Wed. Jul 17th, 2019

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देवरिया जिला अस्पताल के नहीं बदले हाल, भ्रष्ट प्रशासन, भ्रष्ट अधिकारी, अधर में लटकी मरीज़ो की ज़िंदगी

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देवरिया जिला अस्पताल

देवरिया जिला अस्पताल के नहीं बदले हाल, भ्रष्ट प्रशासन, भ्रष्ट अधिकारी, अधर में लटकी मरीज़ो की ज़िंदगी

एक कहावत है अंधेर नगरी चौपट राजा….और ये कहावत आज के दौर में हर जगह किसी न किसी ऐंगल से फिट ही बैठता है. कुछ इसी तरह ये कहावत देवरिया के जिला अस्पताल पर चिरतार्थ होती नजर आती है. आपको बता दें की जिस जिला अस्पताल को आज के समय में मेडिकल कॉलेज का दर्जा दिया जा चुका है उसी अस्पताल में बीते दिन प्रदेश के कैबिनेट कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही अस्पताल में औचक निरीक्षण करने पहुंच गए. गौरतलब है कि ये अस्पताल कैबिनेट कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के गृह जनपद का भी अस्पताल है.

हालांकि अस्पताल में पहुंचने के बाद कृषि मंत्री के सामने अधिकारियों से लेकर वहां के प्रशासन तक की लचर व्यवस्था की पोल खुल गई और सिस्टम की सारी हकीकत सभी के सामने बयां हो गई. आपको बता दें की जब मंत्री जी जिला अस्पातल का करने करने पहुंचे तो उस समय अस्पताल की लाईट कट गई और मंत्री जी के सामने ही अस्पताल प्रशासन की हकीकत साने आ गई. इस दौरान मंत्री जी के साथ खड़े लोगों ने अपने मोबाइल फोन का साहार लेते हुए रोशनी दिखाई तो स्वास्थ्य महकमें के सभी डॉक्टरों से लेकर वहां मौजूद अधिकारियों ने मंत्री जी की चापलूसी करनी शुरू कर दी.

जाहिर है जहां एक तरफ बीते दिन उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर मंडल की बैठक में स्वास्थ महकमे की जमकर फटकार लगाई थी वहीं जब उनके ही मंत्री अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो हकीकत एक बार फिर सभी के सामने आ गई. इस दौरान कृषि मंत्री से अस्पताल की सीयमएस डा.माला सिन्हा ने भी मुलाकात की और मंत्री जी को बताया की अस्पताल का जंगरेटर खराब हो गया है उन्हें एक नया जंगरेटर दिया जाए और मंत्री जी ने डॉक्टर साहिबा को आश्वासन दे दिया.

जाहिर है जहां एक तरफ कभी प्रशासन तो कभी नेता इन दोनों को शायद अपना काम और अपने आश्वासन की बाखूबी जानकारी रहती है. तभी तो औचक निरीक्षण करने बाद भी हकीकत सामने आने के बाद भी मंत्री न तो अधिकारियों पर सख्त रवैया उठाते हैं और न ही अधिकारी उनकी बात पर गौर करते हैं. आपको याद दिला दे ये वहीं जिला अस्पताल है जहां ग्रामीण न्यूज की ही टीम ने यहां की सच्चाई लोगों के सामने लाते हुए दिखाया था की कैसे यहां की दवाईयां पास ही के प्राइवेट अस्पताल में सर्व की जा रही है यही नहीं यहां आने वाले मरीजों को बाहर से दवाईयां लेने पर मजबूर किया जा रहा था. अब आप खुद ही इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं की जहां एक तरफ प्रशासन का लचर रवैया हमेशा आम लोगों की परेशानियों की वजह बना रहता है. वहीं इस तरह मंत्रियों के औचक निरीक्षण के बाद अस्पताल में क्या नया ठोस कदम उठाया जाएगा अब ये देखने वाली बात होगी.

 

 

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