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Kisan Bulletin 21st Nov- अब किसानों को मिलेंगे फसलों के सही दाम

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Kisan Bulletin 21st Nov

Kisan Bulletin 21st Nov- अब किसानों को मिलेंगे फसलों के सही दाम

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Kisan Bulletin 21st Nov-

  1. बीते बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यों के लिए जल जीवन हरियाली अभियान की शुरूआत की है…  मुख्यमंत्री नितीश कुमार कृषि विभाग को खासतौर पर बधाई देते हुए, इस योजना का शुभारंभ किया.. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने बताया कि, साल 2016 में जब हम borlaug institute for south asia के पूसा केंद्र को देखने गये थे. उसी समय से हम चाह रहे थे कि इसकी शुरुआत पूरे बिहार में जल्द से जल्द हो जाये… उन्होंने कहा कि, जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम की इस योजना का कार-भार इन चार समूहों borlaug institute for south asia , डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, बिहार कृषि विश्वविद्यालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, को मिलकर करना है। बता दें कि, पहले चरण में बिहार के आठ जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों में इस योजना को शुरू किया जा रहा है. तो वहीं इन आठ जिलों में इस योजना का प्रभाव देखने के बाद जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रमों को पूरे बिहार में लागू किया जायेगा। आपको बता दें कि,  राज्य सरकार ने य़ोजना के तहत खर्च होने वाली राशि को भी मंजूर दे दी है।
  2. बीते बुधवार को उत्तर प्रदेश के बागपत के विकास भवन में सीडीओ पीसी जायसवाल की अध्यक्षता में किसान बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं को सामने रखा गया,, बैठक में बकाया गन्ना भुगतान गन्ना के इंडेंट, गन्ना तौल केंद्रों के संचालन, केंद्रों पर गन्ने की घटतौली और कोल्हू बंद कराए जाने से नाराज किसानों ने काफी हंगामा किया। जिसके बाद किसानों ने बैठक का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.. इतना ही नहीं, गुस्साएं किसानों ने चेतावनी देते हुए ये भी कहा कि, अगर उनकी मांगो को पूरा नहीं किया जाता तो वो बड़ा आंदोलन करेंगे.. हालांकि, इसके कुछ देर बाद डीसीओ अनिल कुमार भारती के आश्वासन पर किसान शांत हो गए। डीसीओ ने किसानों को गुरुवार शाम तक समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। किसानों की मानें तो प्रशासन ने उन रास्तों को दुरुस्त नहीं कराया, जहां से किसान गन्ना सप्लाई करने जाते हैं। घटतौली की समस्या गंभीर है, जिसका समाधान कराया जाए। क्रय केंद्रों पर घटतौली होती है। तो वहीं, मौजिजाबाद नांगल और गांगनौली गांव में क्रय केंद्र शुरू नहीं हुए है। जिसके चलते किसानों को काफी परेशानी हो रही है.. ऐसे में किसानों ने अपनी सभी समस्याओं को डीसीओ के सामने रखकर समाधान ना होने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी…
  3. विपणन संघ ने किसानों को फसल की सही कीमत दिलानें के लिए एग्री व्यापार एप लॉन्च किया है.. आपको बता दें कि, इस एप के जरिए अब किसान अपनी फसल की बिक्री देश के किसी भी कोने में कर सकते है.. साथ ही इससे किसानों को उनकी फसलों के सही दाम भी मिल सकेंगे. इस एप में कोई भी किसान या सहकारी समिति का सदस्य अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.. आपको बता दें कि, किसानों को एग्री व्यापार एप के जरिए अपनी फसल बेचने के लिए पंजीयन करवाना होगा। यह पंजीयन मार्केटिंग सोसायटियों के माध्यम से होगा। पंजीयन के लिए किसानों को बैंक खाते की पासबुक, खसरे की नकल की फोटोकॉपी जमा कराकर पंजीयन करवा सकेंगे। पंजीयन होने के बाद किसान घर बैठे ही देशभर के व्यापारियों को अपनी उपज दिखाकर उसे बेच सकेंगे। आपको बता दें कि, एप पर किसान अपनी उपज की गुणवत्ता की जानकारी देकर उसकी सही कीमत हासिल कर सकते है। एग्री व्यापार किसानों की फसलों को बेचने का ऐसा ऑनलाइन माध्यम है, जिसमें किसान पंजीयन कराकर न केवल गेहूं, चना, और धान जैसी फसलों को बेच सकेंगे बल्कि अन्य छोटी-छोटी स्थानीय फसलों को भी सहीं दामों पर बेंच सकते हैं।
  4. उत्तर प्रदेश के बरकछा स्थित बीएचयू कृषि विज्ञान केंद्र में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली एवं फॉर्ड फाउंडेशन वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति उपपरियोजना के तहत जिले के अनुसूचित जाति के किसानों को उन्नत तरीके से खेती करने के प्रशिक्षण के साथ—साथ उनके बीच उन्नत बीज का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. नागेन्द्र कुमार सिंह, एवं कृषि विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक डा. शिवराज सिंह ने मालवीयजी को माल्यार्पण से की। इस मौके पर निदेशक डा. नागेन्द्र कुमार सिंह ने किसानों को बताया कि आगामी खरीफ और रबी फसलों के लिए नवीनतम तकनीकी जानकारी एवं बीजों को और भी अधिक मात्रा में उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पूर्व निदेशक डा. शिवराज सिंह ने किसानों से संगठित होकर काम करने की बात कहते हुए उन्हें उन्नतशील कृषि उपकरणों के बारे में बताया। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र से जुड़े कई और बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे जिन्हानें  फसलों की खेती और कृषि प्रणाली के साथ कई और महत्वपूर्ण बातें किसानों संग साझा की।

 

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