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किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रगति मैदान में कल से शुरू होगा अंतर्राष्ट्रीय कृषि सहकार मेला

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प्रतिकात्मक चित्र

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सरकार का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का है। इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।  केंद्र सरकार ने हाल ही में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों के खाते में सीधे पैसे भेजे, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया जा सके। सरकार किसानों को नवीन कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। आधुनिक कृषि  तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रयासरत है। सहकारिता के माध्यम से भी किसानों की आय को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कृषि मंत्रालय पहले कृषि सहकारिता मेलें का आयोजन करने जा रहा है।

कृषि सहकारिता को बढ़ावा देने पर रहेगा ज़ोर 

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला आईआईसीटीएफ 11-13 अक्टूबर, 2019 तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित होगा। चूंकि भारत के कुल किसानों का 94 प्रतिशत किसान कम से कम किसी एक सहकारी संस्थान के सदस्य हैं, आईआईसीटीएफ का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की संकल्पना को आगे ले जाना और भारत और विदेश में सहकारी संगठनों के बीच व्यापार को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी को दोगुना करना, प्रमुख कृषि उत्पादों तथा ग्रामीण और कृषि समृद्धि को बढ़ाने वाले उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है। आईआईसीटीएफ ने भारत और विदेश के उद्योग और व्यवसाय से जुड़े घरानों के लिए भारी अवसरों की पेशकश की है ताकि वे मैत्रीपूर्ण संबंध कायम कर सकें, बिजनेस नेटवर्किंग, उत्पाद की सोर्सिंग कर सकें और विभिन्न उत्पादों और सेवा प्रदाताओं के प्रमुख उत्पादकों के साथ बातचीत कर सकें।

नए और नवोन्मेष विचारो के साथ युवा उद्यमियों पर केन्द्रित स्टार्ट-अप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिए जाने की तर्ज पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम ने युवा सहकार-सहकारी उद्यम सहायता और नवोन्मेष योजना-2019 तैयार की है, जिसकी शुरूआत 11 अक्टूबर, 2019 को मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा की जाएगी। इस योजना का सलाना खर्च 100 करोड़ रुपये है।यह योजना पूर्वोत्तर क्षेत्र, नीति आयोग द्वारा पहचाने गए आकांक्षापूर्ण जिलों में चल रहे पंजीकृत सहकारी संगठनों, शत प्रतिशत महिलाएं/अनुसूचित जाति/अनुसूची जनजाति/पीडब्ल्यूडी सदस्यों वाले सहकारी संगठनों के लिए उदार है। सहकार भारती एकमात्र ऐसा सबसे बड़ा संगठन है जो सहकारिता आंदोलन के लाभों के बारे में जनता को जागृत कर रहा है। मेले के उद्घाटन पर इसकी सिम्पली देसी ब्रांड की शुरूआत करने और उसका प्रदर्शन करने की योजना है।

कृषि निर्यात नीति, 2018 की परिकल्पना के अनुसार कृषि निर्यात को मौजूदा 30 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर वर्ष 2022 तक 60 बिलियन डॉलर तक ले जाने में सहकारी क्षेत्र को चुनौतीपूर्ण भूमिका निभानी होगी। भारतीय सहकारी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में आईआईसीटीएफ की कल्पना की गई है और इसके तहत प्रदर्शनियों, बी2बी /सी2सी बैठकों, सम्मेलनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि का आयोजन किया जाएगा। आईआईसीटीएफ कृषि और संबद्ध इकाइयों, सम्पूर्ण मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन, डेयरी, जिंस, निर्यात, प्रौद्योगिकी, जलवायु के अनुकूल कृषि, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, मशीनरी, ब्रांड का प्रचार, विपणन, सहकारी बैंकिंग, कृषि प्रौद्योगिकी और अन्य विविध प्रकार के क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए देश-विदेश के प्रदर्शकों विक्रेताओं खरीददारों को कवर करता है। इस मेले के तहत वैश्विक परिदृश्य में सहकारी व्यापार, कारोबार के विस्तार और वैविध्यकरण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सहकारी उत्पादों के लिए गुणवत्ता का मापदंड आदि के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किए जाने की संभावना है। इस मेले के परिणामस्वरूप बेहतर पद्धतियों को साझा किए जाने, सहयोग और साझेदारियां कायम होने की संभावना है। भारतीय संदर्भ में यह मेला अधिक तादाद में सहकारी समितियों को निर्यात के क्षेत्र में कदम रखने तथा एक व्यवहार्य बिजनेस मॉडल के रूप में सहकारी समितियों को सामने लाने में सहायता प्रदान करेगा।

आईआईसीटीएफ के अभिन्न अंग के रूप में मेले के तीनों दिन सहकारी कारोबार पर विषयों पर आधारित सत्रों का आयोजन किया जाएगा। सहकारी समितियों से संबंधित नौ सत्र होंगे, जो सहकारी व्यापार के वैश्वीकरण, सहकारी बैंकिंग और वित्तीय समावेशन, सहकारी समितियों के माध्यम से युवकों और युवतियों को रोजगार, सहकारी समितियों के माध्यम से कृषि प्रसंस्करण पारिस्थितकीय प्रणालियां, सहकारियों के माध्यम से कृषि-प्रौद्योगिकी और जलवायु के अनुकूल कृषि, किफायती और कुशल सेवा प्रदाताओं के रूप में सहकारी समितियां, सहकारी क्षेत्र में विशाल आंकड़े तथा साइबर सुरक्षा, मूल्यवर्धन और व्यापार के लिए डेयरी सहकारी समितियों के अवसर तथा कृषि यंत्रीकरण और सहकारी समितियों की आपूर्ति भूमिका जैसे विभिन्न पहलुओं को कवर करेंगे। इन सत्रों की अध्यक्षता जानी-मानी हस्तियां और विशिष्ट संसाधन व्यक्तियों का पैनल करेगा। इन सत्रों में कृषि से संबंधित सहकारी समितियों की भूमिका और भारतीय कृषि निर्यात नीति के आलोक में उनके संभावित योगदान के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह डिजिटीकरण के मौजूदा परिदृश्य में पारस्परिक रूप से सीखने का अवसर भी प्रदान करेगा।

यह मेला एनसीडीसी और बैंकॉक स्थित अंतर्राष्ट्रीय संगठन (एनईडीएसी) और भारत के प्रमुख संगठनों (नेफेड, एपीडा, आईटीपीओ आदि) द्वारा संयुक्त रूप से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय की सहायता से आयोजित किया जा रहा है। छह राज्यों संघशासित प्रदेशों की सरकारें यथा तेलंगाना, हरियाणा, उत्तराखंड, पुड्डुचेरी, मेघालय और गोवा की सरकार आईआईसीटीएफ की साझेदार हैं। आईआईसीटीएफ को इफको, आईपीएल, आमूल, सीडीबी, यूपीएल, एफएओ, एनसीयूआई, एलआईएनएसी, एनएएफसीयूबी, एनएएफएससीओबी, एनसीसीडी आदि के साथ साझेदारी के माध्यम से भी सहायता प्रदान की जा रही है।

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