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Kisan Bulletin 10th Oct- केंद्र सरकार ने किसानों को दिया दिवाली का तोहफा

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Kisan Bulletin 10th Oct

Kisan Bulletin 10th Oct

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Kisan Bulletin 10th Oct-

  1. केंद्र की मोदी सरकार ने बीते बुधवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को राहत देते हुए आधार की अनिवार्यता को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है। यानि की जिन किसानों के आधार नंबर बैंक खातों से अपडेट नहीं हैं,. उनके लिए योजना की दूसरी और तीसरी किस्त पाने का रास्ता साफ हो चुका है। आपको बता दें कि, बीते बुधवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस पर फैसला लिया गया। तो वहीं, केंद्र सरकार ने पहली किस्त जारी करने के बाद किसानों का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया था मगर अब सरकार का कहना है कि, आधार नंबर के वेरिफिकेशन का काम चलता रहेगा, लेकिन इसके बिना भी किसानों के खाते में सम्मान निधि का पैसा ट्रांसफर किया जायेगा। आपको बता दें कि, 24 फरवरी 2019 को किसानों की आर्थिक रुप से मदद करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने तीन किस्तों में किसानों को सालाना 6 हजार रूपयें की राशि देने का ऐलान किया था, जिसके तहत पहले इस योजना में केवल छोटे एवं सीमांत किसानों को ही शामिल किया गया था, मगर बाद में इसमें सभी किसानों को शामिल कर लिया गया।
  2. हरियाणा के चरखी दादरी में ग्रीन कोरिडोर के लिए अधिग्रहित की गई जमीन की मुआवजा राशि को बढ़ाने की मांग को लेकर किसान पिछले 8 महीने से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं, मगर अब किसानों ने फैसला किया है कि, वो सीधा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर सीधी अरदास लगाएंगे, जिसके लिए किसानों ने धरने पर ही रणनीति बनाते हुए प्रशासन ने किसान प्रतिनिधि मंडल के मिलने का समय मांगा है, दरअसल, आने वाली 15 अक्टूबर को पीएम मोदी चुनाव रैली को संबोधित करने चरखी दादरी पहुंचेंगे, और इसी दौरान किसानों ने फैसला किया है कि, अगर 12 अक्टूबर तक किसानों को पीएम से मिलने का समय दिया जाता है तो 13 अक्टूबर को धरनास्थल पर ही जिले के 17 गांव के किसान बड़ा फैसला लेंगे, आपको बता दें कि, इन किसानों की मांगे है कि, ग्रीन कोरिडोर के लिए उनकी जिन जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसके लिए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, अपनी इस समस्या को लेकर जिले के किसान राज्य के सीएम तक से मिल चुके हैं, मगर उनकी मांगों पर अभी तक किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है. जिसके चलते अब किसानों ने सीधे पीएम के पास जाने का फैसला लिया है।
  3. मध्य प्रदेश में पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों मे खड़ी मूंग, तिल, औऱ उड़द की फसलों को तो पहले ही काफी नुकसान पहुंच चुका है, मगर अब किसानों के लिए एकमात्र उम्मीद का सहारा बची धान की फसल ने भी निराश कर दिया है, दरअसल, धान की फसल में कई तरह के रोग फैलने लगे हैं, जिससे किसानों को चिंता होने लगी है, इन रोगों से किसानों की 5 से 10 प्रतिशत की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, इसके बावजूद भी कृषि विभाग ने इस दिशा में ज्यादा कोई पहल नहीं की है..तो वहीं किसान अपनी फसल को बचाने के लिए कृषि विभाग के दफ्तर के चक्कर काटने पर मजबूर है। आपको बता दें कि, राज्य के ग्वालियर जिले में किसानों ने खरीफ फसल के मौसम में 83 हजार हेक्टेयर में उड़द बोया था। इसके अलावा तिल व मूंग की फसल भी बोई गई थी। जिले में ज्यादा बारिश होने से तिल, उड़द, मूंग में भारी नुकसान हुआ है, लेकिन किसानों में उम्मीद जागी थी कि जिनके पास धान की फसल है उन्हें धान की पैदावार से फायदा होगा, लेकिन किसानों की वो उम्मीद भी टूटने लगी है कि अगर यह फसल भी बीमार हो गई तो वे क्या करेंगे। अगर इन रोगों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ये रोग पूरी फसल में फैल जाएगा और किसानों की मेहनत व लागत पर पानी फिर जाएगा।
  4. केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत मध्य प्रदेश के जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र में अलसी की JLS 73 और JLS 66 प्रजाति के बीज उपलब्ध हैं, आपको बता दें कि, ये बीज शासकीय संस्थाओं और किसानों को रबी विपणन सीजन के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के जिन किसानों को अलसी की इन प्रजातिय़ों के बीज चाहिए वो 9826144887 पर सीधा संपर्क कर सकते हैं, या फिर, ई मेल dpayasi@gmail.com पर भी सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।

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