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History of 20 OCT – आज ही के दिन 1962 में शुरू हुआ था भारत-चीन युद्ध

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History of 20 OCT – आज ही के दिन 1962 में शुरू हुआ था भारत-चीन युद्ध

History of 20 OCT – आज ही के दिन 1962 में शुरू हुआ था भारत-चीन युद्ध

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20 अक्टूबर, यह साल का 293वां दिन हैं। नए साल के आने में अभी भी 73 दिन बाकी हैं। लेकिन हम बात कर रहे हैं आज के दिन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में। 20 अक्टूबर का दिन इतिहास में घटित कई ऐसी घटनाओं से जुड़ा है जो आज की दुनिया में कई बदलावों के कारक रहे हैं। आज के इतिहास पर गौर करें तो सबसे बड़ी घटना जो आज घटित हुई वो थी, भारत और चीन के बीच 1962 के बीच हुई लड़ाई। आज ही के दिन दोनों देशों के बीच जंग शुरू हुई थी। इस युद्ध से भारत की कई दुखद यादें जुड़ी हैं।

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तीब्बत में चीन की दखल और दलाई लामा को भारत द्वारा शरण देना मुख्य कारण

इस लड़ाई का मुख्य कारण रहा दोनों देशों के बीच का सीमा विवाद, लेकिन इसे भड़काने के कई और कारक भी रहे। जेसे कि तीब्बत में चीन का दखल, दलाई लामा का भारत आना और भारत सरकार का उन्हें शरण देना, भारत की फारवर्ड नीति जिसके तहत लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पूर्वी हिस्से और मैकमोहन रेखा के उत्तर में सीमा के साथ-साथ चौकीयां स्थापित कर दी गईं। जिसे चीन अपना हिस्सा मानता था। दोनों देशों के बीच आपसी बात चीत के दौर भी चलें। पं. नेहरू जो उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री थे उनका मानना था की दोनों देश इस मसले को बातचीत से सुलझा सकते हैं। उन्हें चीन की ओर से हमला करने होने की उम्मीद नहीं थी।

लेकिन 20 अक्टूबर 1962 को चीनियों ने लद्दाख और मैकमोहन रेखा के पार एक साथ अटैक कर दिया। चीनी सैनिकों ने दोनों जगहों पर चीनी सैनिक भारतीय सेनाओं से ज्यादा अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे। जिसके कारण उन्होंने रेजांग ला और पूर्वी थिएटर में तवांग पर कब्जा कर लिया। 20 नवंबर को यह लड़ाई खत्म हुई जब चीन ने युद्धविराम की घोषणा कर दी। यह एक ऐसी लड़ाई थी जिसमें सिर्फ थल सेना ने युद्ध किया था और यह लड़ाई 14000 फीट की ऊंचाई पर लड़ी गई।

भारत चीन युद्ध के शुरू होने के अलावे 20 अक्टूबर का दिन और भी कई ऐतिहासिक घटनाओं के लिए जाना जाता है। जैसे कि

—  साल 1568 में मुगल सम्राट अकबर ने चित्तौड़गढ़ पर आज ही के दिन हमला किया था। अकबर के सम्राज्य विस्तार करने की नीति में उसे सबसे ज्यादा दिक्कत चित्तौड़गढ़ में हुई। अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हल्दी घाटी के युद्ध की गाथा आज भी लोगों के जुबान पर है।

— साल 1740 में मारिया थेरेसा जो  हाउस ऑफ हैब्सबर्ग की अंतिम महिला शासक थी वे आज ही के दिन ऑस्ट्रिया, हंगरी, क्रोएशिया, बोहेमिया, मांटुआ, मिलान, गैलिशिया, ऑस्ट्रियाई नीदरलैंड और परमा की बनी थीं। रानी मारिया के पति रोम सम्राज्य के शासक थे।

— आज ही के दिन 1973 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में स्थित ओपेरा हाउस को पहली बार जनता के लिए खोला गया था। यह एक थियेटर है जिसे ओपरा परफॉरमेंस के लिए जाना जाता है। किसी भी आर्टिस्ट के लिए यहां परफॉर्म करना गर्व की बात होती है।

— 2011 में भी 20 अक्टूबर का दिन एक खास घटना का गवाह बना। लीबिया के तनाशाही शासक मोहम्‍मद गद्दाफी जिसने वहां 40 सालों तक एकछत्र राज किया था उसे लोगों ने गृह युद्ध के दौरान मार दिया।

— चलते चलते आपको बता दें कि 20 अक्टूबर का दिन क्रिकेट के फैंस के लिए भी खास है क्यों कि इसी दिन भारतीय टी में पूर्व खिलाड़ी और विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग का जन्मदिन है। साल  1978 में इस प्रसिद्ध खिलाड़ी का जन्म हुआ था। क्रिकेट की भाषा में ‘मुल्तान के सुल्तान’ नाम से फेमस विरेन्द्र सहवाग का क्रिकेट करियर काफी शानदार रहा है। वे दुनिया में सबसे डिस्ट्रक्टीव बल्लेबाज के तौर पर जाने जाते हैं। सहवाग ने अपना पहला वनडे इंटरनेशनल मैच 1999 में खेता और टेस्ट मैच 2001 में।

टेस्ट हो या वनडे दोनों ही फॉरमेट में एक ही लय में बल्लेबाजी करनेवाले सहवाग को 2008 में उनके फरफॉरमेंस के लिए Wisden Leading Cricketer in the World का खिताब दिया गया। यह अवार्ड पानेवाले वे भारत के पहले बल्लेबाज थे। उनके कीर्तिमानों की बात करें तो सहवाग टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज तेहरा शतक और सबसे तेज 250 रना बनानेवाले बल्लेबाज हैं।  यहीं नहीं टेस्ट में उनका नाम उन चार बल्लेबाजों में से एक है जिन्होंने 2 बार तीन सौ के आंकड़े को पार किया है। वहीं सचिन के बाद सहवाग वनडे में दोहरा शतक लागने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। सहवाग के रिकॉर्ड की लिस्ट बड़ी लंबी है जिसकी चर्चा फिर कभी की जा सकती है।

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