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Kisan Bulletin 7th Oct- किसानों को नहीं मिली पीएम किसान की तीसरी किस्त

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Kisan Bulletin 7th Oct

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Kisan Bulletin 7th Oct- 

  1. गन्ने का पेराई सत्र शुरू हुए एक हफ्ता बीत चुका है.. मगर अभी तक उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 5,048 करोड़ रूपये बकाया है। जिसके चलते किसानों को कई आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की मानें तो गन्ना खरीद के 14 दिनों के अंदर चीनी मिलों को भुगतान करना होता है.. मगर प्रदेश की भैसाना चीनी मिल में गन्ने की पेराई बंद हुए तीन महीने से भी ज्यादा बीत चुके हैं। और अभी तक मिल ने किसानों का पूरा भुगतान नहीं किया है। किसानों का कहना है कि, इस महीने में रबी फसलों की बुआई शुरू हो जाएगी, मगर भुगतान ना होने के चलते किसान खाद, बीज, डीजल और कीटनाशकों की खरीद नही कर पा रहे हैं। आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों ने चालू पेराई सीजन में किसानों से 33,048 करोड़ रुपये का 10,296.31 क्विंटल गन्ना खरीदा था जिसमें से किसानों को 27 सितंबर तक केवल 27,999 करोड़ रुपये का भुगतान ही किया गया है.. अभी चीनी मिलों पर किसानों का 5,048 करोड़ रूपये बकाया है..
  2. पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के किसानों को इस योजना की तीसरी किस्त अभी तक नहीं मिल सकी है.. और इसकी वजह है.. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में गड़ब़ड़ी.. आपको बता दें कि, देश के 9 राज्यों के किसानों के एक भी किसान को इस योजना की अंतिम किस्त का लाभ नहीं मिल सका है.. एक जानकारी की मानें तो, अभी तक देशभर में 7.5 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिला है, जिनमें से पौने दो करोड़ ही ऐसे किसान है, जिन्हें योजना की अंतिम किस्त मिल पाई है.. जबकि, बाकी किसान अभी भी इसके इंतजार में है… दरअसल, इस योजना की पहली दो किस्तों का लाभ किसानों को लोकसभा चुनाव से पहले बिना आधार वेरिफिकेशन के ही दे दिया गया था.. जिसकी वजह से किसानों को पहली दो किस्तों के लिए किसी तरह की मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा था.. मगर अभी आखिरी किस्त के लिए केंद्र सरकार द्वारा आधार सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया.. जिसकी वजह से उन लोगों के नाम में भी सामने आए जिन्होंने गलत तरीके से योजना का लाभ उठाया है.. ऐसे में जिन किसानों के बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन में किसी भी तरह की गलतियां पाई गई हैं, उन्हें योजना की तीसरी किस्त का लाभ नहीं मिल सका है.. दोस्तो, आपको बता दें कि, पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाई गई एक योजना है… जिसके तहत किसानों को हर साल तीन किस्तों में बांटकर 6 रूपये की राशि सरकार की तरफ से दी जाएगी..
  3. जहां हमारे देश में एक तरफ किसानों को हर तरफ समस्या का शिकार होना पड़ता है, वहीं दूसरी तरफ सरकारें भी किसानों को महज धोखे में रखने का काम करती है, आपको बता दें कि जहां कुछ समय पहले हमारे देश की सरकार ने फसलों पर समर्थन मूल्य में इजाफा किया था, वहीं अभी भी किसानों को तय समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने के लिए आए दिन आंदोलन करना पड़ा रहा है, आपको बता दें की बीते दिन राजस्थान के सरवाड़ में किसान महापंचायत की तरफ से उपज के लिए सरकारी खरीद शुरू करने की मांग करते हुए किसानों ने अपनी नाराजगी जताई.. किसानों का कहना है कि, इस साल केंद्र सरकार ने विपण्न के तहत इस साल मूंग के लिए 7050 रूपये और उड़द के लिए 5700 रूपये समर्थन मूल्य तय किया गया है.. मगर अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को मजबूरी में औने-पौने दामों पर अपनी उपज को बेचना पड़ रहा है.. किसानों की मानें तो, आर्थिक तंगी को झेल रहे किसानों को लाचारी में मूंग को 5000 और उड़द को 4000 रूपये में बेचना पड़ रहा है.. जिसके चलते किसानों का काफी नुकसान भी हो रहा है.. इतना ही नहीं, किसानों का कहना है कि, बैंको ने फसल बीमा के नाम पर किसानों के खातों से प्रीमियम राशि तो काट ली, मगर खराब हुई फसल की मुआवजा राशि का कोई अता-पता नहीं है। ऐसे में अपनी कई मांगो को लेकर सरवाड़ के किसान 9 अक्टूबर को किसान महापंचायत की अगुवाई में जयपुर की तरफ कूच करने वाले है।

Kisan Bulletin 7th Oct को वीडिय़ो रूप में देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

https://www.youtube.com/watch?v=LF_uyPYsLc0

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