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Kisan Bulletin 3rd Nov- पराली का रामबाण इलाज, सिर्फ 5 रूपयें में!

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Kisan Bulletin 3rd Nov

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Kisan Bulletin 3rd Nov-

  1. बीते शुक्रवार को जर्मनी की खाद्य एवं कृषि मंत्री जूलिया क्लोकनर ने भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ एक बैठक की, जिसमें जर्मनी ने भारत में किसानों की आय को दोगुना करने के लिए अपनी तकनीक और प्रबंधन विशेषता से मदद करने की पेशकश की.. इस दौरान जूलिया ने कहा कि, जर्मनी, जिसे मशीनीकरण और फसल कटाई के बाद प्रबंधन के लिए बेहतर माना जाता है.. उनकी ये तकनीके भारत में किसानों की आय दोगुनी करने में अहम साबित हो सकती है। आपको बता दें कि, इस बैठक में दोनो मंत्रियों ने भारत और जर्मनी के बीच कृषि बाजार विकास सहयोग से संबधित संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए.. साथ ही, दोनों मंत्रियों ने कहा कि, भारत और जर्मनी दोनो के लिए ही कृषि प्राथमिकता क्षेत्र  है। जिसके बाद दोनों ने मशीनीकरण, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला, बाजार तक पहुंच, निर्यात, खाद्य सुरक्षा, प्रयोगशालाओं की स्थापना में सहयोग, खाद्य जांच कार्यशाला आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श किया.
  2. महाराष्ट्र में पिछले काफी दिनों से बारिश के चलते किसानो के माथो पर परेशानी की लकीरें खिंची हुई हैं. ऐसे में बीते शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेमौसम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टरों के साथ एक बैठक की.. और जल्द से जल्द प्रभावित किसानों को राहत जारी करने के निर्देश भी दिए.. आपको बता दें कि, राज्य में हुई बारिश से किसानों की कटी हुई फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है.. जिसके चलते किसानों को काफी नुकसान हुई है.. इसी के चलते मुख्यमंत्री ने नुकसान की सीमा का मूल्यांकन करने के लिए सरकारी मशीनरी को तैनात करने के निर्देश भी दे दिए हैं। तो वहीं दूसरी तरफ खबरों की मानें तो किसानों को मुआवजा राशि वितरित करने के लिए रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है आपको बता दें कि, पिछले दो हफ्तों में महाराष्ट्र में काफी बारिश हुई हैं, जिसके कारण किसानों की लाखों हेक्टेयर फलसों को भारी नुकसान हुआ है..
  3. किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी पराली का अब रामबाण इलाज सामने आ गया है। पराली की समस्या से निपटने के लिए यह नया उपाय भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा के वैज्ञानिकों ने खोजा है। वैज्ञानिकों का दावा है कि उनके द्वारा विकसित किए गए इस नए तरीके से पराली का सही प्रबंधन हो सकेगा और इसमें किसानों को ज्यादा पैसा भी नहीं खर्च करना पड़ेगा। पूसा के वैज्ञानिकों की माने तो उन्होंने एक ऐसा कैप्सूल बनाया है जो पराली को अपने आप सड़ाकर खाद में बदल देता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इस प्रक्रिया के दौरान ना तो पर्यावरण को किसी तरह की हानि होती है एवं ना ही इंसानों के सेहत पर दुष्रभाव पड़ता है। वहीं यह कैप्सूल मार्केट से किसान सिर्फ 5 रूपये में खरीद सकते हैं। इस कैप्सूल को यहां के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल साइंटिस्ट युद्धवीर सिंह ने अपनी टीम संग मिलकर विकसित किया है। आपको बता दें कि पराली देश के किसानों समेत सरकार के लिए भी बड़ी समस्या है। किसानों के पास इसका बेहतर प्रबंधन नहीं होने के कारण इसे जलाने के अलावा कोई उपाय नहीं होता। जिसके कारण दिल्ली की हवा जहरीली हो जाती है। ऐसे में वैज्ञानिकों द्वारा बिकसित यह कैप्सूल किसानों के लिए रामबाण का काम करेंगी।
  4. आरसीईपी के विरोध में आज राष्ट्रीय किसान महासंघ ने केरल के वायनाड में एक विशाल रैली का आयोजन किया। इस विरोध रैली में केरल के कई इलाकों से किसान पहुंचे थे। रैली के दौरान महासंघ के संयोजक शिव कुमार काकाजी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की इस पॉलिसी से भारत के हर किसान को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि भारत का किसान पहले ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के कारण त्रस्द हैं ऐसे में अगर आरसीईपी पर हस्ताक्षर होते हैं तो इससे किसानों की कमर टूट जाएंगी।

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