हिंसा, हत्या मामले में रामपाल दोषी करार, हिसार में बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था

हिंसा, हत्या मामले में रामपाल दोषी करा

सतलोक आश्रम प्रकरण में के संचालक संत रामपाल को हत्या के आरोपों के तहत कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है. फैसले को लेकर सेंट्रल जेल में ही कोर्ट लगाई गई, वहीं अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डी. आर. चालिया इस दौरान मामले की सुनवाई की. गौरतलब है कि, साल 2014 में रामपाल के आश्रम में हिंसा भड़की थी जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी. जिसमें 5 महिलाएं और 1 बच्चा भी शामिल था. फैसले के दौरान हिंसा भड़कने की आशंका को देखते हुए रामपाल की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए की गई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए, गुरुवार सुबह से ही पूरे हिसार में कड़े सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. वहीं बीते बुधवार से ही जिले में धारा-144 लगा दी गई थी. इसके अलावा यहां की सभी सीमाएं भी पूरी तरह से सील कर दी गई थी. जिले में 2000 सुरक्षा बलों की नियुक्ति की गई है. कानून-व्यवस्था की स्थिति को और शांति बनाये रखने के लिए और हिसार शहर में रामपाल के समर्थकों को रोकने के लिए 48 पुलिस नाके बनाए गए थे. इसके अलावा कई रूटों का डायवर्जन भी किया गया है.

आखिर क्या था मामला..?

गौरतलब है कि, 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को उनके आश्रम से बाहर निकालने के लिए पुलिन ने अभियान चलाया था. इस कार्रवाई के पहले दिन काफी लोग घायल हो गये थे. हालांकि रामपाल के समर्थक आश्रम में जुटे रहे थे. जब पुलिस रामपाल को आश्रम से बाहर निकाल रही थी. उस दौरान हिंसा में 5 महिलाओं के साथ 1 बच्चे की मौत हो गई थी. इसके अलावा पुलिस ने एक मामले में रामपाल के साथ 15 लोगों पर जबकि एक और अन्य मामले में रामपाल समेत 14 लोगों पर केस दर्ज किया था.

वहीं प्रशासन ने मामले की पूरी गंभीरता को देखते हुए इस बार कड़े इंतजाम किये थे. बरवावा के सतलोक आश्रण प्रकरण में हुई हत्या के दो मुकदमों की सुनवाई के अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश अजय पराशर सेंट्रल जेल वन में कर रहे थे. हाल ही में अजय पराशर का यहां तबादला हुआ है. जिसके बाद से रामपाल के तीनों प्रमुख मुकदमे अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डी. आर. चालिया की अदालत में स्थानांतरित हो गए थे.

प्रशासन को पहले से आशंका थी कि, लगभग 10 से 20 हजार श्रद्धालू कोर्ट परिसर, सेंट्रल जेल, रेलवे स्टेशन, लघु सचिवालय में एकत्रित हो सकते हैं. ऐसे में समर्थकों के कानून व्यवस्था बिगाड़ने और शहर में आशांति फैलाने की भी गुंजाइश ज्यादा थी. जिसको ध्यान में रखते हुए जिले से 1300 पुलिसकर्मी और बाहरी जिलों से 700 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी शहर में लगाई गई है. वहीं अन्य जिलों के भी एसपी और डीएसपी की भी ड्यूटी हिसार में लगाई गई है. शहर में शांति माहौल पूरी तरह कायम रहे उसके लिए आरएएफ की पांच कंपनियों को भी हिसार में तैनात किया गया है.

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