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“मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना” के तहत युवा किसानों को मिलेगा ऋण

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"मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना" के तहत युवा किसानों को मिलेगा ऋण

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किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर केन्द्र सरकार प्रतिबद्ध है। यहीं कारण है कि केन्द्र से लेकर राज्य सरकार तक किसानों के लिए लगातार कोई न कोई नई योजनाएं लेकर सामने आ रही है। सरकार सिर्फ योजना ही नहीं ला रही बल्कि अपनी नई योजनाओ के बारे में आम किसानों को लगातार जागश्रक भी कर रही है। बता दें कि मध्यप्रदेश को कृषि क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। इस राज्य में जायदातर गेहूं और दलहन की खेती होती है। इसलिए राज्य सरकार अपने यहां के इन किसानों को उद्यमी बनाने पर अब जोर—शोर से काम कर रही है। इसके लिए सरकार किसानों का मार्गदर्शन कर उनको वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है।

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किसानों के बेटे-बेटियों उद्यमी बनाना चाहती है सरकार

राज्य सरकार का प्रयास है कि वो अधिक से अधिकं ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यम से जोड़े, क्योंकि युवाओं में उद्यमिता को लेकर एक अलग ही उत्साह है।युवाओं में इसी उत्साह को बढ़ने के लिए राज्य सरकार किसानों के बेटों और पुत्रियों को ऋण की सुविधा उपलब्ध करा रही है। ताकि ये ग्रामीण युवा अपना खुद का कृषि उद्यम शुरू कर सके। किसानों के बेटे और बेटियों को यह ऋण मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत दिया जा रहा है। अगर सरकार की ओर से मिल रहे इस ऋण का फायदा कोई उठाना चाहता है तो उसके पास कुछ मुख्य योग्यताएं होनी चाहिए।

ये मुख्य योग्यताएं जरूर हो

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— इसके लिए आवेदक को मध्य प्रदेश का मूल निवासी होने के साथ ही पास में कम से कम दसवीं कक्षा की डिग्री होनी चाहिए।
— इस योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदक की 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
— आवेदक को किसान पुत्र-पुत्री होना चाहिए तथा उसके माता-पिता या स्वयं के पास कृषि भूमि का होना भी अनिर्वाय है।
— इसके अलावा आवेदक किसी भी वित्तीय संस्था या बैंक का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए, साथ ही वह शासन की अन्य किसी स्वरोजगार योजना का पूर्व से लाभांवित नहीं हो।
—आवेदक के पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो परियोजना प्रपत्र, सक्षम अधिकारी का जाति प्रमाण-पत्र होना चाहिए।

ऐसे करें आवेदन :—

कृषि आधारित इस परियोजना में दालमिल, राइसमिल, ऑयल मिल, फ्लोर मिल (आटा चक्की), मसाला निर्माण, बीज ग्रेडिंग, पशु आहार, कुक्कुट आहार, टिशू कल्चर, सब्जियों में डिहाइड्रेशन, तकनीक, फूड प्रोसेसिंग आदि के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण प्राप्त करने हेतु आवेदक एम.पी. ऑनलाइन (https://www.mponline.gov.in/portal/) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना के माध्यम से युवा किसानों को ऋण देने का उद्देश्य राज्य के किसानों की आय बढ़ाना और स्वरोजगार को स्थापित करना है, ताकि गांवों से पलायन करने वाले लोग ग्रामीण क्षेत्रों में ही अपना जीवन—यापन कर सके और अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा दे सकें। जिससे की ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी घटे।

खेती-बाड़ी और किसानों से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

https://www.youtube.com/user/Greentvindia1/videos

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