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Kisan Bulletin 31st Dec- बकरी के दूध से साबुन बनाकर मुनाफा कमा रहे किसान

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Kisan Bulletin 31st Dec

Kisan Bulletin 31st Dec

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Kisan Bulletin 31st Dec- 

  1. देश में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और बीज अधिनियम के तहत हर्बिलासाइड-टोलरेंट बीटी यानि की एचटीबीटी कपास बेचना कानूनन अपराध है. वहीं आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में पांच जनवरी को यूनियन शेतकरी संगठन कपास की एचटीबीटी बीज बांटेगा. किसान संगठन का दावा है कि, एचटीबीटी कपास की खेती में जहां किसानों को कम लागत लगानी पड़ती है, वहीं इसमें उत्पादन ज्यादा होता है. यही वजह है कि, राज्यों के साथ किसानों ने केंद्र सरकार से भी मांग की है कि, किसानों को इसकी खेती करने की अनुमति दी जाए, जिससे किसानों की आय बढ़ सके. आपको बता दें कि, राज्य के यवतमा, परभणी, वर्धा के साथ साथ अन्य राज्यों के भी किसान आने वाली पांच तारीख को हीवरी गांव के पास मिलेंगे, जहां ये किसान संगठन किसानों को दूसरी पीढ़ी के एचटीबीटी के कपास के बीज देगा. साथ संगठन की मानें तो उनका कहना है कि, ये बीज पूरी तरह किसानों ने तैयार किया है. वहीं दूसरी तरफ अगर बात करें तो, एचटीबीटी के बीच पर्यावरण सरंक्षण अधिनियम और बीज अधिनियम के तहत कानूनन जुर्म है. इस बीज की बुआई करने पर एक लाख रुपए के जुर्माने के साथ-साथ पांच साल तक की सजा का प्रावधान है.
  2. जहां देश में खेती को घाटे का सौदा कहा जाता है, वहीं कुछ किसान खेती से ही मुनाफा कमा कर मुनाफा कमाते हैं और अपने क्षेत्र के साथ-साथ देश दुनिया के लिए भी मिसाल बन जाते हैं. कुछ ऐसा ही मामला बीते महाराष्ट्र के उस्मानाबाद से सामने आया. जहां इन दिनों यहां के किसान बकरी के दूध का साबुन बना कर चर्चा बटोर रहे हैं. आपको बता दें कि, इस काम में उन किसानों की मदद यहां के स्थानिय नस्ल की उस्मानाबादी बकरी कर रही हैं. यही वजह है कि, इन दिनों यहां के लगभग 25 गांव के परिवार बकरियों के दूध से साबुन बनाकर बेचकर पैसे कमा रहे हैं. आपको बता दें कि, इस काम में इन सबसे अलावा उन किसान परिवारों की मदद एक स्वयंसेवी संस्था शिवार के सीईओ विनायक हेगाना कर रहे हैं. हेगाना की मानें तो उनका कहना है कि, जहा गरीबी और सूखे के से परेशान किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे. वहीं हमने किसानों को आर्थिक मदद न देकर आजीविका कमाने का तरीका यहां के किसानों को दिया. जिसके चलते उस्मानाबादी बकरियां पालकर किसान मुनाफा भी कमा रहे हैं. आपको बता दें कि, किसानों को एक लीटर बकरी के दूध की कीमत 300 रुपये मिलती है. इस काम के लिए अब तक 250 परिवारों और उनकी 1400 बकरियों को जोड़ा गया है. हालांकि संस्था अभी और बकरियां जोडगी.
  3. नाबार्ड और दीनदयाल उपाध्याय विश्विद्यालय की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में बीते रोज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, मौजूदा वित्त वर्ष में पूरे देश के हर एक विकास खंड में किसान उत्पादक संगठन (एफरीओ) बनाया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि, आज ब्रांडिंग का समय है. हम सभी अपने ब्रांड को जितना आगे बढाएंगे, उस ब्रांड का मूल्य भी उतना बढ़ेगा. जिसके चलते आने वाले दिनों में एफपीओ बेहतर काम करके अपने उत्पादों की ब्रांडिंग करके लाभ उठा सकते हैं. साथ ही अनेकों एफपीओ लाभ भी कमा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि, प्रदेश में 823 विकास खंड हैं. जिसमें इस वित्त वर्ष के अंत तक पूरे राज्य के हर एक ब्लॉक में एक एक एफपीओ बनाया जाएगा. जोकि वहां के किसानों का आदर्श साबित होगा. इसके साथ किसानों की आय में भी आमदनी होगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान के पास एसएसपी कार्यालय के पास केजीएमयू स्थित रैन बसेरों का भी औचक निरीक्षण किया था. जिसमें उन्होंने वहां की सुविधाओं की जानकारी ली और कहा कि, प्रदेश में हर मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, रेलवे से लेकर बस स्टेशन के परिसर में रैन बसेरा स्थापिक किया जाए. जिससे इस ठंड में कोई भी इंसान बाहर रात गुजराने पर मजबूर न हो.

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