अमित शाह की रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हिंसा, जिम्मेदार कौन…?

अमित शाह की रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हिंसा

तारीख 19 जनवरी 2019 को पंश्चिम बंगाल के कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक रैली होती है. किसकी, टीएमसी की और इस रैली में शामिल होते हैं देश के वो बड़े नेता जो इस समय महागठबंधन का हिस्सा बन भारतीय जनता पार्टी को हटा कर देश में अपनी सत्ता स्थापित करना चाहते हैं.

जहां 19 जनवरी के दिन उत्तर प्रदेश के समाजवादी मुखिया अखिलेश गये वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, और स्टालिन जैसे नेता भी इस रैली के हिस्सेदार बने और ऐसा माना जा रहा था कि इस रैली में कुल 20 से ज्यादा पार्टी के नेता आएंगें. हालांकि रैली हुई सभी नेताओं ने बीजेपी के खिलाफ हुंकार भरी जनसमूह उमड़ा सभी लोगों ने उन नेताओं का साक्षात्कार किया, और पार्टी की वाहवाही कर और सुनकर अपने अपने घर शांति से लौट गये…

इस बीच एक और खबर कि, बीती 29 तारीख को बीजेपी की पंश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर में रैली थी और इस रैली को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संबोधित किया. इस रैली में अमित शाह ने कहा कि, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के आखिरी दिन आ गये हैं. बीजेपी सरकार बनाने के लिए उन्होंने वहां आये जनसमूह से आग्रह किया की वो, इसमें बीजेपी की मदद करें जिससे वो आने वाले लोकसभा चुनाव में ममता सरकार को हराकर प्रदेश में अपनी सरकार बना सकें. जिसके बाद कार्यक्रम खत्म हुआ और अमित शाह वहां से वापस लौट आये. 

हालांकि मुद्दा ये नही है कि अमित शाह वहां से वापस लौट आये. मुद्दा ये है कि इस रैली के खत्म होने के बाद भाजपा की रैली में उमड़े जनसमूह पर कुछ तथाकथित लोगों ने हमला किया बीजेपी इस हमले का जिम्मेदार जहां TMC को बता रही है. वहीं राजनीति एक बार फिर पंश्चिम बंगाल में उबाल खा रही है….

बीजेपी का एक प्लान था…..बीजेपी के तीन बड़े नेता रथ यात्रा लेकर निकले और प्रदेश के लोगों को संबोधित करते हुए कोलकाता में पहुंचे जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को संबोधित कर लोकसभा चुनाव के पहले बंगाल में चुनावी माहौल तैयार करें. हालांकि ममता बनर्जी ने रथ यात्रा पर रोक लगा दी. बाद में मुद्दा कोर्ट में गया जिसके बाद बीजेपी ने एक दूसरा हल निकालते हुए जनसभायें करने की तैयारियां की और इसे नाम दिया “लोकतंत्र बचाओ जनसभा” इसी तरह की एक सभा 29 जनवरी को थी. जिसमें लोगों की भीड़ आई थी. इसी तरह लोगों से भरी एक बस में बंगाल के कांती इलाके में तोड़फोड़ हुई और एक मोटरसाईकिल आग के हवाले कर दी गई. इसके साथ खबरें ये भी थी कि, इस दौरान TMC कार्यलय में भी तोड़फोड़ हुई. जिसके बाद बंगाल में तीन चीजें में सक्रियता बढ़ी. पहली ममता सरकार से केंद्रीय गृहमंत्री ने जवाब तलब किया. दूसरी सक्रियता बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आये और तीसरी सक्रियता बंगाल की पुलिस ने कुल मिदनापुर के 9 लोगों को गिरफ्तार किया और ये हवाला दिया की ये सभी लोग हिंसा में शामिल थे. इस बीच ये खबर है कि, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ ने ममता को फोन किया और बंगाल के हिंसा और हालात पर चिंता जताई.

ममता ने इस पर क्या कहा…

ममता बनर्जी ने राजनाथ को जवाब देते हुए कहा कि, पहले आप अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को समझा लें…..जब देश के उसी पंश्चिम बंगाल में 19 तारीख को तृणमूल सरकार अपनी रैली करती है. जहां देश के तमाम बड़े नेता इकट्ठा होते हैं. जहां पूरे देश से लाखों की संख्या में भीड़ इकट्ठा होती है. वहां एक पत्ता तक नहीं खटकता. वहीं दूसरी तरफ अगर बात बीजेपी की करें तो, पहले रथ यात्रा को मंजूरी ना देना और जब बीजेपी लोकतंत्र बचाओ के नाम से अपनी रैली शुरू करें तो, उसमें आने वाली भीड़ पर तोड़फोड़ करना, मारपीट करना. कहीं न कहीं कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें देखकर सुनकर ये समझा जा सकता है कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार में कुछ न कुछ खामियां हैं. बात अगर बीजेपी की करें तो जहां बीजेपी पर समय समय पर धुव्रीकरण करने की उंगलियां उठती रहती हैं. उसी तरह बंगाल से आये दिन समुदायिक हिंसा की बात बाहर आती रहती हैं. जिसे ना तो मीडिया तूल देता है और ना ही कोई देश का बड़ा नेता उसके बारे में बात करता है….

ऐसा भी माना जाता है कि, पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार हिंदू वोटरों को अपने खेमे में लेने के लिए इस तरह के दांव चल रही है…जिसमें रथ यात्रा से लेकर जनसभायें तक शामिल हैं लेकिन बात अगर प्रदेश सरकार की करें तो प्रदेश सरकार का कोई हक या कोई दायित्व नहीं बनता की वो विपक्ष की गतिविधियों पर रोक लगा दे.

अगर कुल मिलाकर बात ममता बनर्जी की करें तो, जिन लेफ्ट समर्थित लोगों को हटाकर ममता बनर्जी किसी समय में पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हुई थी. आज उन्हीं लोगों को ममता बनर्जी ढोती आ रही हैं. वहीं बुराईंयां TMC पार्टी आज अपने अंदर समेट रही है. ऐसा भी कहा जा रहा है कि, जिस खूनी राजनीति के खिलाफ ममता बनर्जी बंगाल की दीदी बनी. आज वही आरोप ममता पर लग रहे हैं. ऐसे में अगर बात करें लोकसभा चुनावों की तो, जहां केंद्र की भाजपा सरकार लोकसभा चुनावों की तैयारियों और विधानसभा की तैयारियों के चलते बंगाल में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती. वहीं ममता सरकार शायद अपनी सरकार के आगे विपक्ष की एक भी चलने नहीं देना चाहती….

 

 

Grameen News के खबरों को Video रूप मे देखने के लिए ग्रामीण न्यूज़ के YouTube Channel को Subscribe करना ना भूले  ::

https://www.youtube.com/channel/UCPoP0VzRh0g50ZqDMGqv7OQ

Kisan और खेती से जुड़ी हर खबर देखने के लिए Green TV India को Subscribe करना ना भूले ::

https://www.youtube.com/user/Greentvindia1

Green TV India की Website Visit करें :: http://www.greentvindia.com/

 

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password