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History of 18th Nov- 1978 में अमेरिका में Jonestown Mass Suicide

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History of 18th Nov

History of 18th Nov

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History of 18th Nov-

आज 18 नवंबर है। हर दिन कुछ कहता है। यानि हर दिन की कुछ कहानी होती है। ये कहानियां इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं और उस दिन जब ये घटी होती हैं, बाहर आकर एकाएक लोगों की यादें ताजा कर देती हैं, और चौंका देती हैं।
अगर हम आपसे पूछें कि अमेरिका में हुई सबसे बड़ी घटना के कौन सी हुई थी? तो ज्यादातर लोगों यहीं कहेंगे कि वर्ल्ड ट्रेड सेंन्टर पर हुआ हमला, लेकिन यह सच नहीं है। इससे पहले अमेरिका में एक और घटना हुई थी जिसने दुनिया को हिला भी दिया और यह भी बता दिया कि अंधविश्वास कितना घातक हो सकता है। हाल ही में भारत में 11 लोगों के आत्महत्या करने की खबर से हड़कंप मच गया था. लेकिन अमेरिका में 1978 के समय में करीब 914 लोगों ने एक साथ आत्महत्या कर ली थी और वो भी सिर्फ एक धर्मगुरु के कहने पर।

दिन 18 नवंबर का था. अमेरिका के जोन्सटाउन में 900 से ज्यादा लोग जुटे थे. ये सब सामने की तरफ स्टेज  पर खड़े एक धर्मगुरु को सुन रहे थे. वह कह रहा था — हमें सरकार से खतरा है। हमारे धर्म को, हमारी इस जगह को खतरा है। ये लोग पैराशूट से यहां आएंगे। बच्चों को भी नहीं छोड़ेंगे। हमें बहुत तड़पाएंगे। 45 मिनट तक के इस भाषण में धर्मगुरु बार-बार कह रहा था कि 10 दिन की जिंदगी बहुत जालिम है, इससे बेहतर है मर जाओ और इसके बाद वहां जमे 900 लोगों ने एक सॉफ्ट ड्रिंक पीया। जिसमें  सायनाइड और वेलियम जैसा खतरनाक जहर मिला था। जिस धर्मगरु के कहने पर लोगों ने आत्महत्या की उसका नाम था जिम जोन्स। उसने  3,800 एकड़ में फैले जोन्सटाउन में पीपल्स टेंपल नाम की एक कम्यूनिटी बनाई थी।

मौके पर पहुंची अमेरिकी पुलिस को कई सबूत मिले जिनसे पता चलता है कि कई लोगों ने वो ड्रिंक्स पीने से मना कर दिया था। जिसके बाद उन्हें जबरदस्ती इंजेक्शन के जरिए ज़हर दिया गया। ऐसी 70 डेड बॉडी मिली जिनके शरीर पर इनजेक्शन के निशान थे। मरने वाले 914 लोगों में 304 बच्चे थे। कहा जाता है को जोन्स के कहने पर बच्चों की माओं ने ही उन्हें जहर दिया था। ये पूरी घटना ‘जोन्सटाउन मास सुसाइड’ कहलाती है। जांच में सामने आया कि जोन्स ने खुद जहर नहीं पिया था, उसके सिर पर गोली लगने का निशान था…ऐसा माना गया कि उसने किसी से कहकर अपने ऊपर गोली चलवाई थी। अमेरिकी कोर्ट ने इस पूरे मामले को आत्महत्या मानने से इंकार करते हुए इसे एक मास किलिंग कहा जिसका दोषी कोर्ट ने जिम जोन्स को ठहराया था।

यह घटना बताती है कि धर्म के नाम पर अंधविश्वास कितना घातक हो सकता है। भारत में भी ऐसी घटनाएं देखने को मिली हैं जिसमें एक ही परिवार के कई लोगों ने एक साथ आत्महत्या अंधविश्वास के कारण कर ली।

अमेंरिका की ‘जोन्सटाउन मास सुसाइड’ घटना के अलावा 18 नवंबर के दिन कई और महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं हैं। जैसे कि इसी दिन को

— 1928 में पहली बार वॉल्‍ट डिजनी कंपनी का मैस्‍कॉट स्‍टीमबोट विली जिसे हम सब मिकी माउस के नाम से जानते हैं… वह पहली बार नज़र आया था।

— साल 1963 में अमेरिकी टेलीफोन कंपनी बेल सिस्टम्स ने पहली बार दुनिया के सामने एक ऐसा टेलिफोन पेश किया जिसमें बटन वाला डायलिंग पैड था।

— साल 1989 आज ही के दिन लगभग 50 हज़ार लोगों ने बुल्ग़ारिया के शहर सोफ़िया में राजनीतिक सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया था।

— साल 1991 में चार साल से बंधक बनाए गए ब्रितानी चर्च के दूत टेरी वेट को इस्लामी चरमपंथियों ने आज ही के दिन रिहा किया था।

— साल 1962 में आज ही के दिन परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर शैतान सिंह चीनी सैनिकों से लड़ते हुए रेजांगला में शहीद हो गए थे। इससे पहले मेजर शैतान गोवा एक्सेशन ओर नागा हिल्स आॅपरेशन में अपनी बहादुरी दिखा चुके थे। भारत चीन युद्ध के समय रेजांगला पर शैतान सिंह के नेतृत्व में कुमाऊनी रेजीमेंट के सैनिक तैनात थे। चीनीयों ने सामने से कई बार अटैक किया… लेकिन शैतान सिंह और उनके सैनिकों के मुंह तोड़ जवाब के कारण वे नाकाम हो गए। इसके बाद चीनियों ने दूसरा तरीका अपनाया और तीनो तरफ से अटैक किया… इस दोरान शैतान सिंह ने हताश होते अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया… वो लड़ते रहे और शहीद होने तक एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट तक सैनिकों का हौसला बढ़ाते रहे… उनके नेतृत्व ने सैनिकों के अंदर एक अलग ही जोश भर दिया… सैनिक आखिरी सांस तक लड़ते रहें… किसी कवर फायर के बिना एक पोस्ट से दूसरे पोस्ट तक सैनिकों का हौसला बढ़ानें में लगे शैतान सिंह बूरी तरह से घायल हो गए… लेकिन वे अंतिम सांस तक अपनी पोस्ट पर डटे रहे। जब उनके सैनिक उन्हें रेसक्यू करके ले जा रहे थे तब चीनियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी… तब सिंह ने सैनिकों को ऑडर दिया कि वे उन्हें छोड़ कर चले जाएं. सैनिकों ने उन्हें एक पत्थर से टिका कर रख दिया।  युद्ध खत्म होने के बाद उनकी डेड बॉडी उसी जगह मिली। जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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