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Kisan Bulletin 20th Nov- हर पंचायत में लगेगी किसान चौपाल

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Kisan Bulletin 20th Nov

Kisan Bulletin 20th Nov

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Kisan Bulletin 20th Nov- 

  1. मध्य प्रदेश के राजपुर प्रखंड की 19 पंचायतों में गठित की गई समितियों को धान खरीदने के लिए बीते 15 नवंबर से खरीद केंद्र खोलने का आदेश दिया गया था। मगर सरकारी आदेश के बावजूद भी किसी भी केंद्रों पर धान खरीद से संबधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है.. तो वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र के सभी गांवों में धान की कटनी का काम शुरू हो गया है। जिसके चलते किसानों को कटनी के अलावा खेतों में रबी फसल की बुआई के लिए खाद और बीज की खरीद के लिए पैसों की जरूरत है। ऐसे में सरकारी खरीद केंद्र ना खुलने से किसान परेशान है.. और किसानों को धान की बिक्री के लिए इधर से उधर चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जाहिर है धान की खरीद के लिए सरकार ने जो एमएसपी तय किया है अगर उसी राशि पर किसानों के धान की बिक्री होती है, तो ये किसानों के लिए अच्छा होगा.. मगर फिलहाल तो विभगीय लापरवाही के चलते अभी तक प्रखंड का कोई भी खरीद केंद्र नहीं खोला जा रहा है..
  2. जहाँ एक तरफ विकास के नाम पर सरकारें पुलिया, नहर बनाने योजनाओं की शुरूवात कर उसे बनवाती है, वहीं इसके रख-रखाव की भी जिम्मेदारी कहीं न कहीं प्रशासन की ही होती है, हालांकि रख-रखाव के नाम पर अभी भी किसानों को महज धोखा ही दिया जा रहा है. आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश की जनपद पंचायत बड़ा मलहार की पंचायत देवपुर द्वितीय में कुछ समय पहले बेनी बाई योजना के अंतर्गत तालाब और नहर का निर्माण कराया गया था. हालांकि तालाब बनाने के महज एक साल के भीतर ही ये नहर कई जगह से टूट चुकी है, साथ ही जंगली झाडियों ने इस पर अपना पूरा बसेरा बना लिया है. जिसकी शिकायत लेकर जब किसान यहां के एसडीएम इंजीनियर के पास पहुंचे तो किसानों को आज कल करके महज टहलाया जा रहा है. हालांकि अभी तक नहर की सफाई और उसके जुड़ाव पर कोई काम नहीं किया जा रहा है. जिससे परेशान किसान इन दिनों खुद ही इस नहर की सफाई करने पर मजबूर हैं. वहीं एक किसान संगठन के प्रमुख शिवम कुमार की मानें तो उन्होंने कहा कि, प्रशासन किसानों की बिल्कुल भी मदद नहीं कर रहा है. जिसके चलते यहाँ के किसान खुद साफ सफाई करने पर मजबूर हो गए हैं
  3. बीते मंगलवार को महाराष्ट्र के अकोला में एक पेड़ से लटके करीब 62 साल के किसान का शव बरामद किया गया है.. किसान की पहचान तुलसीराम शिंदे के तौर पर की गई हैं, जिसके परिजनों का कहना है कि, पिछले कुछ दिनों पहले हुई बरसात के चलते किसान तुलसीराम शिंदे की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी.. जिसके चलते परेशान होकर किसान ने आत्महत्या का कदम उठाया.. तो वहीं फसल खराबे से परेशान किसान 13 नवंबर से ही अपने घर से लापता था.. आपको बता दें कि, पुलिस के अनुसार, किसान का शव पिछले 6 दिनों से पेड़ पर लटका हुआ था, फिलहाल किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. बता दें कि बेमौसम बारिश और मानसून में देरी के कारण राज्य के कई जिलों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा था, जिसका खामियाजा महाराष्ट्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है..  तो वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार को प्रभावित किसानों को वित्तीय राहत देने की घोषणा की थी. इसके अलावा कुछ दिनों पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस ने भी किसानों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की थी.
  4. आने वाली 5 दिसंबर को बिहार राज्य की सभी पंचायतों में किसान चौपाल लगने जा रही है.. आपको बता दें कि, इस चौपाल में किसानों के अलावा पशुपालन, मछलीपालन और सहकारिता संबधी योजनाओं और कार्यक्रमों की भी जानकारी दी जाएगी, इतना ही नहीं, पराली जलाने वाले किसानों को भी जागरूक किया जाएगा.. उन्हें बताया जाएगा कि, किस तरह पराली जलाने की बजाए उससे उर्वरक बनाया जाए. कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि, इस चौपाल मंए किसानों से उनकी समस्या पर चर्चा होगी। किसानों को खेती और योजना से जुड़ी समस्या का समाधान किया जाएगा। योजनाओं की बेहतरी के लिए किसानों से सुझाव भी लिए जाएंगे। साथ ही, चौपाल में जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम की भी जानकारी दी जाएगी। बता दें कि, सभी पंचायतों के सभी गांवों में बारी-बारी से किसान चौपाल लगेगा। इसमें कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञों के साथ विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

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