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History of 12 OCT – आज ब्रिटिश सरकार ने लागू किया था ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’

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History of 12 OCT – आज ब्रिटिश सरकार ने लागू किया था 'क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट'

History of 12 OCT – आज ब्रिटिश सरकार ने लागू किया था 'क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट'

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आज 12 अक्टूबर है। यह साल का 258वां दिन है। इस दिन के इतिहास की बात करें तो बहुत सी ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं हैं जो आज के दिन घटी हैं। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं ऐसी हैं जिन्हें आज भी याद रखा जाता है। जैसे कि आजादी से पहले ब्रिटिश शासित भारत में कई ट्राइबल समुदायों को क्रिमिनल घोषित किया जाना। आज ही के दिन साल 1871 में ब्रिटिश सरकार ने क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू किया था। इस कानून के लागू होते ही भारत में रहने वाली 160 के करीब की स्थानीय ट्राइबल समुदाय सरकार की नज़र में अपराधी हो गईं। इस कानून को पहले तो सिर्फ नार्थ इंडिया में लागू किया गया बाद में इसे बंगाल प्रेसिडेंसी और इसके बाद फिर देश के अन्य हिस्सों में 1876 तक लागू किया गया।

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ब्रिटिश सरकार का  कानून था क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट

ब्रिटिश सरकार के इस कानून के नियमों के अनुसार भारत के ऐसे जातीय या सामाजिक समुदाय को चिन्हित करना था जिनके लिए अपराध ही उनका व्यवसाय था। सरकार ने एक सिस्टमेटिक ढंग से ऐसे लोगों की एक फाइलें तैयार की और चूंकि उन्हें ये ब्रिटिस सरकार ‘आदतन अपराधी’ मानती थी तो इनके हर मूवमेंट को नोट करती थी साथ ही इनके परिवार के लोगों को हप्ते में एक बार थाने में हाजिरी देने को भी मजबूर किया गया था।

दरअसल सरकार ने यह कानून उस समय के एक ग्रुप को पर लगाम कसने के लिए लागू किया था जिन्हें ‘ठग’ कहा जाता था। ऐसा माना जाता है कि इन लोगों ने 1740 से लेकर 1840 के बीच कई हत्याएं की थीं। ये लोग मां काली के भक्त भी माने जाते थे। ब्रिटिस सरकार ने भारत को लेकर एक सोच बनाई थी कि यहां जाती के हिसाब से लोग काम करते हैं, इसलिए उसने यह मान लिया कि ऐसी कोई खास जाती भी है जिनका काम अपराध करना है, ठगों को सरकार ने एक खास जाति का मानकर इन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आजादी के समय 127 से ज्यादा ऐसे समुदाय थे जो इस कानून के जरिए सताए गए थे।

इस कानून के अलावे आज के दिन और भी कई सारी ऐतिहासिक घटनाएं घटीं।

— इसी दिन को साल 1901 में अमरीकी राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने राष्ट्रपति भवन का नाम एक्जीक्यूटिव मेनसन से बदल कर व्हाइट हाउस कर दिया था। इसके बाद से ही अमेरिका के राष्ट्रपति के सरकारी आवास को व्हाइट हाउस के नाम से जाना जाता है।

— साल 1928 में पहली बार ‘आयरन लंग’ नाम की मशीन का इस्तेमाल अमेरिका के बोस्टन में चिल्ड्रन हॉस्पिटल में एक बच्ची के लिए उपयोग किया गया। यह एक तरह का आर्टिफिसियल रेस्पिरेटरी मशीन है जिससे मरीज को सांस लेने में आसानी होती है। पहली बार साल 1960 में अंग्रेजी साइंटिस्ट जॉन मैओं ने इसका आइडिया दिया था।

— साल 1964 में पहली बार आज ही के दिन अंतरिक्ष में बिना स्पेश सूट के स्पेश यात्रियों को भेजा गया। यह काम सोवियत संघ की स्पेश एजेंसी ने किया था।

— वहीं 1999 में आज ही के दिन पाकिस्तान ने तत्कालिक फौजी जनरल परवेज मुशर्रफ ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सत्ता से बेदखल कर देश की सत्ता अपने हाथ में ले ली थी।

— वहीं इसी दिन को साल 1911 में भारतीय क्रिकेट के एक अनमोल रत्न का जन्म हुआ था। उनका नाम था विजय सिंह माधवजी मर्चेंट। एस समय क्रिकेट के सबसे महानतम खिलाड़ी डॉन ब्रेडमैन का जमाना था। दनिया में उनकी बड़ी बड़ी धुम थी। इसी समय में मर्चेंट क्रिकेट की दुनिया में अपना लोहा मनवा रहे थे। 1929 से 1951 तक उन्होंने भारत के लिए टेस्ट मैच खेलें। इस दौरान उन्हें केवल 10 मैच खेलने का मौका मिला, क्यों कि दूसरे विश्वयुद्ध के कारण दुनिया में कही भी क्रिकेट मैच नहीं खेले जा रहे थे। उन्होंने अपने करियर के सारे 10 मैच इंगलैंड के खिलाफ ही खेले। इस दौरान अपने अंतिम मैच में उन्होंने 154 का स्कोर बनाया जा उनका आॅल टाइम बेस्ट रहा। उनका एवरेज 71.64 का था जो फर्स्ट क्लास मैच में सेकेंड हाइयेस्ट एवरेज है। क्रिकेट के बाद उनका विविद भारती पर एक प्रोग्राम आता था जिसका नाम था ‘क्रिकेट विथ विजय मर्चेंट’।

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