मत्स्य संपदा योजना के तहत वित्त मंत्री ने दी 20,050 करोड़ रूपये को मंजूरी

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मत्स्य संपदा योजना

मत्स्य संपदा योजना में 20050 करोड़ रूपये के निवेश को मंजूरी

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Covid-19 महामारी के चलते हुए लॉकडाउन में सभी उद्योगों की हालत खराब हो चुकी है। इन्हीं उद्योगों को वापस से पटरी पर लाने के लिए और देश की अर्थव्यवस्था को सही दिशा में ले जाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के नाम अपने संबोधन में इस महामारी से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। जिसमें खेती-किसानी और श्रमिकों को लेकर भी कई योजनाओं के ऐलान किए गए। जिसमें मत्स्य संपदा योजना का नाम भी शामिल है।

हाल ही में केंद्रीय पशुपालन मत्स्पालन एवं डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जिसमें उन्होंने बताया कि, जहां पहले दक्षिण भारत और समुद्र तटीय प्रांतों से ही मछली और इससे संबंधित उत्पादों का निर्यात होता था, वहीं अब उत्तर भारत भी इसके निर्यात का केंद्र बनेगा।

दरअसल, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 20,050 करोड़ रुपये की राशि के निवेश को मंजूरी दे दी है, जो कि, मछली पालन करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। इसके तहत देश से मछली उत्पादों का निर्यात अगले पांच साल में 46,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मछली पालन को बढ़ावा देकर मछली एक्सपोर्ट का हब बनाए जाने की भी योजना तैयार की गई है।

आपको बता दें कि, केवल मछली पालन ही नहीं जलीय क्षेत्र में किसी भी प्रकार का व्यापाद या खेती करने वाले इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो जलीय क्षेत्र मत्स्य पालन के अलावा कुछ जलीय खेती का भी काम करते हैं उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। जो कोई प्राकृतिक आपदा से पीड़ित हो गया है और उसे अपने उद्योग में काफी नुकसान सहना पड़ा है उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

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