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History of 23rd Oct- आज हुआ था कित्तूर की वीर रानी चेन्नम्मा का जन्म

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Kisan Bulletin 23nd Oct- आज हुआ था कित्तूर की वीर रानी चिनम्मा का जन्म

Kisan Bulletin 23nd Oct- आज हुआ था कित्तूर की वीर रानी चिनम्मा का जन्म

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आज 23 अक्टूबर का दिन है। यह साल का 296वां दिन है। इस दिन के इतिहास पर अगर गौर करें तो पता चलता है कि आज का दिन कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन की एक और खासियत यह भी है कि यह किसी न किसी रूप से सशक्त महिलाओं के इतिहास से जुड़ा हुआ है। जैसे कि इसी दिन को भारत की महान स्वतंत्रता सेनानी और झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के समान कर्नाटक की वीरांगना रानी चेन्नम्मा का जन्म हुआ था। उनका जन्म 1778 में हुआ था। वे कर्नाटक के कित्तुर की रानी थी। लक्ष्मीबाई की तरह ही उन्होंने भी अंग्रेजों की हड़प की नीति के विरोध में संग्राम छेड़ दिया था।

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कित्तूर की रानी चेन्नम्मा ने अंग्रेजों कर दिए थे दांत खट्टे

रानी चेन्नम्मा भारत की पहली महिला थी जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ युद्धघोष किया। तीन लड़ाइयों में आखिरी में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वे जंग हार गईं, जिसके बाद उन्हें बंधी बना लिया गया। उनकी मौत इसी दौरान हो गई। रानी चेनम्मा कर्नाटक समेत पूरे भारत में आजादी की लड़ाई की हीरो बन गईं। लोग उनसे प्रेरणा लेकर अंग्रेजों के विरूद्ध अवाज उठाने लगे।

1824 में रानी और अंग्रेजो के बीच लड़ाई हुई। अंग्रेज कित्तुर की धनसंपदा जो करीब 1.5 मिलियन रूपये की थी उसे हड़पना चाहते थे। अंग्रेजों ने पूरी ताकत से हमला किया। लेकिन रानी और उनके सैनिकों की बहादुरी के आगे उनकी एक न चली। इस दौरान रानी ने Sir Walter Elliot और Mr. Stevenson को बंदी बना लिया।

जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। इसके बाद दूसरी लड़ाई हुई तब रानी के हाथों लॉड मुनरों का भतीजा मारा गया। वही तीसरे लड़ाई में रानी की किस्मत ने साथ नहीं दिया। रानी चेनम्मा की मौत 2 फरवरी 1829 में हो गई। रानी के मौत के बाद भी उनके सेनापति संगोली रायन्ना ने गोरिला लड़ाई जारी रखी। साल 2007 में देश की तत्कालिक राष्ट्रपति ने दिल्ली स्थित संसद भवन के प्रांगण में उनकी एक मूर्ति का अनावरण किया।

रानी चेनम्मा के जन्म के अलावे इसी दिन को कई अन्य घटनाएं हुई जिनका सरोकार वर्तमान केसमय से भी है। जैसे कि

— साल 1850 में महिलाओं के अधिकारों को लेकर पहली बार अमेरिका में नेशनल वुमेन राइट कॉनवोकेशन शुरू किया गया।

— वहीं इसी दिन को साल 1947 में गेर्टी कोरी और उनके पति कार्ल कोरी को नॉबेल पुरस्कार मिला। वे पहले दंपति थे जिन्हें यह अवॉर्ड मिला था। इन दोनों को ही चिकित्सा के कार्बोहाइड्रेट साइकल के सिद्धांत देने को लेकर नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

— साल 2004 में 23 अक्टूबर को एक बड़ी दुखद घटना घटी। इस दिन को जापान में आए एक भयंकर भूकंप ने 85 हजार लोगों को बेघर कर दिया। इस भूकंप में करीब 68 लोगों की मौत हुई और 4 हजार लोग इसमें जख्मी हुए थे।

— वहीं एक और भूकंप 23 अक्टूबर के दिन ही साल 2011 में टर्की में आया था। यह भूकंप की तिव्रता 7.2 थी। इस घटना में करीब 582 लोगों की जान चली गईं थी।

— आज के ही दिन साल 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपनी आजाद हिंद फौज में ‘झांसी की रानी ब्रिगेड़’ की स्थापना सिंगापुर में की। इस रेजीमेंट में करीब 1000 के करीब महिला सैनिक थी। जो गोरिल्ला इनफेंटरी वॉर और नर्सिंग के काम में एक्सपर्ट थीं। लक्ष्मी स्वामिनाथन जिन्हें लक्ष्मी संघाई के नाम से भी जाना जाता था वे इस रेजिमेंट का नेतृत्व करती थीं। यह रेजीमेंट अक्टूबर 1943 से मई 1945 तक एक्टिव रही।

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