किसान बुलेटिन 22 नवंबर 2018- किसानों ने दी आत्महत्या की चेतावनी

किसान बुलेटिन 22 नवंबर 2018

किसान बुलेटिन 22 नवंबर 2018-

  1. महाराष्ट्र में सभी किसानों का कर्ज माफ हो, उन्हें फसल का उचित मूल्य मिले, खेती के लिए गांवों में बिजली मिले ऐसी ही अपनी मांगों को लेकर बुधवार को हजारों किसान मुंबई की सड़कों पर दिखे. लोक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले करीब 20 हजार किसानों और आदिवासी समाज ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चा निकाला है। जिसके चलते किसानों ने आज सुबह आजाद मैदान की तरफ कूच किया और वहां से एक सभा को संबोधित किया। किसानों का कहना है कि, वो तब तक वहां से टस से मस नहीं होंगे जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
  2. गन्ने की प्रमाणित किस्म के प्रति किसानों का रुझान बढ़ाने के लिए कृषि व कल्याण विभाग किसानों को अनुदान दे रहा है। किसान को प्रति एकड़ तीन हजार रुपये की राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी। इस योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को दिया जाएगा। इसके लिए विभाग ने किसानों से ऑन लाइन आवेदन मांगें हैं। किसान विभाग की एग्री हरियाणा की वेब साइड पर 30 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  3. घाघरा प्रखंड अंतर्गत इटकिरी गांव के किसान पिछले तीन सालों से फसल क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर कभी प्रखंड मुख्यालय तो कभी जिला मुख्यालय का चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। साल 2015 में किसानों ने अपने-अपने खेतों में धान, मड़ुआ, कुरथी, आलू, टमाटर, मिर्चा, अरहर आदि फसलों की खेती की थी. लेकिन ओलावृष्टि ने किसानों के फसलों को बरबाद कर दिया. तीन साल से ज्यादा वक्त गुजर जाने के बाद भी अब तक किसानों को उनकी बर्बाद फसलों का मुआवजा नहीं मिला है. तो वहीं किसान इस साल भी सूखे की मार झेल रहे हैं। किसानों का कहना है कि, अगर हालात यही रहे तो हम सभी आत्महत्या कर लेंगे।
  4. कृषि मंत्रालय ने नोटबंदी के असर पर संसदीय समिति को सौंपी रिपोर्ट में माना है कि, नोटबंदी की वजह से किसानों को भारी मुश्किलें उठानी पड़ीं थी। रिपोर्ट में कहा गया कि, करीब दो साल पहले नोटबंदी की वजह से लाखों किसानों को बीज और उर्वरक खरीदने के लिए नकदी की किल्लत हो गई थी। जमींदारों को भी किसानों को भुगतान करने और बीज खरीदने के लिए परेशानी हुई थी। देश के 26 करोड़ किसान अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए नकदी पर ही निर्भर रहते हैं।
  5. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने उत्तर प्रदेश के सत्तर किसानों का कर्ज चुकाने का इंतजाम किया है. वह खुद किसानों को मुंबई बुलाकर उन्हें जरूरी डॉक्यूमेंट सौंपेंगे. इसके लिए इंतजाम भी उन्हीं की तरफ से किया जा रहा है. इसके लिए अमिताभ ने बैंक ऑफ इंडिया से वन टाइम सेटलमेंट का करार किया है.इससे पहले अमिताभ ने महाराष्ट्र के कुछ किसानों का भी कर्ज चुकाया था.
  6. सोसायटियों में अब तक उड़द व मूंग की खरीदी शुरू नहीं होने से किसान परेशान हैं, लेकिन इस ओर कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा हैं। हैरानी की बात तो यह है कि प्रदेश भर की सोसायटियों में 20 अक्टूबर से उड़द व मूंग की भावांतर योजना के तहत खरीदी शुरू हो गई है, लेकिन मध्य प्रदेश के दमोह जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण अब तक खरीदी शुरू नहीं हो पाई है।

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