सावधान ! फैल रहा है खतरनाक ‘निपाह’ वायरस, केरल में 16 लोगों की मौत, 25 की हालत गंभीर

फैल रहा है खतरनाक 'निपाह' वायरस, केरल में 16 लोगों की मौत, 25 की हालत गंभीर

फैल रहा है खतरनाक ‘निपाह’ वायरस, केरल में 16 लोगों की मौत, 25 की हालत गंभीर  केरल के कोझीकोड में निपाह वायरस से 16 लोगों की मौत हो गई है। वहीं इस वाइरस की वजह से चार की हालत बेहद गंभीर है। इस वाइरस की चपेट में आए 25 लोगों को निगरानी में रखा गया है। वहीं ये वायरस एक व्यक्ति के शरीर से दूसरे व्यक्ति के शरीर में तेज़ी से पहुंच रहा है। क्योंकि हाल ही में संपर्क में से पीड़िता नर्स की मौत हो गई, जो कि तालुक अस्पताल में काम करती थी. रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती मरीजों के संपर्क में आने के बाद नर्स भी उसकी शिकार हो गई। स्तिथि बेहद गंभीर देख केरल सरकार ने इस पर केंद्र से तत्काल मदद मुहैया कराने की गुहार तक लगाई है। जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एनसीडीसी की टीम को केरल का दौरा करने का आदेश दिया है।

अब केंद्र से नेशनल सेंटर फॉर डीसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की टीम केरल में निपाह वायरस प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इस संबंध में एक कमेटी गठित की है। जो बीमारी की तह तक जाकर इस बीमारी के बारे में पता लगाएगी। वहीं अब आगे इस वाइरस की चपेट में लोग ना आ जाएं इसलिए इसके लिए उपाय किए जा रहे हैं।

आपने शायद ही इस वाइरस का नाम इससे पहले कभी सुना होगा। आपके मन में कई सवाल होंगे कि आख़िर ये निपाह वाइरस है क्या और आखिर कैसे इस वाइरस से किसी की मौत हो सकती है। तो आइए हम आपको बताते हैं कि क्या होता है निपाह वायरस?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक, निपाह वायरस चमगादड़ से फलों में जाता है और फलों से ये वाइरस इंसानों और जानवरों के शरीर में आक्रमण करता है।

इस वाइरस को निपाह नाम क्यों दिया गया इसके पीछे भी एक बड़ी वजह है। दरअसल 1998 में पहली बार मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह में इसके मामले सामने आए थे। इसीलिए इस वाइरस को निपाह वायरस नाम दिया गया।

2004 में बांग्लादेश में इस वायरस के मामले सामने आए थे। मगर ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत में इस वाइरस से किसी की मौत हुई हो। मतलब ये कि भारत में भी इस वाइरस ने दस्तक दे दी है। हालांकि अभी इस वाइरस से जुड़े मामले सिर्फ केरल में ही सामने आए हैं।

इस वाइरस के क्या लक्षण है और इसे आप कैसे पहचान सकते हैं ये भी हम आपको बता रहे हैं।

सांस लेने में होती है दिक्कत

इस वायरस से प्रभावित शख्स को सांस लेने की दिक्कत होती है फिर दिमाग में जलन महसूस होती है। तेज बुखार आने लगता है। आखिर में वक्त पर जल्दी और सही इलाज नहीं मिलने पर मौत हो जाती है।

कोई वैक्सीन नहीं

सबसे परेशानी की बात तो ये है कि इस वाइरस से निपटने के लिए इंसान या जानवरों के लिए कोई वैक्सीन ही नहीं है। इससे प्रभावित शख्स को आईसीयू में रखकर ही इलाज करना होता है।

पेड़ से गिरे फलों को न खाएं

इस बीमारी से बचने के लिए फिलहाल तो बस एक ही रास्ता है कि फलों, खासकर खजूर खाने से बचना चाहिए। पेड़ से गिरे फलों को नहीं खाना चाहिए। बीमार सुअर और दूसरे जानवरों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। ये भी ध्यान रखे कि अगर कोई व्यक्ति इस वाइरस की चपेट में आ गया है तो आप उससे दूरी बनाकर रखें। साथ ही अगर आप हॉस्पिटल जा रहे हैं तो मास्क का इस्तेमाल करें। इसके अलावा इस वायरस से जुड़ी हर ख़बर पर अपडेट लेते रहें।

 

 

 

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