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History of 12th Dec – आज है साउथ फिल्मों के मेगास्टार रजनीकांत का जन्मदिन

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रजनीकांत

रजनीकांत

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आज 12 दिसंबर है। साल का यह 346वां दिन हैं। ऐसे में अब नए साल के आने में केवल 19 दिन ओर बचे हैं। यानि जल्द ही साल 2019 और इस साल में घटित घटनाएं इतिहास के पन्नों का हिस्सा होगीं। बात इतिहास की आ गई है तो आज के दिन से जुड़े ऐतिहासिक घटनाओं की कर लेते हैं। आज का दिन सुपरस्टार रजनीकांत के फैन्स के लिए सबसे ज्यादा खास है क्योंकि आज साउथ की फिल्मों के इस महास्टार का जन्मदिन हैं। साल 1950 में आज ही के दिन रजनीकांत का जन्म हुआ था। रजनीकांत साउथ की फिल्मों के उन चुनिंदा सुपरस्टार्स में से एक हैं जिनकी फैंन फॉलोइंग हिन्दी फिल्मों के दर्शकों के बीच भी जबरदस्त है। उनकी एक्टिंग और उनके स्टाइल के दिवाने आपको देश के हर कोने में मिल जाएंगे। रजनीकांत ने साउथ की फिल्मों के साथ ही हिंदी फिल्मों में भी काम किया है।

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आसान नहीं था रजनीकांत का फिल्मी सफर

बात उनके एक्टिंग करियर की करें तो रजनीकांत का फिल्म इंडस्ट्री में कोई गॉड फादर नहीं है। उन्होंने यह मुकाम खुद बनाया है। एक बस कंडक्टर से फिल्मी दुनिया के बादशाह तक का उनका सफर खुद एक फिल्मी कहानी की तरह है। लोअर मीडिल क्लास फैमली में जन्में रजनीकांत की मां तो उनके माँ में ही गुजर गई। पिता पुलिस में हवलदार थे और घर की माली हालत खराब। ऐसे में रजनीकांत ने पहले कुली के तौर पर फिर ब.टी.एस में बस कंडक्टर के रुप में काम किया। कंडक्टर के तौर पर उनका अंदाज़ किसी स्टार से कम नहीं था| वो अपनी अलग तरह से टिकट काटने और सीटी मारने के स्टाइल के कारण पैसेंज़र्स से लेकर दूसरे बस कंडक्टरों के बीच लोकप्रिय थे। उन्होंने कई मंचों पर नाटक भी किया था, ऐसे में फिल्मों और एक्टिंग का शौक तो था हीं लिहाज़ा रजनीकांत ने कंडक्टर की जॉब छोड़ी और पहुंच गए चेन्नई के अद्यार फिल्म इंस्टिट्यूट।

यहीं पर एक नाटक के दौरान मशहूर फिल्म निर्देशक के. बालाचंदर की नज़र उनपर पड़ीं और रजनीकांत को एक फिल्म अपूर्व रागांगल में रोल दे दिया। जनीकांत की ये पहली फिल्म थी पर किरदार बेहद छोटा था लेकिन लोगों को उनकी एक्टिंग पसंद आई। इसके बाद रजनीकांत ने परदे पर पहले नकारात्मक चरित्र और विलेन के रोल किए और बाद में साइड रोल करते हुए हीरो के तौर पर अपनी पहचान बनाई| उन्हें पहचान मिली निर्देशक एस.पी मुथुरामन की फिल्म चिलकम्मा चेप्पिंडी से| इसके बाद एस.पी. की ही अगली फिल्म ओरु केल्विकुर्री में वे पहली बार हीरो के तौर पर दिखे। इसके बाद तो हिट की लाइने लग गई। बाशा, मुथू, अन्नामलाई, अरुणाचलम, थालाप्ति उनकी कुछ बेहेतरीन फिल्मों रहीं। अंधा कानून, चालबाज, बुलंदी जैसी हिट हिंदी फिल्मों में भी उन्होंने काम किया है। श‍िवाजी, पेट्टा, काला, 2.0 उनकी कुछ रिसेंट फिल्मों में से है।

रजनीकांत के जन्मदिन के अलावे आज के दिन इतिहास में कई घटनाएं घटी हैं, जैसे कि

— आज के दिन 1911 में ब्रिटिश अधिकार वाले भारत की राजधानी कलकत्ता से बदलकर दिल्ली कर दी गई थी। आज ही के दिन ब्रिटेन के राजा जार्ज पंचम ने इस बात की घोषणा की थी। इसके पीछ़े बड़ा कराण यह था कि अंग्रेजों के खिलाफ नेशनलिस्ट आंदोलन बंगाल में तेजी से बढ़ रहा था।

— साल 1911 में आज ही के दिन ब्रिटेन की राजा जॉर्ज पंचम और रानी मेरी भारत के सम्राट के रूप में यहां पहुंचे थे। भारत आने के पांच महिने पहले ही जार्ज पंचम ने ब्रिटेन की राजगद्दी संभाली थी। उनके आगमन पर दिल्ली दरबार सजाया गया था जिसमें उन्हें भारत का सम्राट ओर महारानी घोषित किया गया।

— साल 1915 में चीन के राष्ट्रपति युवान शी की ने वहां राजतंत्र को फिर से बहाल करते हुए खुद को चीन का सम्राट घोषित किया था। वे रिपब्लिक ऑफ चीन के पहले ऑफिशियल राष्ट्रपति थे।

— साल 1923 में इटली में पो नदी का बांध फटने से 600 लोगों की जाने चलीं गईं थी। बता दें कि पो नदीं इटली की सबसे प्रमुख नदी है।

— आज भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज़ युवराज सिंह का जन्म साल 1981 में हुआ था। वे भारतीय टीम के लिए सभी फार्मेट के क्रिकेट मैच खेल चुके हैं। युवराज भारतीय टीम के बल्लेबाजी के मीडिल आॅडर्र की मजबूत कड़ी थे। उन्होने भारतीय टीम के लिए वनडे मैच साल 2000 से लेकर 2017 खेली और 2011 विश्व कप मैच में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से टीम को जीत दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। युवराज को उनके छक्के लगाने की काबलियत के लिए ज्यादा याद किया जाता है। एक ओवर की 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़ कर उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में एक नया कीर्तिमान रचा। इसके अलावा युवराज कैंसर पीड़ितों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत हैं। वे खुद साल 2011 में कैंसर की चपेट में आ गए थे। लेकिन उन्होंने इस गंभीर बीमारी को मात दी। साल 2012 में सरकार की ओर से उन्हें अर्जुन अवॉर्ड के लिए भी चुना गया। वहीं उन्हें पद्म श्री सम्मान से भी नवाज़ा गया है।

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