Thu. Jul 18th, 2019

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इंडोनेशिया: कुदरत का कहर गुजर गया, लेकिन अपने-अपनों से बिछड़ गये

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इंडोनेशिया

इंडोनेशिया: कुदरत का कहर गुजर गया, लेकिन अपने-अपने से बिछड़ गये

इंडोनेशिया में आये कुदरत के भयावह कहर को गुजर आज लगभग 9 दिन बीत गये हैं. इस कहर वाले इलाके में किसी के जीवित बचने की उम्मीदें बेहद ही कम हैं. लेकिन तलाशी अभियान को इंडोनेशिया सरकार द्वारा अभी भी अधिकारिक रूप से बंद नहीं किया गया है. इंडोनेशिया में तलाश एवं राहत अभियान के प्रवक्ता युसूफ लतीफ की माने तो, “तलाशी का अभियान अभी भी तेजी से चल रहा है, अभी तक मिले अधिकतर शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हैं. जिसकी वजह से ये राहतकर्मियों के लिए भी नुकसान देह हो रहा है. यहीं वजह है कि, बचाव कर्मियों को भी काफी सावधान रहना पड़ रहा है.”

इंडोनेशिया में कुदरत की आपदा भूकंप-सुनामी के गुजर जाने के बाद राहतकर्मी मलबे के ढेर से अब भी शवों की तलाश में जुटे हैं और बीते शनिवार को वहां नई स्वास्थ्य चेतावनी जारी की गई है. क्योंकि इंडोनेशिया के भूकंप और सुनामी वाले शहर पालू से अभी तक निकाले गये शव लगभग सड़ी हुई अवस्था में जमीन से निकाले गये हैं.

एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुगरोहो ने बीते रविवार संवाददाताओं से बात करते हुए बताया कि, “बालारोआ और पेतोबो के प्रमुखों की अब तक आई रिपोर्ट्स की माने तो अभी भी कम से कम पांच हजार लोग इस आपदा में गुमशुदा हैं.”

वहीं सुलावेसी द्वीप पर समुंद्र के किनारे बसे इस शहर में अभी भी करीब एक हजार से ज्यादा लोग लापता हैं. इसके अलावा इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी की मानें तो यह आंकड़ा शहर के पेतोबो और बालारोआ क्षेत्रों के स्थानीय प्रमुखों द्वारा दी गई जानकारी की गणना पर आधारित है.

बीते रविवार को आये आंकड़ो के मुताबिक अब तक इंडोनेशिया में आये इस भयावह भूंकप और सुनामी में कुल 1,649 लोगों के मौत की पुष्टि हो गई है. हालांकि इस आंकड़ें में बदलाव होने की संभवनायें बरकार हैं.  

 

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