किसानों का दिल्ली कूच- 6 महीने में चौथी बार अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे किसान

किसानों का दिल्ली कूच

आज 2 अक्टूबर यानि की लाल बहादुर जंयती जिन्होंने किसानों और जवानों को मजबूत करने के लिए जय जवान जय किसान का नारा दिया था। हालांकि इस समय वहीं जवान और वहीं किसान आपस में भिड़ते नजर आ रहे हैं।  अपनी कई मांगों को लेकर किसान क्रांति यात्रा आज दिल्ली पहुंची है। किसान अपनी कई मांगों को लेकर पिछले 6 महीने में चौथी बार दिल्ली कूच कर रहे हैं। भारी मात्रा में जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। हालांकि हरिद्वार से आ रहे इन किसानों को दिल्ली में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी गई है। किसानों की यात्रा 23 सितंबर को हरिद्वार से शुरू हुई थी और 2 अक्टूबर को दिल्ली पहुंची, इन सभी का मकसद दिल्ली पहुंचकर राजघाट तक मार्च करना है।

आइए आपको बताते हैं कि किसानों की क्या क्या मांगे हैं. जिसकी वजह से किसान इतनी बड़ी संख्या में दिल्ली कूच कर रहे हैं.

  1. किसानों की कई मांगें हैं जिनमें बिजली के बढ़े दाम घटाने और पूर्ण कर्जमाफी सबसे अहम है।
  2. किसानों की मांगों में यह भी शामिल है कि किसानों के लिए न्यूनतम आय तय की जाए,
  3. 60 साल की आयु के बाद किसान को 5,000 रुपए प्रति माह पेंशन दी जाए.
  4. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बदलाव किया जाए. योजना का लाभ कंपनियों के बदले किसानों को दी जाए.
  5. अन्य मांगों में यह भी शामिल है कि सरकार सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त में उपलब्ध कराए.
  6. इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड योजना में बिना ब्याज लोन दिया जाए.
  7. महिला किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड योजना अलग से बनाने और आवारा पशुओं से किसानों के फसल को बचाने के इंतजाम की मांग उठाई गई है.

इन सबके अलावा किसानों ने कर्ज माफी, गन्ना की कीमतों समेत कई अन्य मांगों को लेकर दिल्ली में घुसने के लिए प्रयास कर रहे  हैं। जिसकी वजह से हजारों किसानों की दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस से किसानों की  झड़प हो गई। पुलिस की चेतावनीके बावजूद किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और किसानों में झड़प शुरू हो गई। किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल की। यही वजह है कि इस समय दिल्ली सीमा पर स्थिति बेहदतनावपूर्ण बनी हुई है। किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए पुलिस लगातार बल प्रयोग कर रही है।

इससे पहले हजारों किसान दिल्ली बॉर्डर पहुंचे। किसानों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इसके लिए पूरे यमुनापार में धारा-144 लगा दी गई है और यूपी से दिल्ली में प्रवेश करने के सभी रास्तों को बंदकर दिया गया है। गाजियाबाद बॉर्डर पर किसानों को रोक दिया गया है। दिल्ली में दाखिल होने वाले हर रास्ते को सील कर दिया गया है। दिल्ली से कौशांबी जाने वाले रूट में भी बदलाव किया गया है।

हालांकि, दिल्ली में किसानों के कूच को देखते हुए। दिल्ली के ईस्ट डिस्ट्रिक्ट डीसीपी पंकड सिंह ने पूरी ईस्ट दिल्ली में धारा-144 लगाने का आदेश जारी कर दिया। खास बात यह है कि, ये आदेश 8 अक्टूबर तक लागू रहेगा। इस दौरान लोगों के इकट्ठा होने,ट्रैफिक को डिस्टर्ब करने, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, भाषणबाजी, हथियारों के इस्तेमाल, लाठी और चाकू जैसी चीजों के इस्तेमाल, पत्थर इकट्ठा  करने, मशाल जलाने जैसी तमाम गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। उल्लंघन करने वालों को तुरंत गिरफ्तारकिया जाएगा। वहीं नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में भी 4 दिनों के लिए धारा 144 लगा दी गई है।

धारा 144 का असर है कि, बॉर्डर को सील कर दिया गया है। जिसकी वजह से गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। और पिकेटिंग के साथ भारी पुलिसबल की तैनात के चलते ईस्ट दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में लोगों को भारी जाम से जूझना पड़ रहा है।इसी का आलम था कि सोमवार शाम भी ईस्ट दिल्ली के कई इलाकों में जाम लगने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिन लोगों को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी या बस अड्डे से बस लेकर यूपी या अन्य राज्यों में जाना था, उन्हें खासी परेशानी झेलनी पड़ी।

एनएच-24 के अलावा गाजीपुर रोड, खिचड़ीपुर रोड, आईपी एक्सटेंशन, विकास मार्ग, मदर डेरी रोड, चौधरी चरण सिंह मार्ग, कौशांबी लिंक रोड, पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया, मधु विहार, लोनी रोड, जीटी रोड आदि पर लोगों को भारी जाम और ट्रैफिक डायवर्जनसे जूझना पड़ा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ से बंद होने की वजह से लोगों को आनंद विहार होते हुए जाना पड़ रहा था, जिसके चलते आनंद विहार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के आसपास के करीब चार-पांच किमी के दायरे में भारी ट्रैफिक कंजेशनदेखने को मिल रहा था।

इसके अलावा दिल्ली दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अडवाइजरी भी जारी की है। दिल्ली से गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ की तरफ जाने वाले लोगों को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के बजाय दूसरे रास्तों से जाने की सलाह दी गई है। वैकल्पिक रूट के तहत गाजीपुर चौक सेलोग रोड नंबर 56, आनंद विहार बस अड्डे, अप्सरा बॉर्डर, जीटी रोड और मोहन नगर होते हुए गाजियाबाद जा सकते हैं।

 

Grameen News के खबरों को Video रूप मे देखने के लिए ग्रामीण न्यूज़ के YouTube Channel को Subscribe करना ना भूले  ::

https://www.youtube.com/channel/UCPoP0VzRh0g50ZqDMGqv7OQ

Kisan और खेती से जुड़ी हर खबर देखने के लिए Green TV India को Subscribe करना ना भूले ::

https://www.youtube.com/user/Greentvindia1

Green TV India की Website Visit करें :: http://www.greentvindia.com/

 

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password