पेशवाई का जुलूस निकालने से पहले आनंद अखाड़े के संतों ने खुलेआम की ठांय ठांय

पेशवाई का जुलूस निकालने से पहले आनंद अखाड़े के संतों ने खुलेआम की ठांय ठांय

पेशवाई का जुलूस निकालने से पहले आनंद अखाड़े के संतों ने खुलेआम की ठांय ठांय  आपने शादियों में लोगों के हर्ष फायरिंग करने की खबरें देखी और सुनी ही होंगी। हालांकि हर्ष फायरिंग को कानूनन अपराध माना गया है और इस पर रोक लगी हुई है। अब ऐसा ही कुछ मामला प्रयागराज कुम्भ मेले में संतों के हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है।

ये पूरा मामला आनंद अखाड़े की पेशवाई का है। पेशवाई के जरिए अखाड़ों का कुम्भ मेला क्षेत्र में प्रवेश होता है। जिसमें अखाड़े की धर्म ध्वजा के साथ ही अखाड़े के ईष्टदेव की पालकी निकलती है। इस शाही जुलूस में हाथी, घोड़े, ऊंट और रथों पर अखाड़े के संत, महंत और महामंडलेश्वर भी निकलते हैं।

अखाड़ों की पेशवाई के समय नागा सन्यासियों के अस्त्र और शस्त्र के प्रदर्शन की भी परम्परा है. लेकिन आनंद अखाड़े में पेशवाई के शुरू होने के मौके पर संतों के हर्ष फायरिंग का मामला भी सामने आया है.पेशवाई में संतों ने अपने असलहे से फायरिंग कर पेशवाई शुरू होने की घोषणा की. पेशवाई शुरू होने से पहले संतों की खुशी देखने लायक थी। अपनी मस्ती में मस्त संतों ने फायरिंग कर अपनी खुशी का इजहार किया और जय घोष कर खुशी मनाई। संतों की ये फायरिंग लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं संतों की इस हर्ष फायरिंग को देखकर लोगों में आक्रोश भी है। इस तरह खुलेआम बन्दूक चलाने से भीड़ में किसी को गोली भी लग सकती थी लेकिन फिर भी इस हर्ष फायरिंग को लेकर पुलिस और प्रशासन के लोग चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या धर्म कानून से भी बड़ा है जो अभी तक इन संतों के ख़िलाफ़ कोई एफआईआर नहीं हुई।

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