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कमलनाथ ने डीजीपी पद से हटाये, तो मोदी ने बनाया Rishi Shukla को CBI का Boss

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Rishi Shukla

कमलनाथ ने डीजीपी पद से हटाये, तो मोदी ने बनाया Rishi Shukla को CBI का Boss

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सीबीआई के नवनिर्वाचित निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला। वही जिन्हे अभी बस पांच दिन पहले ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 29 जनवरी को डीजीपी पद से हटाया था। तो फिर मोदी सरकार ने उन्हें CBI बॉस क्यों बनाया।

वही CBI Chief Rishi Shukla जो मोदी के करीबी हैं। इनका अजीत डोभाल से भी कोई ख़ास कनेक्शन हैं। वगैरह वगैरह अभी आज ही CBI Chief Rishi Shukla सीबीआई के निदेशक बनाए गए हैं और सोशल मीडिया में इस तरह के सवाल भी वायरल होने लगे हैं। तो सबसे पहले हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने उन्हें CBI चीफ बनाने का फैसला किया। Rishi Shukla का चयन करने वाली सेलेक्ट कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई और नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल रहे।

खड़गे की आपत्ति के बावजूद कमेटी ने दो-एक से शुक्ला को डायरेक्टर बनाने का फैसला किया। इसी के साथ सेलेक्शन के आखिरी चरण तक पहुंचने के बावजूद आईपीएस जावीद अहमद, राजीव भटनागर, एपी माहेश्वरी और सुदीप लखटकिया पीछे छूट गए। उन्होंने रेस में शामिल 1983, 1984 और 1985 बैच के आईपीएस अफसरों को पीछे छोड़ कर ये बाजी मार ली और सबको चौंका दिया।  वजह कि अन्य अफसरों की तुलना में उनका नाम मीडिया की सुर्खियों में नहीं था। वो अपने काम को लेकर शुरू से ही काफ़ी गंभीर और संजीदा रहे हैं। ना वो किसी नेता के करीबी रहे और ना उनका नाम किसी धांधली में कभी सामने आया।

दरअसल आलोक वर्मा को पद से हटाए जाने के बाद सीबीआई चीफ का पद 10 जनवरी से खाली चल रहा था। सीबीआई में डायरेक्टर आलोक वर्मा और ज्वाइंट डायरेक्टर राकेश अस्थाना के बीच हुए विवाद के बाद सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया था। जिसके बाद से नए सीबीआई डायरेक्टर की खोज शुरू हुई थी और अब वो ऋषि कुमार शुक्ल पर आकर ख़त्म हो गई।

23 अगस्त 1960 को जन्मे ऋषि शुक्ला के पिता बालकृष्ण शुक्ला एमपीईबी में इंजीनियर थे। दादा रामेश्वर शास्त्री जाने-माने आयुर्वेदाचार्य थे। उन्होंने एलकेजी और यूकेजी की पढ़ाई यहां कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में की। इसके बाद पिताजी हिंदुस्तान मोटर्स में महाप्रबंधक होकर कोलकाता चले गए तो उन्हें भी साथ जाना पड़ा।

ग्वालियर से कोलकाता पहुंचने पर वहां हिंदी हाईस्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद आईआईटी में चयन हो गया था। आईआईटी के बाद कानपुर से ग्रेजुएशन किया और 1983 में यूपीएससी की परीक्षा दी। पहले ही प्रयास में आईपीएस के रूप में चयन हो गया।

Rishi Shukla मध्यप्रदेश में  BJP सरकार में DGP रहे हैं। Rishi Shukla मध्यप्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं. उनकी पहली पोस्टिंग सीएसपी रायपुर में हुई थी. इसके बाद वे दमोह, शिवपुरी और मंदसौर जिले के एसपी रहे. 2009 से 2012 तक वह एडीजी इंटेलिजेंस भी रह चुके हैं. इसके बाद जुलाई 2016 से जनवरी 2019 तक मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक के पद पर थे.

Rishi Shukla मध्यप्रदेश के डीजीपी के तौर पर 30 जून, 2016 को चुने गए थे। इस पद पर वह 29 जनवरी, 2019 तक रहे। कांग्रेस की सरकार बनते के बाद ही  ऋषि शुक्ला की विदाई की अटकलें लगने लगीं थीं।

उन्हें सीबीआई में काम करने का तो कोई अनुभव नहीं है, मगर इंटेलीजेंस ब्यूरो में काम कर चुके हैं। शुक्ला अगस्त, 2020 में सेवानिवृत्त हो जाते, लेकिन सीबीआई प्रमुख बनने के बाद उनका कार्यकाल फरवरी, 2021 में खत्म होगा। ऋषि कुमार इंटेलिजेंस में महारत हासिल रही है। वे दो बार केंद्र सरकार की आईबी में भी रहे हैं। आईबी में पोस्टिंग के दौरान एनएसए अजीत डोभाल से भी उनका नाता रहा है। यही कारण है कि सीबीआई चीफ की पोस्टिंग में डोभाल कनेक्शन की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। डोभाल आईबी के निदेशक रहे हैं।

ये वही आईपीएस ऋषि कुमार शुक्ला हैं, जिन्हें अभी पांच दिन पहले ही मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने डीजीपी पद से हटा दिया था। उन्हें डीजीपी पद से हटाकर जहां दोबारा पुलिस हाउसिंग बोर्ड में भेज दिया, वहीं उनकी जगह वीके सिंह को मध्य प्रदेश का नया डीजीपी बनाया था। शिवराज सरकार में डीजीपी बनने से पहले भी वो मप्र पुलिस हाउसिंड कार्पोरेशन के चेयरमैन रहे। नई सरकार बनने के बाद सियासी गलियारे में चर्चा रही कि कमलनाथ और डीजीपी  Rishi Shuklaके बीच पट नहीं रही थी।

हालांकि डीजीपी पद से शुक्ला की विदाई के पीछे कांग्रेस आइटी सेल से जुड़े एक युवक की गिरफ्तारी को भी वजह बताया जाता है। जब बीते 24 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश पहुंचकर अभिषेक मिश्रा नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया था।  जिसके बाद कांग्रेस नेता भड़क उठे थे। खुद गृहमंत्रा बाला बच्चन ने इस पर हंगामा खड़ा करते हुए कहा था कि बगैर मध्य प्रदेश पुलिस को सूचित किए कैसे दिल्ली की पुलिस यहां आकर किसी को गिरफ्तार कर सकती है।  इस घटना के बाद से कमलनाथ ने शुक्ला को हटाने का पूरा मन बना लिया। अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर गिरफ्तारी के तरीके को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी जताई थी.

दूसरी प्रमुख बात थी कि Rishi Shukla को शिवराज सिंह चौहान का बेहद करीबी आईपीएस अफसर माना जाता है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के निशाने पर वह काफी पहले से थे। उनको लेकर चर्चाए बस एक बार आई जब जब वह स्वास्थ्य कारणों से करीब डेढ़ महीने की लंबी छुट्टी पर चले गए थे. चुनाव के समय इतनी लंबी छुट्टी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं थीं. उनके इस फैसले से हलकान हुए चुनाव आयोग को उनकी जगह 1984 बैच के आईपीएस वीके सिंह को कार्यवाहक डीजीपी बनाना पड़ा था.

बताया जाता है कि बीजेपी की सरकार में वह इतने भरोसेमंद हैं कि डीजीपी बनने से पहले भी वह कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर शिवराज सिंह चौहान के सलाहकार की भूमिका निभाते थे. उनके बारे में कहा जाता है कि वह अपने मातहत अफसरों और कर्मियों के हितों के लिए नेताओं से भी टकराने से नहीं हिचकते. उनके अंडर में काम कर चुके अफसर उन्हें मीठी बोली में कड़ी नसीहत देने वाला पुलिस अफसर मानते हैं. अब फिलहाल इनका कार्यकाल 1 फरवरी, 2019 से अगले 2 साल तक रहेगा

 

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