब होने के चलते इस समय किसान काफी परेशानियों में घिर गए हैं. किसानों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण तिल की फसल में रोग लग गया है साथ ही रोग के चलते तिल का ऊपरी हिस्सा मुरझा जा रहा है. इसके साथ तिल के पत्ते काले पड़ जा रहे हैं. वहीं तिल के पूरे पेड़ पर सफेद रंग की फफूंदी सी लग जा रही है. यही वजह है कि, इस कारण तिल के पेड़ सूख रहे हैं. आपको बता दें की वजीपुर तहसील के किसानों ने हर साल के मुकाबले इस साल तिल की बुवाई अधिक की है. हालांकि तिल में लगे रोग के चलते इस समय किसानों की समस्या काफी बढ़ गई है. वहीं किसानों की मानें तो उनका कहना है कि, फसल खराब होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है. जिसके चलते जिले के किसानों को इस साल नुकसान हो सकता है.

जहां एक तरफ कृषि विभाग किसानों को फसलों की पैदावार बढ़ाने व फसलों को हर बीमारी से बचाने के लिए कई तरह की जानकारियों से लेकर सुविधाएं तक देती रहती है. वहीं कृषि विभाग ने किसानों के लिए किसान सुविधा एप लांच किया है. आपको बता दें की इस एप के जरिए किसान हिमाचल के हर क्षेत्र की जलवायु से लेकर हर फसल की जानकारी आसानी से हासिल कर सकेगा. इस एप के जरिए किसान फसल की गुणवत्ता और उसके सही दाम भी घर बैठे मालूम कर सकेंगे. गौरतलब है कि, इस एप के बात अब किसानों को अपनी खेती की जानकारी के लिए ब्लॉक या कृषि विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. वहीं एप के जरिए किसानों को अपने क्षेत्र में बीज के दामों और बीज के केंद्र व बीज केंद्र के मालिक का भी नंबर हासिल कर सकेंगे. आपको बता दें की इस एप को दो भाषाओं हिंदी और अंग्रेजीं में तैयार किया गया है. इस जरिए किसी भी क्षेत्र ब्लॉक और वहां के जलवायु से लेकर कौन सी फसल कब बोनी है, उसकी पूरी जानकारी किसान यहां आकर ले सकेंगे. वहीं एप के जरिए किसान अपने प्रश्नों को भी साझा कर सकेंगे. आपको बता दें की इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. जिसके बाद किसान को इसमें अपना नाम, क्षेत्र और मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगा. उसके बाद एप काम करना शुरू कर देगा.

 

किसानों से जुड़ी खबरें देखने के लिए ग्रीन टीवी को सब्सक्राइब करें-

https://www.youtube.com/channel/UCBMokPDyAV7Pf4K9DGYbdBA

Kisan Bulletin 23rd August को वीडियो रूप में देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *