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Kisan Bulletin 27th Dec- जल मार्ग से दुबई निर्यात की गई सब्जियां

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Kisan Bulletin 27th Dec

Kisan Bulletin 27th Dec

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Kisan Bulletin 27th Dec-

  1. उत्तर प्रदेश में जहां चीनी मिल मालिकों की धांधली किसी से छिपी नहीं हैं, वहीं इस धांधली से परेशान किसानों की हकीकत आए दिन सामने आती रहती है. कुछ इसी तरह बीते दिन उत्तर प्रदेश के ही पलवल में बंद पड़ी शुगर मिल को चालू कराने की मांग को लेकर किसानों ने बीते रोज धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान किसानों ने मिल के गेट पर ही ताला जड़ दिया और गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए. साथ ही नाराज किसानों ने मिल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किसानों की मांग है कि, मिल के चीफ इंजीनियर को उनके पद से बर्खास्त किया जाए साथ ही उनके खिलाफ जांच की जाए. आपको बता दें कि, धरने पर बैठे मानपुर गांव के किसानों ने जानकारी देते हुए कहा कि, सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने 12 दिसंबर को शुगर मिल में पेराई सत्र की शुरूवात की थी. इस मिल की पेराई क्षमता 1600 टीसीडी थी, जिसको बढ़ाकर 1900 टीसीडी की जानें की बात कही गई, हालांकि इस दौरान बायलर की गलत फिटिंग कर दी गई, जिसके चलते अभी तक मिल में पेराई की शुरूवात नहीं हो पाई और दूसरी तरफ इस तकनीकी खामियों का नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि दिसंबर बीतने को है और पिछले 15 दिनों से मिल बंद पड़ी है वहीं खेत में खड़े गन्ने के चलते किसान आखिर दौर की गेहूं की बुआई भी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे परेशान किसानों ने मिल के गेट पर ताला जड़ दिया. आपको बता दें कि, मिल में पेराई क्षमता को बढ़ाने के दौरान जिन उपकरणों को इस्तेमाल किया गया, उनका प्लेसमेंट और डिजाइनिंग सही जगह नहीं की गई जिसके चलते किसानों को चीफ इंजीनियर को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं.
  2. हरियाणा के उचाना में इन दिनों कपास किसानों को कपास बेचने में काफी परेशानी हो रही है. जिसके चलते यहां के किसानों ने गांधीगीरी कर मार्केट कमेटी में अपना कपास बेचने के लिए प्रशासन से धान की तर्ज पर कपास की फसल खरीद करवाने की मांग की है. आपको बता दें कि, आज से ये किसान मार्केट कमेटी के प्रांगण में एक घंटे चारपाई बिछा कर बैठेंगे. जिसकी वजह ये है कि, कपास की फसल बिकने के इंतजार में किसान पिछले काफी समय से अपने रातें मंडी में गुजार रहे हैं. आलम ये है कि, पिछले काफी समय से कपास बेचने के लिए किसान लंबा इंतजार कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ मंडी में दुकान दर दुकान कपास की फसल की खरीदी हो रही है. जिसके चलते कपास किसानों को अपना कपास बेचने के लिए काफी समय लग रहा है. साथ ही कपास के गिरते भाव से भी किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए किसान मंडी में धान की खरीद की तरह कपास की खरीद कराने की मांग करते आ रहे हैं. हालांकि उचाना मार्केट कमेटी के सचिव जोगिद3 पैंसिया की मानें तो उन्होंने हाल ही में किसानों की इस परेशानी को खत्म करने की बात कहते हुए मंडी में ऐसी व्यवस्था करने की बात कही थी. जिससे किसानों को परेशानी न हो. अब देखने वाली बात होगी की किसानों की इस समस्या का निदान कब तक मिलेगा.
  3. खबरों की मानें तो जहां एक तरफ हमेशा किसानों को परेशानी रहती है कि, उन्हें उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है. वहीं इन दिनों यूपी के वाराणसी के किसान सब्जियों के मूल्य को लेकर काफी खुश हैं. आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश से पहली बार किसानों की सब्जियां पानी के जहाज के जरिए विदेश यानि की दुबई भेजी गई हैं. इसकी शुरुवात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से 20 दिंसबर को 14 मीट्रिक टन सब्जियों की पहली खेप भेजकर की गई. इस दौरान अधिकारियों का मानें तो, सब्जियों के निर्यात से छोटे किसानों को काफी फायदा हुआ है. जबकि किसानों की मानें तो, जहां उन्हें उनकी सब्जियों की सही दाम यहां के बाजारों में नहीं मिल पाता, वहीं अपनी सब्जियों को बाहर बेचने में उसके अच्छे दाम मिल रहे हैं. गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को निर्यात का हब बनाने की घोषणा की थी. जिसकी दिशा में किसानों के लिए काम करने वाली सरकारी संस्था कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने इसे तय समय पर पूरा करने का प्रयास किया है. यही वजह है कि, इन दिनों फलों और सब्जियों की उत्पादन की अपार संभावनाओं के चलते एपीडा गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, संत रविदास नगर के साथ चंदौली में भी कृषि निर्यात हब बनाने की बात कही है.

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