निखिल काले और सत्यम शास्त्री ने यूं छेड़ी डिप्रेशन से जंग

'No One Cares'

कई लोग ऐसे होते हैं जो लाइफ में किसी ऐसी परेशानी में फंस जाते हैं जिसे वो निकल नही पाते… उस परेशानी से ना निकले के चकर में वो लोग डिप्रेशन में चले जाते हैं या तो आत्महत्या करने का ख्याल दिमाग में ले आते हैं.. लेकिन यह सबसे गलत सोच हैं ऐसी ही लोगों की सोच को बदल रहें हैं ऐसे लड़के जिन्हें पढ़ाई में को खास दिलचस्पी तो नही थी लेकिन आज वो लोगों की सोच जरुर बदल रहें हैं… हम जिनके बारे में बात कर रहे हैं वो पुणे के निखिल और इंदौर के सत्यम शास्त्री हैं … जो आज फेसबुक पर ‘No One Cares’ के नाम पर पेज चला रहें हैं…

अब आपको बताते हैं निखिल और सत्यम शास्त्री बारे में… वैसे आप यह तो सोच ही रहें होगे की निखिल पुणे के और सत्यम इंदौर के कैसें…. तो आपको इसके बारे में भी बताएगे… सबसे पहले शुरुआत करते हैं निखिल से.. पुणे के निखिल काले के पिता वकील हैं और मां गृहणी… स्कूल की पढ़ाई खत्म करने के बाद निखिल कॉलेज तो गए लेकिन अभी ग्रैजुएशन पूरा नहीं किया है.. उनका पूरा वक्त सोशल मीडिया को जाता है। ऑनलाइन उनकी मुलाकात सत्यम शास्त्री से हुई जो इंदौर में रहते हैं… उनका हाल भी निखिल की तरह था। पिता एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर और मां गृहणी… पढ़ाई करना उनके लिए भी नामुमकिन हो गया था दोनों के घरवाले अपने बच्चों की सोशल मीडिया की लत से परेशान रहते थे… हालांकि ये दोनों तो साथ मिलकर एक अलग ही कहानी लिख रहे थे जिससे दोनों ने देश-दुनिया में अपनी पहचान बना ली है… सत्यम और निखिल ‘No One Cares’ नाम का फेसबुक पेज चलाते हैं… इस पेज के सहारे वे डिप्रेशन, एंग्जायटी और आत्महत्या के ख्याल से जूझ रहे लोगों को सहारा देते हैं….

मोटिवेशनल कॉन्टेंट और जिंदगी की जंग जारी रहने की हिम्मत देते इस पेज को आज 26 मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं… दोनों सिर्फ 15 हजार रुपयों से इस पेज का पेड-प्रमोशन शुरू किया था…. इससे कुछ ही दिन में इनके कई लाख फॉलोअर हो गए… हालांकि, जब उनके पास पैसे खत्म हो गए तब उन्हें लगा कि यह कहानी यहीं खत्म हो जाएगी… लेकिन ऐसा नही हुआ… उस वक्त उन्हें एहसास हुआ कि उनके पेज का कॉन्टेंट किस हद तक फेसम हो चुका है… वे डिप्रेशन जैसे टॉपिक पर बात कर रहे थे जिससे आमतौर पर चर्चा में शामिल नहीं किया जाता… एक ही दिन में उनके 2 लाख फॉलोअर बढ़ गए…. उन्हें पता चला कि उनके पेज के कॉन्टेंट से लोगों को मदद मिल रही है और यह पेज एक सपॉर्ट सिस्टम की तरह काम कर रहा है। आज उनका पेज विज्ञापनों के जरिए चलता है और दोनों इसका इस्तेमाल लोगों की मदद करने के लिए कर रहे हैं…. निखिल और सत्यम ने कभी नही सोचा था की वो इस कदर लोगों की मदद करेगे…

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