October 1, 2023

Grameen News

True Voice Of Rural India

Kisan Bulletin 28th April 2019- कृषि कार्ड के नाम पर किसान से ठगी

Kisan Bulletin 28th April 2019
Sharing is Caring!

Kisan Bulletin 28th April 2019-

बीते दिनों जहां अमेरिकी कंपनी पेप्सिको ने गुजरात के तीन आलू किसानों पर उनकी पंजीकृत आलू की किस्म को उगाने के चलते मुकदमा दर्ज कराया था. वहीं बीते दिन इस केस की सुनवाई खत्म होने के बाद, अमेरिकी कंपनी पेप्सिको ने आलू किसानों से कोर्ट के बाहर समझौता करने की बात कही साथ ही आलू किसानों के सामने शर्त रख दी. पेप्सिको ने वाणिज्यिक अदालत में सुनवाई के दौरान कहा की या तो किसान लिखित में दें कि वे पेप्सिको द्वारा पंजीकृत किस्म का उपयोग नहीं करेंगे या फिर किसानों को पेप्सिको के साथ एक समझौता करना चाहिए कि वो कंपनी से ही बीज खरीदेंगे और उसके बाद पैदा हुई उपज को कंपनी को उन शर्तों के आधार पर बेचेंगे जो कंपनी गुजरात के किसानों को दे रही है. आपको बता दें कि, जिन तीन किसानों पर अवैध रूप से आलू की किस्म FL-2027 उगाने का आरोप है उससे पेप्सिको Lays ब्रैंड के चिप्स बनाती है और इसे उगाने का उसके पास एकल अधिकार है. ऐसे में जहां कंपनी किसानों से कोर्ट के बाहर समझौते की बात कर रही हैं वहीं उन किसानों पर अपनी शर्त भी थोप रही है. जिसके चलते अब देखने वाली बात होगी की ये आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट किसानों को रास आती है या नहीं. आपको बता दें कि, इस मामले में कोर्ट ने अपनी अगली सुनवाई 12 जून को रखी है.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के कोतवाली बेहट के गांव नुनयारी में गेंहू के खेतों में बीते दिन अचानक आग लग गई, जिसके चलते किसानों की लगभग 30 बीघा की फसल जलकर नष्ट हो गयी. आपको बता दें कि जिस दौरान किसान खेतों में अपने गेहूं की फसल की कटाई कर रहे थे तभी खेत में अचानक आग लग गई. इस दौरान आग बुझाने गए दो किसान आग की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए जिनका निजी चिकित्सका केंद्र पर उपचार कराया गया. इस दौरान पीड़ित किसानों ने आवश्यक मुआवजे की मांग की. उन्होंने कहा की हमारे खेत में मौजूद हमारी सारी फसल जलकर राख हो गई, ऐसे में हमारे पास मुआवजे के अलावा कोई और चारा नहीं बचा, जिससे हम अपने नुकसान की भरपाई कर सकें.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक किसान का कृषि कार्ड बनवाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की वसूली करने का मामला सामने आया है. आपको बता दूं कि, किसान के साथ ठगी का मामला किसान को तीन साल बाद तब पता चला जब किसान की अनुमति के बिना ही बैंक ने गन्ना भुगतान का पैसा क्रेडिट कार्ड में जमा कर दिया. जिसके बाद पीड़ित किसान ने कार्रवाई की मांग की. बीते शनिवार को बैंक शाखा पहुंचे गांव सलेमपुर गदा निवासी सेवाराम ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले अपना कृषि कार्ड बैंक बनवाने के लिए बैंक के कई दिन तक चक्कर काट रहे थे उस दौरान उन्होंने मजबूर होकर एक दलाल के माध्यम से क्रेडिट कार्ड बनवाया था. आरोप है कि उस वक्त दलाल ने किसान को एक लाख पचार हजार रुपये का कार्ड स्वीकृत होना बताकर उक्त रकम निकलवा कर दे दी थी. इस बीच तीन साल में किसान ने अपने खाते में कोई लेनदेन नहीं की लेकिन जब बीते शुक्रवार को वो अपने बचत खाते से गन्ना भुगतान का पैसा निकालने पहुंचा तो उसके खाते में गन्ना भुगतान का पैसा नहीं था. जिसके बाद किसान ने शाखा प्रबंधक से बात की और प्रबंधक ने किसान को बताया की उसका कृषि कार्ड तीन लाख रुपये का बनाया गया था और गन्ना भुगतान का पैसा उन्होंने उसके कार्ड में ट्रांसफर कर दिया है. जिसके बाद पीड़ित बुजुर्ग किसान ने बैंक कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है. आपको बता दें कि, जहां एक तरफ सरकार किसानों को बेहतर सुविधाऐं मुहैया कराने के लिए योजनाओं को बेहतर करने का प्रयास करती हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की जालसाजी और दलाली किसानों की परेशानियों का सबब बनती है. ऐसे में किसानों को सतर्क ऐसे दलालों से सावधान रहना चाहिए.

Grameen News के खबरों को Video रूप मे देखने के लिए ग्रामीण न्यूज़ के YouTube Channel को Subscribe करना ना भूले  ::

https://www.youtube.com/channel/UCPoP0VzRh0g50ZqDMGqv7OQ

Kisan और खेती से जुड़ी हर खबर देखने के लिए Green TV India को Subscribe करना ना भूले ::

https://www.youtube.com/user/Greentvindia1

Green TV India की Website Visit करें :: http://www.greentvindia.com/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © Rural News Network Pvt Ltd | Newsphere by AF themes.