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Kisan Bulletin 11 Oct- गेहूं के बीज पर मिलेगी 50 फीसद सब्सिडी

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Kisan Bulletin 11 Oct

Kisan Bulletin 11 Oct

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Kisan Bulletin 11 Oct-

  1. दिल्ली के प्रगति मैदान में पहली बार तीन दिवसीय भारतीय अंतरराष्ट्रीय सहकारिता व्यापार मेला 2019 का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन आज देश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया है..आपको बता दें कि, आज से शुरू हुए इस मेले का आयोजन 13 अक्टूबर तक चलने वाला है.. इसी के साथ, आज कृषि मंत्री ने युवा सहकार योजना का भी शुभारंभ किया है.. जिसके चलते नए विचारो वाले युवा उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट अप इंडिया या फिर स्टैंड अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस योजना का मकसद सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत युवाओं को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार की तरफ से बेहद कम ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा।  इस योजना का सालाना खर्च 100 करोड़ रूपये है। आपको बता दें कि इस मेले में 35 देशों की करीब 150 सहकारी समितियां और 20 केंद्रीय व राज्य स्तरीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश भी शामिल हैं। इस मेले का आयोजन राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम ने कृषि एवं वाणिज्य मंत्रालय के सहयोग से NAFED और APEDA जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर किया है।
  2. जहां एक तरफ किसानों की धान की फसल बाढ़ और सूखे की मार के चलते उतनी बेहतर नहीं हो सकी, वहीं दूसरी तरफ बची फसल इस समय तैयार होने को है, वहीं कहीं कहीं इसकी कटाई भी शुरू हो गई है. लेकिन उससे पहले ही वेस्ट यूपी के किसानों के लिए बुरी खबर आई है. आपको बता दें की कृषि विभाग ने कटाई के खेतों से निकलने वाली पराली को जलाने को लेकर अभियान शुरू करने की बात की है, जिसमें खेतों में पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना लगाने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा. गौरतलब है कि, जैसे जैसे धान की कटाई शुरू होती है…किसान खेतों में उसकी पराली जलाना भी शुरू कर देते हैं. जिसके चलते वातावरण को काफी नुकसान होता है. वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बीते दिन पीएम नरेंद्र मोदी से पराली जलाने पर रोक लगाने की मांग की थी. क्योंकि सर्दियों की शुरूवात में दिल्ली का पाल्यूशन लेवल काफी ऊपर चला जाता है. यही वजह है कि, पंजाब हरियाणा और वेस्ट यूपी के किसानों को अल्टीमेटम जारी किया गया है साथ ही गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, हापुड़ जैसे शहरों में कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी कर आदेश जारी किया गया है की वो अपने खेतों में पराली न जलाए. वरना उन पर कार्रवाई की जाएगी.
  3. जहां एक तरफ विकास की राह पर हर इंसान आगे चलना चाहता है, ठीक उसी तरह ही किसानों को बेहतर फसल उत्पादन करने के लिए और बेहतर रासायनिक खाद, कीटनाशक दवाऐं और सिंचाई के साथ-साथ बेहतर बीज की जरूरत होती है. इसी वजह को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड की सरकार ने किसानों को बीज पर सब्सिडी मुहैया कराने का निर्णय लिया है. आपको बता दें की उत्तराखंड के कृषि विकास खंडों पर गेहूं के सब्सिडी बीज जल्द ही पहुंच जाएगें. जिसके बाद यहां से किसान बीज खरीदकर फसलों की बुवाई की तैयारी आसानी से कर सकते हैं. आपको बता दें की किसानों को बीज पर 50 फीसदी की सब्सिडी देने की बात की गई है. वहीं हर साल की तरह ही कृषि विभाग इस बार भी किसानों को सब्सिडी पर गेंहू, सरसों, चना, मटर और मसूर आदि फसलों पर सब्सिडी मुहैया करा रहा है. गौरतलब है कि, बीज की खरीरदारी करते समय किसानों को पूरी रकम देने पड़ेगी, हालांकि बाद में किसानों के खाते में डीबीटी के जरिए आधा पैसा वापस आ जाएगा. आपको बता दें की कृषि विभाग ने गेहूं का मूल्य 3479 रुपये प्रति कुंतल, सरसों पर 8415, मसूर छोटा दाना पर 9320, काबुली चना पर 7671 और सब्जी मटर पर 5661 रुपये प्रति कुंतल रेट तय किया है.

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