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Kisan Bulletin 19th Nov- लॉन्च हुआ ‘भारतीय पोषण कृषि कोष’

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Kisan Bulletin 19th Nov

Kisan Bulletin 19th Nov

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Kisan Bulletin 19th Nov-

  1. मध्य प्रदेश के अशोकनगर में इन दिनों किसानों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं. आपको बता दें कि, जहां एक तरफ रबी फसलों की बोवनी जोरों पर है. वहीं दूसरी तरफ किसानों को शासकीय दर पर मिलने वाली खाद की शार्टेज चल रही है. जिसके चलते खाद लेने वाले किसान सुबह 6 बजे से ही कतार में लगकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि ज्यादा किसान होने के चलते किसानों को सुबह से लाइन में लगने के बावजूद भी खाद नहीं मिल पा रही है. वहीं बीते दिन खाद न मिलने से नाराज किसानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. जिसके चलते मौके पर पुलिस ने आकर व्यवस्था को फिर से शुरू किया. हालांकि किसानों की नाराजगी उसके बाद भी बनी रही. गौरतलब है कि, जहां एक तरफ किसानों को यूरिया खाद के साथ-साथ डीएपी एमपी के खाद की जरूरत होती है. वहीं इस साल सोसाइटी पर खाद की कीमत कम होने से किसानों का संख्या बढ़ रही है. क्योंकि जहां पिछले साल डीएपी खाद 1400 रुपये थी वहीं इस बार 1200 रूपए में मिल रही है. वहीं यूरिया की कीमत जहां 267 थी इस साल भी इतनी ही है. हालांकि खाद की शार्टेज के चलते किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गौरतलब है कि, दुकानों पर खाद का मूल्य दुकानदार काफी ज्यादा लेते हैं जिसके चलते किसान सोसाइटी से खाद खरीदना चाहते हैं. हालांकि खाद की कमी इस समय किसानों को परेशान कर रही है
  2. बीते सोमवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और माइक्रोसॉफ्ट के CEO के बिल गेट्स ने ‘भारतीय पोषण कृषि कोष’ को लॉन्च किया.. जिसके तहत ये कोष बेहतर पोषण परिणामों के लिए भारत में 128 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विविध प्रकार की फसलों का भंडार होगा.. इसी के साथ स्मृति इरानी ने कहा कि यह अपने आप में एक अनोखा अवसर है जब देश को पोषण के मामले में सशक्त. बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गमज कंपनी किसानों और नागरिक समाज के सदस्योंे के साथ एक मंच पर आयी है। आपको बता दें कि, बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन  भारत में वह महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और बच्चोंब में कुपोषण की समस्या का निराकरण करने के लिए मदद को आगे आए हैं.. तो वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने भी देश में कुपोषण खत्म करने को लेकर अपनी कमर कस ली है,.. सरकार ने जल शक्ति के नाम से  एक अलग मंत्रालय बनाया है, जो अब देश के हर घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है। तो वहीं, इस साल सितंबर में पोषण माह भी मनाया गया था और एक महीने में देश भर में 36 मिलियन पोषण संबंधित गतिविधियां आयोजित की गई थीं।
  3. मध्य प्रदेश के सागर के केसली ब्लॉक में बिजली ना आने से खेतों में सिंचाई का काम नहीं हो पा रहाहै, जिसके चलते किसान काफी परेशान है. आपको बता दें कि, ग्रामीणों का कहना है कि, बिजली विभाग के अधिकारी उन्हें 10 घंटो बिजली देने की बात कह रहे हैं, मगर कटौती कर किसानों को केवल 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल रही है.. और वो भी दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक और रात में 2 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली दी जाती है.. ऐसे में किसानों को केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल रही है.. गांव के कई किसानों ने गेहूं बोया है मगर बिजली के चलते सिंचाई में किसानों को असुविधा हो रही है.. इससे  किसानों को उनकी फसलों के खराब होने की भी चिंता रही है.. किसानों का कहना है कि, कई बार तो ऐसा होता है कि, रातभर सिंचाई के लिए इंतजार करते हैं,  तब कहीं किसान खेतों में थोड़ी बहुत सिंचाई कर पाते हैं. टीपी कनेक्शन के नाम पर किसानों से पूरा पैसा वसूला जाता है, मगर बिजली देने में आनाकानी की जाती है.. ऐसे में किसान काफी परेशान है..

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