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Kisan Bulletin 9th Oct- गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग

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Kisan Bulletin 10th Oct

Kisan Bulletin 10th Oct

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Kisan Bulletin 9th Oct-

  1. हाल ही में कृषि लागत व मूल्य आयोग ने रबी विपण्न सीजन 2020 से 2021 के लिए फसलों के एमएसपी में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव किया है। जिसके तहत गेहूं के एमएसपी में 85 रूपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा गया है इसके अलावा, सरसों के एमएसपी में 225 रूपये और मसूर के एमएसपी में 325 रूपय़े प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी करने की मांग की गई है.. तो, वहीं कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो, सीएसीपी ने अप्रैल 2020 से शुरू होने वाले रबी विपणन सीजन के लिए फसलों के समर्थन मूल्य में 4.61 फीसदी से 7.26 फीसदी तक बढ़ोतरी की मांग की है। जिसके चलते रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं के समर्थन मूल्य में 85 रूपये की बढ़ोत्तरी कर उसका एमएसपी 1,925 रूपये प्रति क्विंटल किया जाने की मांग है, जो कि, पिछले रबी सीजन में 1,840 रुपये प्रति क्विंटल था। आपको बता दें कि, केंद्र सरकार ने पिछले रबी सीजन में गेहूं के समर्थन मूल्य में 105 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की थी। जो कि, धान के बाद सबसे ज्यादा बिकने वाली फसल है। कृषि अधिकारी का कहना है कि, गेहूं और चावल का उत्पादन देश में खपत से ज्यादा हो रहा है, लेकिन दलहन और तिलहन का उत्पादन कम होने के कारण अब भी इनका आयात करना पड़ता है। इसीलिए दलहन और तिलहन की फसलों के समर्थन मूल्य में ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।
  2. भले ही उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को सशक्त बनाने के लिए तरह-तरह की योजनाएं लागू की हों, मगर इसके बाद भी सीतापुर के किसान सरकार की इन योजनाओं से वंचित हैं, दरअसल, सीतापुर के कई गांव की नहरों में करीब 10 सालों से पानी नहीं आया है। जिसकी वजह से यहां के किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं। आपको बता दें कि, सीतापुर के खैराबाद इलाके की नहर में कई सालों से ना तो सफाई हुई है, और ना ही इसमें पानी है.. लेकिन इस नहर से ऐसे कई गांव जुड़े है, जिन्होंने दशकों से अपने खेतों में धान की फसल उगाना ही बंद कर दिया है… किसानों का कहना है कि, अगर इस नहर में पानी आ जाएगा, तो उनकी कई परेशानियां खत्म हो जाएंगी, इतना ही नहीं, किसानों ने नहर में पानी को लेकर सिंचाई विभाग में कई बार शिकायत भी की, मगर इसके बावजूद भी सिचांई विभाग का कोई अफसर किसानों की एक भी सुनने का नाम नहीं ले रहे हैं तो वहीं किसानों की मानें तो ऐसे में हर साल किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें  पानी के अभाव में सूख कर नष्ट हो जाती है। और उन्हें हर बार नुकसान का सामना करना पड़ता है।
  3. राजस्थान के दुदु से जयपुर के लिए किसान महापंचायत के बैनर तले आज सैक़डों किसान कूच कर रहे हैं.. इस किसान महापंचायत का नेतृत्व किसान राजनेता से किसान नेता बने रामपाल जाट ने किया है। अभी कुछ दिनों पहले ही सरवाड़ में कई किसानों ने उपज के लिए सरकारी खरीद शुरू करने की मांग करते हुए नाराजगी जताई थी, तो वहीं इसी के साथ, अपनी कई अन्य मांगो जैसे, सहकारी समिति पर स्थायी कृषि उपज खरीदी केंद्र, पूरे साल फसल की खरीद, किसानों का माल खरीदते ही तुरंत पूरा भुगतान किया जाना, खराब हुई फसल की भरपाई और न्यूनतम समर्थन मूल्य से ही मंडियों में खरीद शुरू करने को लेकर प्रदर्शन करना का ऐलान भी किया था, जिसके चलते अपनी इन्ही मांगो को लेकर आज इस किसान महापंचायत में 16 गांवों के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया है। बात दें कि, इसके आयोजनकर्ता रामपाल जाट ने बताया कि यह प्रदर्शन किसानों के हक़ की लड़ाई है। किसानों का यह प्रदर्शन केंद्र और राज्य सरकार दोनों से किसानों के अधिकारों की मांग को लेकर किया गया है।

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