महिला कॉन्सटेबल प्रियंका ने लावारिस बच्ची को अपने आंचल से ढक पेश की मिसाल

महिला कॉन्सटेबल प्रियंका

आज के समय में लोगों की जिंदगी सुपरफास्ट ही नहीं हुई, बल्कि मतलबी भी होती जा रही है….अब देखिए न खुद के कामों के लिए तो समय कम पड़ ही जाता है, फिर दूसरों की मदद के बारे में क्या सोचें. अब सोचने का समय ही नहीं है तो कोई किसी की मदद करेगा भी क्या. ऐसे में जब ज्यादातर लोगों के पास अपने ही बच्चों का पेट भरने, बैठकर उनको खाना खिलाने का समय नहीं होता, तब हैदराबाद की महिला कॉन्सटेबल प्रियंका ने लावारिस बच्ची के रोने का दर्द सुना और उसको अपने आंचल की छांव देकर उसका पेट भरा. आइए सुनाते हैं आपको भी इस महिला कॉन्सटेबल की दिल को छू लेने वाली ममता भरी कहानी…. अपने आंचल में बच्ची को लेने वाली हैदराबाद पुलिस की एक महिला कॉन्सटेबल प्रियंका हैं…

बता दे की इन्होंने एक रोती हुई लावारिस बच्ची को स्तनपान करवाया हैं… आइए बताते हैं की आखिर महिला कॉन्सटेबल प्रियंका को यह बच्ची कहां मिली…. एक व्यक्ति बच्ची को थाने में लेकर आया था… उस व्याक्ति ने बताया कि एक महिला ने रविवार रात को उसको बच्ची को दिया… उसने बच्ची को उसको देते हुए कहा कि वो पानी पीने जा रही है, थोड़ी देर के लिए वह उसको संभाल लें. ऐसा कहकर वह पानी पीने तो गई, लेकिन फिर लौटकर नहीं आई…

बहुत समय तक भी जब उस बच्ची की मां लौटकर नहीं आई तो वह व्यक्ति बच्ची को अपने घर ले गया.. उसने उसको दूध पिलाने की कोशिश की, लेकिन बच्ची ने फिर भी रोना बंद नहीं किया.. आखिर में जब सारे जतन करने के बाद भी वह उस बच्ची का पेट नहीं भर पाया, तो बच्ची को नज़दीक के पुलिस थाने में ले गया… वह व्यक्ति जब रोती हुई बच्ची को थाने में लेकर पहुंचा तो वहां मौजूद कॉन्सटेबल प्रियंका ने उस बच्ची को स्तनपान कराया…. दूध पीते ही बच्ची ने रोना बंद कर दिया… इसके बाद उसको सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया….

ये सब होने के बाद जिस महिला ने बच्ची को अनजान व्यक्ति के हाथों में दिया था, पुलिस ने उसका भी पता लगा लिया है… पुलिस के सामने महिला ने बताया कि जनरल अस्पताल में उसने बच्ची को एक व्यक्ति के हाथों में दिया था.. इसके बाद वह पानी पीने गई थी, लेकिन ‘नशे’ की हालत में होने के कारण उसे याद नहीं था, कि उसने किस जगह पर बच्ची को अजनबी को दिया था…. वैसे यहां आपको इससे मिलती-जुलती एक और कहानी के बारे में याद दिला दें…. इससे पहले बंगलुरू पुलिस की कॉन्सटेबल, अर्चना ने भी एक लावारिस बच्ची को अपना दूध पिलाया था…. उसकी कहानी भी सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंडिंग रही थी…  इन महिलाओं को तो देश का हर व्यक्ति सलाम करता हैं… लेकिन उन महिलाओं पर शर्म करता हैं… जो खुद से जन्मी बेटी को भी पाल नही सकती हैं… समझ यह नही आता की कैसे अपनी बेटी को रोड पर छोड़ कर यह महिला चली जाती हैं.. क्या इनको बिलकुल भी चिंता या परेशानी नही होती अपनी बेटियों की….  ये ऐसी महिलाओं से सबसे बड़ा सवाल हैं….

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