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बायर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रोगो से निपटने के लिए शुरू की रोग नियंत्रण मुहिम

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बायर

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कृषि  क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी बायर कृषि क्षेत्र में तो किसानों के लिए काम कर ही रही है लेकिन इसके अलावा कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व भी बखूबी निभा रही है हाल ही में कंपनी ने महाराष्ट्र के बाढ़ ग्रसित दो जिलों में रोगो को नियंत्रण करने के लिए छिड़काव शुरू किया है। बायर ने  राज्य और स्थानीय सरकारी अधिकारियों, ग्राम प्रधानों और कीट नियंत्रण संचालकों के साथ सहयोग से इस मुहिम को शुरू किया है, ताकि पलस तालुका (सांगली जिला) और शिरोल तालुका  (कोल्हापुर) के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया जैसे जल और वेक्टर जनित रोगों के फैलाव को रोका जा सके। हाल ही में हुई लगातार बारिश के कारण बाढ़ से क्षेत्र में प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं।

बायर ने सीएसआर के तहत बाढ़ ग्रसित इलाकों मे शुरू की मुहिम 

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग पानी की आपूर्ति, फसलों को नुकसान, खेतों और घरों में व्यवधान का सामना कर रहे हैं। इसलिए यहाँ से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। बायर ने बायर नेटवर्क से स्थानीय प्रशासन, नगर निगमों, स्थानीय समुदायों और कीट नियंत्रण ऑपरेटरों (पीसीओ) के समर्थन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान की है।बायर ने प्रभावित समुदायों को व्यापक समाधान प्रदान करने और बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद करने के लिए 25 विशेषज्ञों की दो टीमों को तैनात की है। मच्छर वैक्टर के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए बायर उत्पादों का उपयोग लार्विसाइडिंग और स्पेस स्प्रे संचालन के लिए किया जा रहा है। बायर टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले पीसीओ को सही उत्पाद आवेदन, खुराक और सुरक्षा सावधानियों पर ऑन-ग्राउंड प्रशिक्षण सहायता भी प्रदान कर रही है।

इस संदर्भ में बायर साउथ एशिया के पर्यावरण विज्ञान प्रमुख डॉ अरुण कुमार ने कहा कि,“भारी बारिश और बाढ़ तथा जल-जमाव की स्थिति के बाद स्थिर पानी, पशु शव आदि प्रमुख समस्याए हैं। जिससे मक्खी और मच्छर पैदा होने कि समस्या और बढ़ गई है।  जो विभिन्न जल-जनित और वेक्टर-जनित रोगों जैसे मलेरिया और डेंगू का कारण बन सकता है। इस रोग के प्रकोप को रोकने के लिए एंटी लार्वा और फ्लाई कंट्रोल उपायों को अंजाम देना महत्वपूर्ण है। हम महाराष्ट्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी और समय पर सहायता प्रदान करने के लिए सार्वजनिक प्राधिकरणों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं|

बायर साउथ एशिया के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के प्रमुख सुहास जोशी ने कहा, “हम महाराष्ट्र के 60 गांवों और 3 शहरों में राहत कार्यों में सहायता के लिए जिला कलेक्टरों, जिला परिषदों और नगर पंचायतों के साथ एक विस्तृत स्वच्छता कार्यक्रम लागू कर रहे हैं।”

इस गतिविधि का संचालन बायर प्रयास द्वारा किया जा रहा है, जो एक सेक्शन 8 कंपनी और गैर-लाभकारी संगठन है, जो भारत में बायर के लिए कॉर्पोरेट सोसाइटी एंगेजमेंट गतिविधियों का संचालन करता है।

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