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Kisan Bulletin 8th Oct- जड़ी-बूटियों की खेती से चमकेगी किसानों की किस्मत!

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Kisan Bulletin 8th Oct

Kisan Bulletin 8th Oct

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Kisan Bulletin 8th Oct-

  1. उत्तर प्रदेश के ललितपुर के नाराहट क्षेत्र में किसानों ने अपने खेतों में खड़ी फसल को छुट्टा जानवरों को खिला दिया.. दरअसल, लगातार हुई बारिश से खरीफ की उड़द, मूंग, तिली और सोयाबीन जैसी फसलें पूरी तरह से खराब हो चुकी है, ऐसे में खेतों की कटाई और सफाई कराने में लागत ज्यादा आ रही हैं, साथ ही किसानों को इस बार उपज की कोई उम्मीद नहीं है.. ऐसे में परेशानी में उलझे किसानों ने अपनी फसलों को अन्ना जानवरों कों खिलाने का फैसला लिया..ताकि, खेतों की जल्द सफाई हो सके, और पहले से ही खरीफ फसलों का नुकसान झेल रहे किसान, रबी फसल की तैयारी कर सकें.. किसानों की मानें तो उनकी खरीफ की फसलें खेतों में पककर तैयार खड़ी थी,. मगर बरसात की वजह से फलियां सड़ कर खेतों में गिर गई और फसलों के डंठल खड़े रह गए बस.. हालांकि, इसके बाद भी किसानों ने कई तरह की कीटनाशकों का इस्तेमाल किया, मगर अतिवृष्टि के चलते किसानों की बची हुई उम्मीदों पर भी पानी फिर गया.. ऐसे में किसानों ने अपनी फसलों को जानवरों से उजड़वाना ही बेहतर समझा..

 

  1. जहां देश में आए दिन सरकारें किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई योजनाओं से लेकर कई तरह के अनुदान मुहैया करा रही है, वहीं देवभूमि हिमाचल प्रदेश की सरकार ने भी किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट से पहले मिनी कॉन्क्लेव में राजस्थान की हर्बल कंपनी विनायक हर्बल के साथ एक करार किया है, आपको बता दें की ये करार 100 करोड़ रुपये का है. जहां इस प्रोजेक्ट के तहत विनायक हर्बल संस्थान हिमाचल प्रदेश में जड़ी-बूटियों की खेती क बढ़ावा देने के लिए किसानों को जागरुक करेगी, वहीं इसके साथ साथ किसानों को इसके लिए ट्रेनिंग भी देगी. ताकि किसान जड़-बूटियों की खेती करने के लिए तैयार हो सके, साथ ही किसानों से तैयार उपज के लिए ये कंपनी बाजार भी मुहैया कराएगी. आपको बता दें की विनायक हर्बल के सीईओ राकेश चौधरी, व उनके सहयोगी मोईनुद्दीन चिश्ती और अजीत सिहं पुनिया ने इसके लिए हिमचालय प्रदेश सरकार से करार किया है. जिसमें आने वाले 6 सालों में हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में औषधिय पौधों को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. जिसमें प्रदेश के लगभग 1000 से ज्यादा किसानों को रोजगार मिलेगा, जबकि किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी.

 

  1. जहां देश में सरकारें किसानों को सशक्त बनाने के लिए नई नई योजनाएं बाजार में ला रही हैं वहीं किसानों की तरफ से की जा रही धांधली भी सभी के सामने आ रही है, जहां पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कई किसानों की गड़बड़ी की बात सामने आ रही है, वहीं राजस्थान में करीब 6 लाख कथित किसान बरसों से बिना पात्रता के ही ब्याज मुक्त फसली ऋण का लाभ उठा रहे थे, आपको बता दें की इसका खुलासा तब हुआ जब ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण का ऑनलाइन आवेदन मांगा गया, वहीं अपात्र लोगों को फसली ऋण मिलना बंद होने से सहकारी बैंकों का करीब 3 हजार करोड़ रुपया बच गया. गौरतलब है कि, इन 3 हजार कोड़ की बचत का लाभ आने वाले समय में 5 लाख नए किसानों को मिलेगा, जाहिर है, जहां देश में सरकारें किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई योजनाओं से लेकर आती है ताकि किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके, वहीं किसानों उन योजनाओं का गलत फायदा उठाते हैं…जाहिर है अब तक प्रदेश में 6 लाख से ज्यादा किसान अपात्र होते हुए भई फसली ऋण का लगत फायदा उठा रहे थे. वहीं अनेकों किसानों के नाम जमीन तक नहीं है, फिर भी यहां के किसानों पिछले काफी समय से इस योजना का लाभ उठा रहे थे. वहीं किसानों की इस खेल में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों की भी मिलीभगत रहती है, जिसके चलते किसान इस तरह की योजनाओं का गलत इस्तेमाल करते हैं. जहां पिछले साल खरीफ सीजन में 18 लाख किसानों को 8 हजार करोड़ का ऋण वितरित किया गया था, वहीं इस बार ये आंकड़ां महज 5 हजार करोड़ रुपये तक ही रह गया है

 

Kisan Bulletin 7th Oct को वीडिय़ो रूप में देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

https://www.youtube.com/watch?v=LF_uyPYsLc0

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